कश्मीर में जल्द होगा आतंकवाद का जड़ से सफाया, सीआरपीएफ ने बताया एक्शन प्लान
जम्मू कश्मीर. केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल यानी सीआरपीएफ के एक वरिष्ठ अधिकारी का कहना है कि अगर उनकी फोर्स को कश्मीर में आतंकवाद रोधी अभियानों में मुख्य भूमिका निभाने के लिए कहा जाता है तो वह इसके लिए पूरी तरह तैयार हैं। उन्होंने कहा कि पिछले तीन साल में घाटी में सुरक्षा की स्थिति में काफी सुधार हुआ है, लेकिन हमारी फोर्स सतर्कता बरतते हुए आपराधिक तत्वों पर पैनी नजर रख रही है। सीआरपीएफ के महानिरीक्षक (कश्मीर अभियान) एमएस भाटिया ने कहा, सीआरपीएफ के पास ऐसे (आतंकवाद रोधी) परिदृश्यों में प्रभावी ढंग से काम करने की दक्षता, क्षमता, प्रशिक्षण और तकनीक मौजूद है, इस मामले में मैं बस यही कह सकता हूं।
सरकार लेगी फैसला
दावा किया गया था कि केंद्र सरकार कश्मीर में सक्रिय तौर पर चरणबद्ध तरीके से सेना हटाने पर विचार कर रही है।
भाटिया ने कहा, यह एक नीतिगत मुद्दा है, जिस पर उच्चतम स्तर पर फैसला किया जाता है। और हमें जो भी आदेश दिया जाएगा, हम उसका पालन करेंगे। अब भी, हम सेना और जम्मू कश्मीर पुलिस के साथ अभियान में सक्रिय रूप से शामिल हैं।
तेजी से सामान्य हुए हालात
हालांकि, सीआरपीएफ महानिरीक्षक ने आगे कहा, ‘हम ये दावा नहीं कर रहे हैं कि हमने आतंकवाद को जड़ से मिटा दिया है, लेकिन पहले जैसी स्थिति की तुलना में (आतंकवादी घटनाओं की) संख्या कम हुई है, (आतंकवादी संगठनों में) युवाओं का शामिल होना कम हो गया है। हो सकता है कि कुछ भटके हुए युवा आतंकवाद में शामिल होते हों, लेकिन उन्हें भी बहुत तेजी से समाप्त किया जा जा रहा है। भाटिया ने कहा कि अब खुफिया नेटवर्क ‘बहुत अच्छा’ है, जो अपराधियों पर नजर रखने में मदद करता है। इसलिए कानून व्यवस्था की स्थिति में काफी सुधार हुआ है, जबकि पत्थरबाजी की घटनाएं समाप्त हो गयी हैं।

