सेंट्रल जेल में बहन-भाईयों को वीडियो कॉफ्रेंसिंग के जरिये कराई मुलाकात तो बहनों के छलकें आंसू, टीका नहीं कर सकी बहनें
ग्वालियर. शनिवार को दीवाली की भाईदूज पर केन्द्रीय जेल में बहनों ने भाईयों से ONLINE मुलाकात की है। VIDEO कॉन्फ्रेसिंग के माध्यम से बहनों ने अपने भाइयों के चेहरे देखे और शुभकामनायें भी दी, पर वह टीका नहीं कर सकी है। कोविड़ के चलते जेल में खुली मुलाकात पर प्रतिबंध है। इसलिये जेल प्रबंधन ने इस तरह की मुलाकात का आइडिया निकाला था। इसमें समय जरूर लग रहा था पर यह पूरी तरह सुरक्षित थी। इसमें जेल के भीतर 3 अलग-अलग रूम बनाकर VIDEO कॉफ्रेंसिग की व्यवस्था की गयी थी। मध्यप्रदेश की सभी जेलों में इसी तरह भाईदूज पर व्यवस्था की गयी है। दोपहर तक 225 से अधिक महिलायें VIDEO कॉफ्रेंसिंग पर मुलाकात कर चुकी थी।
वैसे तो केन्द्रीय जेल में रक्षाबंधन होती और दीपावली की भाईदौज पर जेल में बंदियों को उनकी बहनों से खुले परिसर में मुलाकात का मौका मिलता था। लेकिन पिछले 2 वर्षो से कोविड़ के चलते भाईदौज पर होने वाली मुलाकात पूरी तरह से बन्द थी। जब कोविड का कम हुआ तो जेल में सामान्य मुलाकात VIDEO कॉफ्रेंसिंग के माध्यम से शुरू की गयी थी। दीवाली के बाद शनिवार को भाईदौज पर सैकड़ों की संख्या में बहनों के केन्द्रीय जेल में पहुंचने की आशंका थी। बहनें निराश न हो इसके लिये जेल प्रबंधन ने भी सारे इंतजाम कर रखे थे। सुबह 8 बजे से ही जेल में बहनें और भाईयों की ऑनलाइन मुलाकात शुरू करायी गयी। सेन्ट्रल JAIL में भीतर 3 केबिन बनाये गये। जहां कम्प्यूटर और बड़ी टीवी स्क्रीन लगाई गयी। उस नेटवर्क से कनेक्टर वीडियो कॉफ्रेंसिंग कके माध्यम मुलाकात करायी गयी।

स्क्रीन पर भाई को देखकर बहन के छलके आंसू
कांविड के चलते कई बनहें तो एक -एक साल से जेल में बन्द अपने भाईयों से नहीं मिल पायी थी। जब बहनों ने वीडियो कॉफ्रेंसिंग पर भाईयों से बात की तो अधिकतर भाई बहनों के आंसू झलक आये। बहनों ने ऑनलाइन अपने -अपने भाईयों को देखा, बात की लेकिन परंपरा के मुताबिक वह भाईदूज पर तिलक नहीं सकीं। लेकिन अपने भाईयों को सकुशल देखकर संतुष्ट भी नजर आयी।
शाम तक 1200 बहनों के मिलाई का टारगेट
जेल अधीक्षक मनोज साहू का कहना है कि भाईदूज पर बहनें जेल में बंद अपने भाइयों से मिलने आती हैं। हर बार की तरह इस बार भी महिलाओं का आना जारी है। शाम तक 1200 से ज्यादा बहनों को भाई से ऑनलाइन मुलाकात कराने का टारगेट है। जेल में कोविड गाइड लाइन का पूरी तरह पालन किया जा रहा है। सेन्ट्रल जेल प्रबंधन ने बाहर से आने वाली बहनों को जेल गेट पर थर्मल स्क्रीनिंग, मास्क और सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करने के बाद ही अंदर जाने दिया। जगह-जगह पर सेनिटाइजर रखवाया गया था। जिससे कोरोना संक्रमण न फैले।

