राष्ट्रीय चंबल अभयारण्य देश की महत्वपूर्ण प्राकृतिक धरोहर, राष्ट्रीय चंबल घड़ियाल अभयारण्य के प्राकृतिक आवास में छोड़े 10 घड़ियाल : मुख्यमंत्री
वन्य जीव पर्यटन का वैश्विक केंद्र बनकर उभर रहा है मध्यप्रदेश
घड़ियालों के अलावा चंबल नदी में डॉल्फिन के भी पुनर्वास की है प्रबल संभावना
मुख्यमंत्री ने राष्ट्रीय चंबल घड़ियाल अभयारण्य के प्राकृतिक आवास में छोड़े 10 घड़ियाल
ग्वालियर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश वन्य जीव पर्यटन का एक वैश्विक केंद्र बनकर उभर रहा है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में मुरैना क्षेत्र में पर्यटन को विकसित करने के लिए सरकार संकल्पित है। मुख्यमंत्री ने भविष्य में माधव राष्ट्रीय उद्यान को टाइगर रिजर्व का दर्जा दिलाने की प्रतिबद्धता दोहराते हुए कहा कि हम मध्यप्रदेश के वनों में सभी प्रकार के वन्य जीवों के संरक्षण के लिए सक्षम हैं और इस दिशा में हमारे प्रयास जारी रहेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मुरैना स्थित देवरी घड़ियाल केंद्र से चंबल नदी में 10 घड़ियालों (9 मादा और 1 नर) को उनके प्राकृतिक आवास में छोड़ने के पश्चात मीडिया से चर्चा में यह महत्वपूर्ण जानकारियां साझा कीं। इस अवसर पर उनके साथ बोट पर विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर, खजुराहो सांसद वी.डी. शर्मा सहित वन विभाग के अधिकारी उपस्थित थे।
दुनियाभर में करीब 3000 हैं घड़ियाल
भारत ही नहीं, पूरे विश्व में सर्वाधिक घड़ियाल चंबल नदी में पाए जाते हैं। दुनियाभर में करीब 3000 घड़ियाल हैं। इनमें से 85 प्रतिशत सिर्फ चंबल नदी में हैं। मध्यप्रदेश में वर्ष-1978 में चंबल नदी के इस प्रक्षेत्र को वन्य-जीव अभयारण्य के रूप में मान्यता दी गई थी। राष्ट्रीय चंबल अभयारण्य मुरैना में सन् 1981 से घड़ियाल ग्रो एण्ड रिलीज प्रोग्राम शुरु किया गया था। तब चंबल नदी में घड़ियाल की संख्या 100 से कम थी। उक्त प्रोग्राम से घड़ियाल पुनर्वास केंद्र देवरी पर प्रति वर्ष चंबल नदी से दो सौ अंडे लाकर देवरी केंद्र में घड़ियाल के शावकों को पालकर 120 सेंटीमीटर का होने पर प्राकृतिक आवास में छोड़ दिया जाता हैं।
चंबल अभयारण्य में कुल 2456 घड़ियाल
मुरैना वन विभाग के अनुसार चंबल अभयारण्य में प्रति वर्ष जलीय जीवों का सर्वेक्षण माह फरवरी में किया जाता हैं। वर्ष 2024 की गणना में चंबल अभयारण्य में कुल 2456 घड़ियाल पाये गये थे। घड़ियाल पुनर्वास केंद्र पर 2024 बैच के 70,2023 बैच के 95, 2022 बैच के 85, 2021 बैच के 38 इस तरह कुल 288 घड़ियाल थे। इस वर्ष 108 घड़ियाल चंबल में छोड़ने की अनुमति वन विभाग को प्राप्त हुई है। जिनमें से 13 जनवरी 2025 को 4 नर, 21 मादा कुल 25, 19 जनवरी 2025 को 2 नर, 30 मादा कुल 32, 29 जनवरी 2025 को 10 नर, 11 मादा कुल 21, 6 फरवरी 2025 को 12 नर, 8 मादा कुल 20, इस वर्ष अभी तक 98 घड़ियाल रिलीज किए जा चुके हैं। वन्य जीव पर्यटन के शौकीन पर्यटकों के लिए यहां चंबल बोट सफारी की व्यवस्था की गई है, जो अब काफी प्रसिद्ध हो गई है।

