तहसीलदार 1 लाख रूपये की रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार, लोकायुक्त टीम ने दिया कार्यवाही को अंजाम
शिवपुरी. खनियाधाना तहसील क्षेत्र के नगर में आज लोकायुक्त पुलिस ने छापामार कार्यवाही का अंजाम देते हुए तहसीलदार को 1 लाख रूपये रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। आपको बता दें कि खनियाधाना जनपद के ग्राम बरसोला पंचायत के उमाशंकर लोधी ने 5 जुलाई को लोकायुक्त ग्वालियर को शिकायत दर्ज करायी थी। खनियाधाना तहसीलदार उनसे 3 लाख रूपये मांग रहा था। उमाशंकर लोधी ने लोकायुक्त की टीम को बताया था कि उनके द्वारा ग्राम बरसोला में सरपंच पद के प्रत्याशी के रूप में चुनाव लड़ा गया था। जिनमें उसकी 5 वोटों से जीत हुई थी। लेकिन उसका प्रमाण पत्र नहीं मिला, यह 14 जुलाई को मिलना था।
तहसीलदार लगातार सरपंच को डरा रहा था
वहीं, इस बात को लेकर खनियाधाना तहसीलदार सुधाकर तिवारी ने उससे संपर्क कर कहा था कि प्रतिद्वंदी प्रत्याशी जीत का प्रमाण बदलवाने के लिये पीछे पड़ा हुआ था। अगर वह उसे 3 लाख रूपये दे देता है तो सरपंच पद के जीत का प्रमाण पत्र उसे दे दिया जायेगा। नहीं तो कुछ भी हो सकता है। उमाशंकर लोधी का कहना है कि जीत के बाद उन्हें हार का डर सता रहा था। इसीलिये उसने तहसीलदार सुधाकर तिवारी की बात को मानते हुए पूरी डील 1.50 लाख रूपये में तय हो गयी थी। जिसके 50 हजार रूपये पहले दे दिये गये और आज 1 लाख रूपये की राशि देनी थी।
तहसीलदार निवास पर रंगे हाथों पकड़ाया
लोकायुक्त में शिकायत के बाद वह तहसीलदार के सरकारी निवास पर पहुंचा, जहां लोकायुक्त पुलिस ने तहसीलदार सुधाकर तिवारी को 1 लाख की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया।लोकायुक्त पुलिस ग्वालियर के टीआई कवींद्र सिंह चौहान का कहना है कि सरपंच 5 वोट से विजयी हुआ था, जिसका प्रमाणपत्र जारी करने के एवज़ में 3 लाख रुपए की रिश्वत मांगी थी।

