विश्वविद्यालयीन पेंशनरों को शासकीय पेंशनरों के समान पेंशन नहीं मिली तो आन्दोलन करेंगे-राकेश गुर्जर
ग्वालियर. कॉलेज के प्रोफेसर और विश्वविद्यालय की पेंशन में 37 हजार रूपये का अंतर है और राज्य शासन के कर्मचारियों को 154 प्रतिशत जीवाजी विश्वविद्यालय के कर्मचारियों 125 प्रतिशत महंगाई भत्ता मिल रहा है। इस अन्तर को पाटने के लिये मप्र विश्वविद्यालीन कर्मचारी महासंघ के अध्यक्ष राकेश गुर्जर ने कहा है कि विश्वविद्यालयीन पेेंशनरों को शासकीय पेंशनरों के समान सभी महंगाई राहतों तथा बुजुर्गो को अतिरिक्त पेंशन समेत सभी सुविधायें प्रदान एवं सेवारत कर्मचारियों को सातवें वेतनमान के महंगाई राहत और एरियर्स का भुगतान 15 दिवस में नहीं किया तो हम आंदोलन करेंगे और विश्वविद्यालयीन पेंशनर्स एसोसियेशन के सचिव टीसी गुप्ता विश्वविद्यालयीन पेंशनरों को शासकीय पेंशनरों के समान पेंशन रही थी लेकिन 2005 के बाद आज तक माननीय उच्च न्यायालय के अनेकों आदेशों के बावजूद 15 वर्षो में कभी भी पूरी पेंशन नहीं मिली हैं, संयुक्त रूप से आयोजित पत्रकारवार्ता में पत्रकारों से चर्चा करते हुए इस मांग को उठाया। पत्रकारवार्ता में कार्यकारिणी सदस्य राजेश नायक, अरबिंद भदौरिया उपस्थित रहें।
ज्योतिरादित्य सिंधिया सहित सभी स्थानीय मंत्रियों को ईमेल की-टीसी गुप्ता
पेंशनर्स एसोसियेशन के सचिव टीसी गुप्ता ने बताया कि अपनी मांग के संबंध सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया, केन्द्रीय मंत्री नरेन्द्रसिंह तोमर, डॉ. नरोत्तम मिश्रा, प्रद्युम्नसिंह तोमर, श्रीमति इमरती देवी, तुलसी सिलावट और डॉ. मोहन सिंह यादव को ईमेल के माध्यम से अवगत करा दिया है।

