ग्वालियर में प्राइवेट स्कूलों की हड़ताल बेअसर, सीबीएसई स्कूल हड़ताल में शामिल नहीं
ग्वालियर. ग्वालियर में प्राइवेट स्कूल की हड़ताल का मिलाजुला ही असर दिख रहा है। जिले में सभी सीबीएसई स्कूलों में क्लासेस लगी है इसके साथ ही मप्र बोर्ड के प्राइवेट स्कूलों में भी 40 प्रतिशत स्कूल में पढ़ाई हुई है और ऑनलाइन क्लासेस लगी है लेकिन 60 प्रतिशत मप्र बोर्ड प्राइवेट स्कूल पूरी तरह हड़ताल में शामिल रहे है। ज्यादातर स्कूल संचालकों का कहना है कि पूरे कोरोना कॉल से स्कूल बंद है, ऐसे में एक दिन ऑनलाइन क्लासेस बंद रखने से कोई फायदा नहीं है। सीधे शब्दों में समझांए तो प्राइवेट स्कूलों की हड़ताल का कोई खास असर शहर में देखने को नहीं मिला है जितने भी बड़े और चर्चित स्कूल है वह सीबीएसई है और वह हडताल में शामिल नहीं है।
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह ने 6 जुलाई को घोषणा की थी कि स्कूल अभी नहीं खोले जाएंगे और प्राइवेट स्कूल सिर्फ ट्यूशन फीस ही ले सकेंगे। सीएम की यह घोषणा के बाद मप्र के प्राइवेट स्कूल संचालकों ने विरोध करना शुरू कर दिया था साथ ही मान्यता नवीनीकरण शुल्क लेने पर मप्र प्राइवेट स्कूल एसोसिएशन ने 12 जुलाई से ऑनलाइन पढ़ाई बंद करने का फैसला लिया था। सोमवार को मप्र बोर्ड प्राइवेट स्कूल जिनकी संख्या लगभग 1250 है उनमें से 60 प्रतिशत में पढ़ाई नहीं हुई है लेकिन 40 प्रतिशत लगभग 500 स्कूल में सोमवार को भी हड़ताल के बाद ऑनलाइन पढ़ाई हुई है। ग्वालियर में भी हड़ताल को लेकर मप्र बोर्ड प्राइवेट स्कूल और सीबीएसई बोर्ड प्राइवेट स्कूल संचालकों में भी मतभेद हैं।
वहीं मध्य प्रदेश प्राइवेट स्कूल एसोसिएशन के संभागीय अध्यक्ष एके दीक्षित का दावा था कि ग्वालियर में 1250 के लगभग मप्र बोर्ड प्राइवेट स्कूल है, सभीने समर्थन दिया है पर यहां स्थिति कुछ और रही है और आधे स्कूल खुले और आधे बंद रहे हैं।
सीबीएसई स्कूल हड़ताल में शामिल नहीं
ग्वालियर में 70 से ज्यादा सीबीएसई प्राइवेट स्कूल है। सीबीएसई प्राइवेट स्कूल एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष व प्रगति विद्यापीठ स्कूल के संचालक राहुल श्रीवास्तव ने बताया कि हमारी एसोसिएशन ने प्राइवेट स्कूल के विरोध प्रदर्शन में कुछ मांगों पर समर्थन दिया लेकिन हड़ताल में हम शामिल नहीं हैं।

