जल जीवन मिशन के कार्यों को सर्वोच्च प्राथमिकता दें – संभाग आयुक्त
ग्वालियर जल-जीवन मिशन के तहत किए जा रहे कार्यों में शतप्रतिशत स्कूल एवं आंगनबाड़ी केन्द्रों पर पेयजल कनेक्शन हो यह सुनिश्चित किया जाए। किसी भी जिले में एक भी स्कूल एवं आंगनबाड़ी केन्द्र बिना नल कनेक्शन के नहीं रहना चाहिए। जल जीवन मिशन का कार्य केन्द्र सरकार एवं प्रदेश सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता का कार्य है। संभागीय आयुक्त दीपक सिंह ने सोमवार को जल जीवन मिशन के कार्यों की समीक्षा बैठक में यह बात कही।
बैठक में लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के सीई ग्वालियर आरएलएस मौर्य, एसई वीके छारी सहित जल निगम के अधिकारी और विभागीय कार्यपालन अधिकारी लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के साथ ही विद्युत विभाग के अधिकारी भी उपस्थित थे। निर्धारित अवधि के पश्चात भी अगर कोई केन्द्र बिना नल कनेक्शन के पाया जायेगा तो संबंधित कार्यपालन यंत्री के विरूद्ध दण्डात्मक कार्रवाई होगी।
समीक्षा के दौरान उन्होंने विद्युत विभाग के अधिकारियों को यह स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि नल-जल योजना के तहत अगर विद्युत बिल बकाया है तो भी विद्युत कनेक्शन विच्छेद न किया जाए। ऐसी स्थिति में संबंधित जिले के कलेक्टर और सीईओ जिला पंचायत को अवगत कराया जाए ताकि विद्युत बिल जमा हो सकें। राशि जमा होने के आभाव में विद्युत कनेक्शन न काटा जाए।
बैठक में संचालित समूह जल योजनाओं की समीक्षा में राजघाट समूह जल प्रदाय योजना, गौपीकृष्ण सागर समूह जल प्रदाय योजना, मणिखेड़ा समूह जल योजना, बसई समूह जल योजना, महुअर समूह जल प्रदाय योजना तथा दतेहरा समूह जल योजना की समीक्षा की गई। समूह योजनाओं में अन्य विभागों से समन्वय का कोई विषय हो तो उसे समन्वय समिति की बैठक में रखें ताकि कार्य तेजी से पूर्ण किए जा सकें।
वहाँ पर विभाग, बाउण्ड्रीवॉल का निर्माण कर अपना बोर्ड अवश्य लगवाएँ। कोई भी आवंटित भूमि बिना बाउंड्रीवॉल के न रहे। जिन जिलों में जमीन आवंटन का मामला लंबित है वहाँ के जिला कलेक्टरों को भी पत्र लिखवाया जाए। कलेक्टर द्वारा प्रति सप्ताह ली जाने वाली टीएल बैठक में भी विभागीय अधिकारी योजनाओं में आ रही दिक्कत अथवा जमीन के संबंध में अपना पक्ष अवश्य रखें।

