प्रयागराज बॉर्डर पर लाखों श्रद्धालु फंसे
प्रयागराज. बॉम्बे से आया हूं ट्रेनें देरी से चल रही हैं। 4 दिन गाड़ी में बैठकर आया हूं। प्रशासन कह रहा है कि वापस चले जाओ। कैसे चले जाएं। चित्रकूट तक भी जाने नहीं दे रहे हैं। ताकि मैं वहां रुक कर एक-दो दिन बाद स्नान के लिए चला जाऊं। मेरे साथ महिला और बच्चे भी हैं। ये दर्द है महाराष्ट्र से आए श्रद्धालु आत्माराम पाटिल का। आत्माराम बुंदेलखंड एक्सप्रेस-वे पर चित्रकूट में फंसे हैं। आत्माराम की तरह चित्रकूट के 25 किमी लंबे जाम में करीब 2 लाख श्रद्धालु मौनी अमावस्या के दिन प्रयागराज जाने के लिए जाम खुलने का इंतजार करते रहे। यह हाल प्रयागराज से सटे 8 जिलों से आने वाले रास्तों का है।
कई श्रद्धालु भूखे-प्यासे परिवार के साथ रास्ते में भटक गए, तो कई होटल लेकर रुकने को विवश हुए। इन्हें जहां रोका गया, वहां पर पानी, शौचालय तक की व्यवस्था नहीं रही। ठंड में लोग खुले में रात गुजारने को मजबूर हुए। प्रशासन उन्हें वापस लौटने के लिए कह रहा है, लेकिन उनका कहना है कि जब घर से निकले हैं तो गंगा स्नान करके ही जाएंगे।
प्रयागराज-भदोही-वाराणसी बॉर्डर पर 20 किमी लंबा, तो प्रयागराज-चित्रकूट बॉर्डर पर 10 किमी लंबा जाम रहा। प्रयागराज-कौशांबी बॉर्डर पर सड़क से पार्किंग तक 50 हजार तो, प्रयागराज- प्रतापगढ़ बॉर्डर पर 40 हजार वाहनों को रोका गया। प्रयागराज-जौनपुर बॉर्डर, जौनपुर जिले के बदलापुर में पुलिस ने प्रयागराज जाने वाली सभी बसों को रोक दिया।

