जीवाजी क्लब में किरकिरी के बाद खुली आंखें, अब आइडी से ही मिलेगा कमरा
ग्वालियर. जीवाजी क्लब में क्राइम ब्रांच की छापेमारी में जुए का अड्डा सामने आने के बाद जीवाजी क्लब की जमकर किरकिरी हुई है। दुनियाभर में 100 से ज्यादा क्लबों से संबद्व जीवाजी क्लब में ऐसा होगा,यह किसी ने कल्पना नहीं की थी। इसी मामले से सबक लेते हुए अब जीवाजी क्लब प्रबंधन सुरक्षा मानकों पर सबसे ज्यादा ध्यान दे रहा है। क्लब के मेन गेट पर गार्ड रूम में ही सीसीटीवी कैमरों की स्क्रीन पर गार्ड नजर रखेंगे, जिससे कुछ भी अजीब दिखेगा तो तत्काल रिपोर्ट देंगे। इसके अलावा स्थानीय मेंबर को कमरा तभी मिलेगा जब वह अपने गेस्ट की आइडी जमा कराएगा। मेंबरों की सिफारिश नहीं चलेगी। सीसीटीवी कैमरों की संख्या बढ़ाने का काम भी शुरू हो गया है।
बता दें कि जीवाजी क्लब में क्राइम ब्रांच की टीम ने छापेमारी की थी। जीवाजी क्लब के कमरा नंबर 4 में जुआ खिलते हुए मिला, जहां मौके से क्लब के सदस्य व कारोबारी राकेश गुप्ता सहित 11 लोगों को पकड़ा गया। राकेश गुप्ता की आइडी पर ही कमरा बुक किया गया था और क्लब के सुपरवाइजर संदीप शर्मा ने 4 हजार रुपये रोजाना के हिसाब से किराए पर दिया। संदीप से जुड़ी एक कड़ी कमलेश जटारिया जुआरियों को लेकर आता था। इस तरह यहां क्लब में जुआ खिलाने का अवैध कारोबार किया जा रहा था। क्लब में मुखबिरी का कोई डर नहीं था। आमतौर पर होटलों में कमरा लेकर जुआ खेलने वालों को पुलिस की दबिश का डर रहता है इसलिए रिस्क रहती थी। क्लब का नाम बड़ा है और परिसर में कोई शक नहीं करता था कि कमरों में जुआ चल रहा होगा। राकेश गुप्ता को निलंबित करने के बाद नोटिस जारी किया गया है और आगामी प्रक्रिया में निष्कासन होगा।
अब गेट पर बढ़ी सख्ती, हो रही पूछताछ़ जीवाजी क्लब के गेट से अंदर जाने के लिए अब पूरा परिचय लिया जा रहा है। क्लब के पदाधिकारी के अलावा मेंबरों तक को रोककर पुष्टि की जा रही है। खुद क्लब के पदाधिकारियों ने यह निर्देश दिए हैं। अंदर भी स्टाफ को कहा गया है कि कोई भी बाहरी व्यक्ति नहीं दिखना चाहिए कोई दिखे तो इसकी तत्काल सूचना दी जाए। इस सख्ती के कारण ऐसे लोग भी आना कम हो गए हैं जो अपनी पहचान के क्लब मेंबरों का नाम लेकर अंदर घुस जाते थे।

