रोप-वे पर संकट, जमीन को लेकर फिर विवाद
ग्वालियर. गत सितंबर माह में केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने एलिवेटेड रोड और इंटर स्टेट बस टर्मिनल के भूमिपूजन कार्यक्रम में ग्वालियर में रोप-वे निर्माण की घोषणा की थी। इसके निर्माण की जिम्मेदारी नेशनल हाईवे अथारिटी आफ इंडिया की सहयोगी संस्था नेशनल हाईवे लाजिस्टिक मैनेजमेंट कंपनी को दी गई है। गत अक्टूबर माह में नेशनल हाईवे लाजिस्टिक मैनेजमेंट कंपनी के अधिकारियों ने सैद्धांतिक सहमति देने के साथ ही इसकी डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट तैयार कराने का काम शुरू कर दिया था।
31 दिसंबर को रोप-वे निर्माण के टेंडर भी जारी कर दिए गए थे। डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट के अनुसार रोप-वे के निर्माण में कुल 13 पिलर खड़े किए जाने हैं। इसका लोअर टर्मिनल फूलबाग और अपर टर्मिनल मानसिंह पैलेस और गुरुद्वारे के बीच में रहना है, लेकिन अपर टर्मिनल को लेकर सिंधिया एजुकेशन सोसायटी ने आपत्ति लगा रखी है। वहीं पिलर नंबर तीन वर्मा मैरिज गार्डन की जमीन पर आ रहा है। इसको लेकर भी आपत्ति की स्थिति बनी हुई है। पिछले दिनों कलेक्टर अक्षय कुमार सिंह ने एसडीएम व निगम अधिकारियों को निर्देशित किया था कि जमीन के विवाद सुलझाने के प्रयास तेजी से किए जाएं, ताकि रोप-वे का निर्माण शुरू हो सके, लेकिन अब अपर टर्मिनल पर सिंधिया एजुकेशन सोसायटी द्वारा लगाई गई आपत्ति से फिर रोप-वे के निर्माण पर संकट के बादल खड़े हो चुके हैं।

