वीरता, कर्तव्यनिष्ठा और सेवा भावना से चिरकाल तक प्रेरणा देते रहेंगे शहीद पुलिस जवान : मुख्यमंत्री

सरकार, पुलिस प्रशासन और सम्पूर्ण समाज है शहीदों के परिजन के साथ
भोपाल : मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने वीर पुलिस जवानों की शहादत को नमन करते हुए कहा कि यह दिवस प्रत्येक वर्दीधारी के लिए प्रेरणा का पुंज है। मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 1959 की वह ठंडी सुबह आज भी हमारे मन में गहराई से अंकित है। लद्दाख के हॉट स्प्रिंग्स क्षेत्र में हमारे 10 वीर पुलिस जवानों ने देश की रक्षा करते हुए अपने प्राणों की आहुति दी थी। उनके बलिदान के उपरांत ही भारत में पुलिस स्मृति दिवस मनाने की परंपरा प्रारंभ हुई। हमारे वीर जवानों ने वर्ष 1959 में जिस अदम्य साहस के साथ चीन की हरकतों का सामना किया, वह 10 हजार जवानों के साहस के बराबर था। “हमारे लिए यह दिवस एक पर्व की तरह है, क्योंकि अपने कर्तव्य की बेदी पर प्राणों का उत्सर्ग, हमारे जवानों का सौभाग्य और हमारे लिए प्रेरणा है।”
सृजन कार्यक्रम, सेफ क्लिक-सुरक्षित जीवन और नशे से दूरी है जरूरी अभियानों का समाज पर व्यापक प्रभाव रहा
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बालाघाट जिले में पुलिस द्वारा शुरू किए गए एकल सुविधा केंद्र की सराहना करते हुए कहा कि इससे जनसामान्य में सुरक्षा और विकास का माहौल सुदृढ़ हुआ है। उन्होंने अवैध हथियारों के निर्माण, संग्रहण और तस्करी के विरुद्ध पुलिस की सघन कार्रवाई की सराहना की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने ‘सृजन’ कार्यक्रम के तहत बाल संरक्षण, आत्मरक्षा और सशक्तिकरण को नई परिभाषा देने के लिए पुलिस का उत्साहवर्धन किया।
इंदौर के पुलिस जवान के त्वरित एक्शन की सराहना
जब कोई संकट आता है, जनता को सबसे पहले पुलिस याद आती है। चाहे डायल 100 हो या 112, पुलिस हर परिस्थिति में जनता का सहारा है। उन्होंने इंदौर में घटित एक घटना का उल्लेख करते हुए कहा कि वहां पुलिस जवान ने विधायक मधु वर्मा की जान बचाने में त्वरित रूप से सीपीआर देकर जिस संवेदनशीलता, त्वरित निर्णय और एक्शन में आने का परिचय दिया, वह पूरे पुलिस बल के लिए गर्व का विषय है।
व्यवस्था का आधुनिकीकरण और पुलिसकर्मियों का कल्याण राज्य सरकार का दायितव
पुलिस जवान ठंड, गर्मी, बरसात और त्यौहार सब भूलकर अपनी ड्यूटी करती हैं, ऐसे में सरकार का दायित्व है कि उनके कल्याण और आधुनिकरण पर पूरा ध्यान दें। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री आवास योजना के अंतर्गत पुलिस कर्मियों के लिए 5700 करोड़ रुपये की लागत से 25 हजार से अधिक मकान बनाए जा रहे हैं।
अमर शहीदों की निष्ठा और बलिदान हमारे लिए प्रेरणा : पुलिस महानिदेशक
पुलिस महानिदेशक ने कहा कि पुलिस स्मृति दिवस श्रद्धा, स्मरण और संकल्प का दिन है। यह हमारे उन वीर साथियों की स्मृति को समर्पित है, जिन्होंने ‘निष्ठा से सेवा’ के अपने संकल्प को अपने रक्त से लिखा उनका बलिदान हमारे लिए एक ऐसी मशाल है जो हमारे पुलिस बल को हमेशा रास्ता दिखाती रहेगी। उन्होंने बताया कि इस वर्ष मध्यप्रदेश पुलिस के 11 जवानों ने देश के लिए अपनी शहादत दी है। शहीदकर्मियों में निरीक्षक स्व. संजय पाठक, निरीक्षक स्व. रमेश कुमार धुर्वे, सहायक उप निरीक्षक स्व. रामचरण गौतम, सहायक उप निरीक्षक स्व. महेश कुमार कोरी, प्रधान आरक्षक स्व. संतोष कुशवाह, प्रधान आरक्षक स्व. प्रिंस गर्ग, प्रधान आरक्षक स्व. अभिषेक शिंदे, प्रधान आरक्षक स्व. गोविंद पटेल, आरक्षक स्व. अनुज सिंह, आरक्षक स्व. सुंदर सिंह बघेल एवं आरक्षक स्व. अनिल यादव शामिल हैं।
मुख्यमंत्री के कार्यक्रम स्थल आगमन पर परेड द्वारा सलामी धुन के साथ सलामी शस्त्र प्रस्तुत किया गया। सम्मुख पाल बेयरर पार्टी द्वारा सम्मान सूची का प्रस्तुतीकरण किया गया। पुलिस महानिदेशक कैलाश मकवाना द्वारा प्रदेश के वीरगति को प्राप्त पुलिस कर्मियों के प्रति श्रद्धांजलि उद्बोधन किया गया। पॉल बेयरर पार्टी द्वारा सम्मान सूची के स्मारक कोष में संस्थापन के बाद स्मारक पर पुष्प चक्र अर्पित किया। वीरगति को प्राप्त पुलिस कर्मियों के परिजन से भेंट कर संवेदनाएं साझा कीं। उन्होंने सभी परेड कमांडर व पाल बेयरर पार्टी से भेंट कर परिचय प्राप्त किया। कार्यक्रम में भोपाल महापौर मालती राय, अपर मुख्य सचिव डॉ. राजेश राजौरा सहित पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी और शहीदों के परिजन उपस्थित थे।

