पुलिस ने कैब ड्राइवर को डिजीटल अरेस्ट से बचाया, ठग ने ऑनलाइन जमानत के नाम पर मांगे थे रूपये
ग्वालियर. एक फर्जी सीबीआई अधिकारी की साइबर इंस्पेक्टर में जमकर क्लास लगाई और आरोपी स्वयं को सीबीआई अधिकारी बताकर एक कैब चालक को ठगने की कोशिश कर रहा था। उसने कैब चालक को धमकाया कि उसने कुछ देर पहले एक गलत वीडियो देखा है। जिस पर मामला दर्ज किया गया है। अब उसे गिरफ्तार किया जायेगा। जब कैब चालक ने कहा है कि उसने कोई गलती नहीं की है तो फर्जी अधिकारी ने ऑनलाइन जमानत प्रक्रिया के लिये वकील की फीस के नाम पर 4500 रूप्ज्ञये की मांग की। घबराये चालक ने पैसे देने का मन बना लिया था। लेकिन अचानक उसे अपने पहचान के साइबर इंस्पेक्टर की याद आयी तो उसने तत्काल उन्हें सूचना दी।
क्या है मामला
जबलपुर निवासी अजय चौधरी को एक अज्ञात मोबाइल नंबर से कॉल आया, जिसमें कॉलर स्वयं को CBI अधिकारी बताते हुए युवक को धमकाते हुए बोलता है कि ” मैं CBI से बोल रहा हूं । तुमने जो अभी देखा है वह गलत वीडियो है और उसके खिलाफ एक रिपोर्ट दर्ज की गई है, जिसमें तुम्हें भी जेल हो सकती है।इसके बाद जब अजय ने कहा कि मैंने कोई गलती नहीं की है मुझे क्यों परेशान किया जा रहा है। इस पर फर्जी CBI अधिकारी कहता है कि यदि तुम्हें जेल जाने से बचना है तो वकील की फीस के लिए 4500 रूपए अभी तत्काल मुझे डालो अगर पैसे नहीं डालोगे तो पुलिस तुम्हारे घर पहुंच जाएगी।फर्जी CBI के इस तरह के कॉल से पेशे से ड्राइवर युवक काफी डर गया और पैसे डालने वाला ही था कि अचानक उसे साइबर निरीक्षक दिनेश कुमार गुप्ता की याद आई और उन्हें तत्काल कॉल कर पूरी घटना क्रम से अवगत कराया।निरीक्षक दिनेश कुमार गुप्ता द्वारा युवक की मदद करते हुए तत्काल फर्जी CBI अधिकारी का कॉल उनसे कनेक्ट कराने के लिए कहा। युवक ने जैसे ही फर्जी CBI अधिकारी का कॉल निरीक्षक दिनेश कुमार गुप्ता से कनेक्ट कराया, वैसे ही निरीक्षक गुप्ता ने फर्जी सीबीआई अधिकारी की जमकर क्लास लगाई और उसे थाने उपस्थित होने के लिए बोला तो तुरंत ही फर्जी CBI अधिकारी ने कॉल डिस्कनेक्ट कर दिया। उसके बाद उसने अपना फोन बंद कर लिया है।
पुलिस ने चालक को डिजीटल अरेस्ट से बचाया
अजय पेशे से कैब ड्राइवर है उसकी इंस्पेक्टर दिनेश गुप्ता से मुलाकत जबलपुर ड्यूटी के दौरान हुई थी। इंस्पेक्टर दिनेश गुप्ता कुछ दिन पहले ड्यूटी पर के लिये जबलपुर गये थे। वहां उनके वाहन चलान के लिये अजय की ड्यूटी लगाई गयी थी। इस बीच इंस्पेक्टर दिनेश गुप्ता और युवक के बीच साइबर अपराधी के संबंध में बातचीत होती थी। अजय ने इंस्पेक्टर का नम्बर ले लिया था जो आज इस समय आ गया और कैब चालक को डिजीटल अरेस्ट करने से बचा लिया।

