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रमौआ बस स्टेण्ड, सरकारी जमीन को अपनी बता लोग पहुंचे हाईकोर्ट

ग्वालियर। रमौआ बांध के पास बन रहे शासकीय भूमि पर बस स्टेण्ड का 70%  कार्य पूर्ण हो चुका है। विगत दिनों कुछ लोगों ने शासकीय भूमि को अपनी बताकर हाईकोर्ट में याचिका दायर कर दी। इस याचिका के चलते विगत 15 दिन पहले हाईकोर्ट ने स्टे जारी कर दिया, जिसके चलते फिलहाल रमौआ बस स्टेण्ड का कार्य ठप पड़ा हुआ है। निगम अधिकारियों को उम्मीद है कि यह स्टे एक सप्ताह के अंदर हट जाएगा, अगर नहीं हट पाया तो ग्वालियर में इलेक्ट्रिक बसें संचालित करने का प्रोजेक्ट ठप हो सकता है।
प्रोजेक्ट का 70% कार्य पूर्ण, कोर्ट से मिला स्टे
ग्वालियर में इलेक्ट्रिक बसों को चलाने के लिए रमौआ पर बस स्टेण्ड बनाया जा रहा है। एमओए बंध के पास आगरा हाईवे किनारे बस स्टेण्ड का निर्माण कर रहा है, यहां पर बसों के रखरखाव और पार्किंग के लिए स्थल का निर्माण किया जा चुका है। साथ ही यहां पर यात्रियों के लिए स्टेण्ड भी बनाया जा रहा है। इसके साथ ही यहां बसों को चार्ज करने के लिए चार्जिंग स्टेशन का निर्माण किया जा रहा है। यह कार्य लगभग 70%  पूर्ण हो चुका है। इसी दौरान विगत दिनों आसपास के लोगों ने इस जमीन को अपनी बताकर हाईकोर्ट से स्टे ले लिया है, जिसके चलते अब यह पूरा प्रोजेक्ट खटाई में पड़ गया है।
11.50 करोड़ में तैयार हो रहा है बस स्टेण्ड
नगर निगम द्वारा 11.50 करोड़ की लागत से बस स्टेण्ड को तैयार किया जा रहा है, इसमें 4.29 करोड़ की लागत से सिविल एवं इलेक्ट्रिक कार्य, 7.31 करोड़ की लागत से चार्जिंग के लिए HT  कनेक्शन लिया जाना है।
60 बसों का होगा संचालन
ग्वालियर को 100 इलेक्ट्रिक बसें मिलनी हैं, इसमें से 60 बसों का संचालन रमौआ बांध स्थित बस स्टेण्ड से किया जाएगा, जबकि 40 बसों का संचालन ISBT  से किया जाएगा। रमौआ बस स्टेण्ड से शहर के आधे से ज्यादा हिस्से को कवर किया जाएगा, इसके साथ ही यहां से ISBT  के लिए भी बसें संचालित होंगी।

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