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भाजपा प्रदेश अध्यक्ष के नाम का फैसला GIS के बाद होगा

भोपाल. भाजपा प्रदेश अध्यक्ष का चुनाव टलता जा रहा है लेकिन दावेदार अपनी सक्रियता बनाए हुए है। उध यह तय है कि चुनाव में शीर्ष नेतृत्व का निर्णय ही सर्वमान्य होगा। इस निर्णय में अहम रोल निभाएगा भाजपा सांसदों और विधायकों का फीडबैक। इसकी शुरूआत हो चुकी है। बारी-बारी से सांसद, विधायकों की राय ली जा रही है। फीडबैक से प्रदेश प्रवास पर आ रहे शीर्ष नेतृत्व को अवगत कराया जा सकता है।
जीआईएस के बाद होगा फैसला
बता दें कि राजधानी भोपाल में 24 से 25 फरवरी को ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट होने वाली है। इसकी तैयारियों में मुख्यमंत्री मोहन यादव, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा से लेकर प्रदेश के बडे-बडे दिग्गज नेता जुटे हुए है। इसी के चलते भाजपा प्रदेश अध्यक्ष का चुनाव टल गया है। अब प्रदेश अध्यक्ष का चुनाव ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट के बाद ही होगा।
संतुलन साधने की कवायद
नए अध्यक्ष की नियुक्ति को लेकर राष्ट्रीय संगठन फूंक-फूंककर कदम रख रहा है क्यों कि मप्र में भाजपा संगठन सबसे मजबूत है। देशभर में नजीर के रूप में देखा जाता है। ऐसे में हर द्रष्टिकोण से परिपक नेता को ही कमान सौंपी जाएगी। यही वजह है कि वरिष्ठ नेताओं के साथ कुछ महत्वपूर्ण सांसद और विधायकों से इसीलिए फीडबैक लिया जा रहा है। माना जा रहा है कि यह पूरा काम राष्ट्रीय नेतृत्व के निर्देशन में ही किया जा रहा है जिसके बाद तीन नामों का पैनल बनाकर शीर्ष नेतृत्व के समक्ष रखा जाएगा। प्रदेश के नेताओं को चुनाव अधिकारी के दौरे का इंतजार है। धर्मेंद्र प्रधान के पहले दौरे में ही नए प्रदेश अध्यक्ष को लेकर तस्वीर साफ हो सकती है।

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