नर्मदा की स्वच्छता को लेकर मंत्री विजयवर्गीय की बड़ी घोषणा
भोपाल. विधानसभा में नर्मदा नदी में मिल रहे गंदे नालों को लेकर ध्यानाकर्षण के दौरान हंगामा हुआ। कांग्रेस के जबलपुर से विधायक लखन घनघोरिया ने ध्यानाकर्षण के माध्यम से इस मुद्दे को उठाते हुए कहा कि वर्षों से एक ही जवाब दिया जा रहा है, लेकिन धरातल पर स्थित कुछ और ही है। गंदे नालों का पानी मां नर्मदा में मिल रहा है। वह हमारी धार्मिक आस्थाओं का केंद्र है। नगरीय प्रशासन एवं आवास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने इसका उत्तर देते हुए कहा कि मुख्यमंत्री ने जब यह ध्यानाकर्षण आया तो फोन कर कहा कि यह पूरे प्रदेश से जुड़ा हुआ विषय है। सरकार पूरी तरह से गंभीर है और यह आश्वासन देती है कि आगामी 2 वर्ष में नर्मदा नदी में गंदे नालों के पानी को मिलने से रोकेगी। कार्ययोजना बनाकर कार्य किया जाएगा।
चर्चा के दौरान जब भाजपा के सदस्यों ने यह कहा कि महापौर चुनाव के समय 100 दिन में नर्मदा नदी में गंदे नाले को मिलने से रोकने की घोषणा की गई थी, पर कुछ नहीं हुआ। इस पर लखन घनघोरिया ने कहा कि ऐसा लगता है कि मां नर्मदा भगवान शिव की मानस पुत्री नहीं बीजेपी की मानस पुत्री है। उनकी इस टिप्पणी को लेकर हंगामा हो गया। सत्ता पक्ष के सदस्यों ने आपत्ति जताई। लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह ने कहा कि इस तरह की अमर्यादित टिप्पणी को बर्दाश्त नहीं किया जा सकता है।
नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ने कहा कि सरकार पूरी गंभीरता के साथ अपनी बात रख रही है लेकिन मां नर्मदा, जो हम सबके लिए आस्था का केंद्र है उसको लेकर ऐसी टिप्पणी करना बर्दाश्त नहीं किया जा सकता है। लखन घनघोरिया को सदन में माफी मांगनी चाहिए। काफी देर तक इस पर दोनों पक्षों की ओर से इस पर बस होती रही। सभापति राजेंद्र कुमार सिंह ने कहा कि कार्यवाही को देखने के बाद यह निर्णय लिया जाएगा कि क्या और कितना विलोपित किया जाना है।

