पथराव में तहसीलदार शिवानी पांडे सहित पुलिस भी घायल, सरकारी जमीन रखी थी मूर्ति, प्रशासन और पुलिस के बीच पथराव
ग्वालियर. मप्र में डॉ. भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा सरकारी जमीन हटाने को लेकर बवाल मच गया है। लोगों ने पुलिस पर पथराव किया जिसमें पुलिसकर्मी और प्रशासनिक अधिकारी पैर में पत्थर लगने से घायल हो गये है। पत्थरबाजी में पुलिस के वाहन और तहसीलदार शिवानी पांडेय का वाहन भी क्षतिग्रस्त हो गया है। यह मामला ग्वालियर जिले के भितरवार तहसील के चरखा गांव का है। जहां सरकारी भूमि पर संविधान निर्माता डॉक्टर भीमराव अम्बेडकर की मूर्ति रखने पर जमकर हंगामा हुआ है। प्रशासन जिस जगह नया पंचायत भवन और पानी की टंकी बनाने की योजना बना रहा था। उस जमीन पर शुक्रवार की रात किसी ने बाबा साहब की मूर्ति रख दी। शनिवार की दोपहर को प्रशासन ने मूर्ति हटाने की कोशिश की तो लोग भड़क गये और पथराव कर दिया । जिसमें तहसीलदार शिवानी पांडेय की बोलेरो जीप और पुलिस के 3 वाहन क्षतिग्रस्त हो गये। पूरे गांव में तनाव का वातावरण बना हुआ है।
पुलिस ने पथराव के बाद किया लाठीचार्ज
सरकारी जमीन पर मूर्ति का स्थापना पता लगने के बाद ही बड़ी संख्या में पुलिस और प्रशासन का अमला एसडीएम अश्विनी रावत, तहसीलदार शिवानी पांडेय, और थाना प्रभारी प्रशांत शर्मा के साथ घटनास्थल पर पहुंचे। ग्रामीणों को समझाने का प्रयास किया। लेकिन वह मानने को तैयार नहीं थे। पुलिस ने मूर्ति को हटाने का प्रयास किया तो ग्रामीणों ने घरों की छतों से जमकर पत्थरबाजी की। इस घटना में प्रशासन की बोलेरा जीप सहित पुलिस के 3 वाहन क्षतिग्रस्त हो गये। पुलिस कर्मियों को भी पत्थर लगने से चोट आयी है। स्थिति बिगड़ने पर पुलिस प्रशासन ने भी ग्रामीणों वलपूर्वक खदेड़ा। गांव में तनाव की स्थिति बन गयी है। आसपास के थानों से भारी तादाद हमें पुलिस बल भितरवार क्षेत्र में भेजा गया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए ग्वालियर कलेक्टर, एसएसपी अमित सांघी भी भितरवार पहुंच गये है और फिलहाल स्थिति नियंत्रण में हैं।
3 माह में तीसरा मामला
ग्वालियर जिले में 3 महीने के भीतर यह तीसरी घटना है। जिसमें शासकीय भूमि पर अम्बेडकर की प्रतिमा रखी गयी है। भितरवार के गोहिन्दा का मामला भी इसी तरह का था। जहां निजी भूमि पर डॉक्टर अम्बेडकर की प्रतिमा स्थापित कर दी गयी है। उसके बाद विवाद काफी बढ़ गया था इस मामले में राजनीतिक रूप ले लिया था।

