शहरवासी पेयजल को लेकर चिंतित न हों, दो साल के लिये उपलब्ध है पानी-तुलसीराम सिलावट
तिघरा जलाशय से जल रिसाव रोकने पर होंगें 19 करोड़ खर्च
ग्वालियर जिले के प्रभारी एवं जल संसाधन तुलसीराम सिलावट ने कहा है कि ग्वालियर शहरवासी पेयजल को लेकर जरा सी भी चिंता न पालें। तिघरा एवं उससे जुडे जलाशयों में इतना पानी उपलब्ध है, जिससे अगले 600 दिनों अर्थात लगभग दो साल तक निर्वाध रूप से पेयजल आपूर्ति आसानी से हो सकेगी। प्रभारी मंत्री ने मंगलवार को जनप्रतिनिधियों एवं वरिष्ठ अधिकारियों के साथ तिघरा जलाशय का जायजा लिया और जल वितरण व्यवस्था की वस्तुस्थिति जानी।
प्रभारी मंत्री ने इस अवसर पर जानकारी दी कि तिघरा जलाशय के मुख्य बंधान से पानी का रिसाव रोकने के लिए तकनीकी परीक्षण करा लिया गया है। साथ ही टेंडर की प्रक्रिया भी पूर्ण हो गई है। लगभग 19 करोड़ की लागत से उच्च तकनीक के साथ जल रिसाव रोकने का कार्य किया जाएगा।
इस अवसर पर भाजपा जिलाध्यक्ष ग्रामीण कौशल शर्मा, मोहन सिंह राठौर व आशीष प्रताप सिंह राठौर सहित अन्य जनप्रतिनिधिगण, कलेक्टर कौशलेन्द्र विक्रम सिंह, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अमित सांघी, नगर निगम आयुक्त किशोर कन्याल, मुख्य अभियंता जला संसाधन श्री झा एवं अधीक्षण यंत्री पीएचई नगर निगम आरएलएस मौर्य सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद थे।
प्रभारी मंत्री ने इस अवसर पर नगर निगम, जल संसाधन एवं पीएचई के अधिकारियों को निर्देश दिये कि शहर की जल वितरण व्यवस्था पूरी तरह सुदृढ रखें, जिससे शहर के हर घर तक पेयजल उपलब्ध हो सके। इसमें किसी भी प्रकार की ढिलाई न हो।
भ्रमण के दौरान मंत्री ने जानकारी दी कि तिघरा जलाशय का वर्तमान जल स्तर लगभग 732 फीट है और करीबन 2 हजार 850 एमसीएफटी पानी उपलब्ध है। ग्वालियर शहर के लिये हर दिन लगभग 10 से 12 एमसीएफटी पानी की जरूरत होती है। अकेले तिघरा जलाशय से ही लगभग 200 दिनों तक शहर की पेयजल आपूर्ति हो सकेगी। इसके अलावा तिघरा डेम से जुडे अपर ककैटो-ककैटो-पेहसारी जलाशयों में 5500 एमसीएफटी पानी वर्तमान में उपलब्ध है, जिससे शहर को 400 दिनों तक पानी मिल सकेगा। इस प्रकार अगले 600 दिनों तक शहर को आसानी से और लगातार पेयजल उपलब्ध होता रहेगा। अपर ककैटो-ककैटो-पेहसारी से कैनाल के जरिये तिघरा जलाशय भरने के लिये पानी छोड दिया गया है।

