जनपद अध्यक्ष लक्ष्मीनारायण जाटव और लाखन बौद्ध की बीच हुई कहासुनी, डॉ. भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा रखने की अनुमति की श्रेय का मामला था

ग्वालियर. पूरे इलाके में सनसनी तब फैल गयी चरखा गांव में सरकारी जमीन पर डॉ. भीमराव अंबेडकर प्रतिमा रखने की अनुमति का श्रेय लेने को लेकर दो गुटों में विवाद हो गया। बात यह तय हुई थी कि सब लोग मिलकर कलेक्टर से मिलेंगे और मूर्ति रखने की अनुमति लेंगे। लेकिन चरखा गांव एक गुट जनपद अध्यक्ष भितरवार के साथ लगभग 15 लोग पहुंच गये। दोपहर 3 बजे ट्रिपल एस समाज के अध्यक्ष अपने साथियों के साथ पहुंचे और बोले चलों कलेक्टर के पास तो दूसरे गुट लोग बोले हम तो कलेक्टर से मिल आये और उन्होंने हमें मूर्ति रखने की अनुमति प्रदान कर दी है बस फिर क्या था इसी बात को लेकर नेता का पारा चढ़ गया। यह अवसर था पिछले दिनों भितरवार की सरकारी जमीन में डॉ. भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा रखने की अनुमति कलेक्टर से मिलने का श्रेय लेने का था।

क्या है पूरा मामला
सोमवार की दोपहर 1 बजे भितरवार के चरखा गांव की सरकारी जमीन पर डॉ. भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा रखने की अनुमति लेने का मामला था। जिसमें एक गुट का जिसका नेतृत्व भितरवार के जनपद अध्यक्ष लक्ष्मीनारायण जाटव तो दूसरे गुट का नेतृत्व समय सम्यंक समाज के राष्ट्रीय अध्यक्ष लाखन बौद्ध कर रहे थे। लाखन बौद्ध 3 बजे कलेक्ट्रैट पहुंचे तब तक दूसरा गुट कलेक्टर से मुलाकात करके चरखा गांव की सरकारी जमीन में डॉ. भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा रखने की अनुमति लेकर आ गये थे इसी लक्ष्मीनारायण जाटव का लाखन बौद्ध से आमना -सामना हो गया तो उन्होंने बताया कि हमारी कलेक्टर साहब से मुलाकात हो गयी और हमें कलेक्टर साहब ने चरखा गांव की उसी जमीन पर डॉ. भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा रखने की अनुमति की दे दी है। बस फिर क्या था इसी बात को लेकर राष्ट्रीय अध्यक्ष नाराज हो गये और दोनों गुटों में तनातनी हो गयी।

हमें कलेक्टर साहब ने डॉ. भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा रखने की अनुमति दे दी है।
लक्ष्मीनारायण जाटव, जनपद अध्यक्ष, भितरवार

मुझे तो इन लोगों ने बुलाया था कलेक्टर साहब से चरखा गांव की सरकारी जमीन पर डॉ. भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा रखने की अनुमति के साथ -साथ 100 अज्ञात लोगों पर केस लगाया है मुझे तो उस संबंध में बात करनी थी।
लाखन बौद्ध, राष्ट्रीय अध्यक्ष, समय सम्यंक समाज

