महाराजपुरा की झाडि़यों में उलझी बच्ची को पुलिस ने बचाया, झाड़ियों में नवजात बेटी को काट रहीं थी हजारों चीटियां
ग्वालियर. महाराजपुरा में हाईवे किनारे झाडि़यों में एक नवजात कन्या के रोने की आवाज आ रही थी। जब गांव के लोग वहां पहुंचे तो बच्ची पर हजारों चीटिंयां लगी हुई थी। तत्काल डायल-100 को कॉल किया गया। डायल-100 में तैनात आरक्षक जसराम तोमर और चालक प्रताप सिंह मौके पर पहुंचे। पहले तो चीटियों से बच्ची को मुक्त कराया और फिर तत्काल उसे जेएएच कमला राजा की नर्सरी में भर्ती कराया गया है। डायल 100 की समझदारी और तत्काल कार्यवाही से बच्ची सुरक्षित हैं। पैदा होने के बाद उसे इस तरह झाडि़यों में छोड़कर जाने वाली मां की क्या मजबूरी है इसका पता नहीं चल सका है। यह तो ग्वालियर का एक केस है जबकि पूरे मध्यप्रदश में मुसीबत में पिछले 6 वर्ष में 5.96 करोड लोगों ने डायल 100 को ही कॉल किया है। तत्काल मौके पर पहुंचकर डायल 100 ने उसकी उपयोगिता को सिद्ध किया है।
पुलिस मुख्यालय भोपाल से जारी एक टेटा पर विश्वास करें तो डायल 100 के शुभारंभ 15 अप्रैल 2015 से 31 जुलाई 2021 तक लगभग 6 वर्ष में मुसीबत के दौरा 5.96 करोड लोगों ने डायल 100 को कॉल किया है। जिसमें डायल 100 ने मौके पर पहुंचकर तत्काल मदद की है। पुलिस के डीजीपी विवेक जौहरी की अगुआई में एडीजीपी टेलीकॉम एवं रेडियों के अनुसार डायल 100 लोगों के बीच मददगार के तौर पर अपनी पहचान बना चुकी है। एडीजीपी संजय झा ने बताया कि डायल 100 की व्यवस्था से लोगों को काफी मदद मिल रही है। लोग संकट के समय सबसे पहले डायल 100 को मददगार के तौर पर फोन करते हैं। पूरी टीम कोसमय पर पहुंचने के निर्देश दिये गये हैं। लगातार इसकी मॉनीटरिंग भी की जाती है। लोगों के साथ अन्य प्राणियों की जीवन रक्षा का भी काम डायल 100 के जरिये पुलिस द्वारा गया गया है।

