गिरफ्तार किए गए अल-कायदा के आतंकियों के पास से अयोध्या राम मंदिर के आस-पास के नक्शे मिले
लखनऊ. उत्तर प्रदेश के लखनऊ से गिरफ्तार किए गए अल-कायदा के आतंकियों के मामले में नये-नये खुलासो हो रहे है। उप्र एटीएस ने आतंकियों के पास से कई धार्मिक स्थालों के नक्शे बरामद किए है जिनमें अयोध्या के राम मंदिर के आसपास के नक्शे भी शामिल है।
कई जगह पर थी ब्लास्ट की तैयारी
लखनऊ के अलावा कानपुर, अयोध्या, गोरखपुर, वाराणसी, मथुरा और आगरा में सीरियल ब्लास्ट की तैयारी थी। मिनहाज लखनऊ की एक युनिवर्सिटी में टेक्नीशियन का काम करता था, यहीं से एक रिसर्ज स्कॉलर लड़की से उसने प्रेम विवाह कर लिया इसके बाद टेक्नीशिसन का काम छोड़कर बैटरी संबंधी काम करने लगा। वहीं उमर हलमंडी को अलकायदा की गतिविधियां संचालित करने की जिम्मेदारी दी थी।
भारत में अलकायदा की गतिविधियां संचालित करने की जिम्मेदारी उमर हलमंडी को दी गई थी। वह पाकिस्तान-अफगानिस्तान सीमा से आतंकवादी गतिविधियां संचालित करता है। वह जेहादी प्रवृत्ति वालों को बरगलाकर अंसार गजवातुल हिंद में गुर्गों की भर्ती करता, उसने इसी तरीके से आतंकी गतिविधियों को अंजाम देने के लिए लखनऊ में मॉड्यूल खड़ा कर दिया। इस मॉड्यूल के प्रमुख सदस्यों में मिनहाज, मसीरुद्दीन व शकील का नाम सामने आया है। शकील का पता नहीं चल सका है। इन दोनों आतंकियों की मदद लखनऊ और कानपुर के कई लोगों ने की। इनकी तलाश में दबिश दी जा रही है।
2014 में अल जवाहिरी ने भारत में अपना नेटवर्क बनाना शुरू किया
अलकायदा की स्थापना 1988 में सोवियत अफगान वार के दौरान हुई थी। साल 2014 में अलकायदा के कमांडर अल जवाहिरी ने भारत में अपना नेटवर्क बनाना शुरू किया था। भारत में इसका कमांडर मूल रूप से संभल के रहने वाले असीम उमर को बनाया गया था जो पाकिस्तान में शिफ्ट हो गया। वह 23 सितंबर 2019 को अमेरिका और अफगानिस्तान के संयुक्त ऑपरेशन में मारा गया उसके बाद से उमर हलमंडी कमान संभाल रहा है। आतंकी मसीरूद्दीन मडियांव थाना क्षेत्र के मोहिबुल्लापुर में रहता था और इसके दो अन्य नाम थे मुशीर और राजू, और ये ई रिक्शा चलाता था।

