जयंत मलैया के बहाने भाजपा के कई दिग्गज नेताओं ने की संगठन की घेराबंदी
भोपाल. मध्य प्रदेश के दमोह में रविवार को पूर्व मंत्री व दिग्गज भाजपा नेता जयंत मलैया के अमृत महोत्सव में हुए एक घटनाक्रम ने पार्टी को ही चौंका दिया। दमोह विधानसभा उपचुनाव में भाजपा प्रत्याशी की हार के बाद पार्टी द्वारा मलैया को दिए नोटिस को राष्ट्रीय महासचिव कैलाश विजयवर्गीय ने गलत बताते हुए हाथ जोड़कर मंच से ही उनसे माफी मांगी। यह घटनाक्रम संकेत है कि फिलहाल तो प्रदेश भाजपा में सब कुछ सहज नहीं चल रहा। ऐसे घटनाक्रम से भाजपा के असंतुष्टों को ताकत भी मिली है। दरअसल, नोटिस देने का निर्णय अकेले प्रदेश भाजपा संगठन, खासतौर से प्रदेशाध्यक्ष विष्णु दत्त शर्मा ने नहीं लिया था, बल्कि जिला संगठन की रिपोर्ट और केंद्रीय मंत्री प्रहलाद पटेल द्वारा उठाए गए मुद्दों के आधार पर मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान और प्रदेश संगठन महामंत्री सहित अन्य वरिष्ठ नेताओं की सहमति के बाद हुआ था।
ऐसे में राजनीतिक जानकारों का कहना है कि संगठन के फैसले को गलत ठहराना सवाल खड़ा करता है कि यह बदलाव के लिए घेराबंदी तो नहीं है। यह भी माना जा रहा है कि इस घटनाक्रम के पीछे कई अन्य कारण भी हैं। जैसे मलैया की सेवाएं आगे भी लिए संबंधी बयान का अर्थ यह भी लगाया जा सकता है कि पार्टी ने असंतुष्ट नेताओं के सामने घुटने टेक दिए हों।

