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ग्वालियर बीजेपी में गुटबाजी अब खुलकर सामने आने लगी, बीजेपी ऑफिस में हुई कार्यशाला में पोस्टर से केंद्रीय मंत्री सिंधिया, नरेंद्र सिंह के फोटो गायब

ग्वालियर. बीजेपी में गुटबाजी अब खुलकर सामने आने लगी है। एक दिन पहले भाजपा मुख्यालय मुखर्जी भवन में राष्ट्रीय स्वास्थ्य स्वयंसेवक की कार्यशाला में लगे बैनर को लेकर अब सोशल मीडिया पर धमाल मचा हुआ है। बैनर पर प्रधानमंत्री, बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष, प्रदेश अध्यक्ष, मुख्यमंत्री के साथ-साथ स्थानीय सांसद व जिलाध्यक्ष तक के फोटो थे, लेकिन शहर के दो बड़े नेता केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया व नरेन्द्र सिंह तोमर के फोटो नहीं थे। इसको लेकर बीजेपी के हेमू कालानी मंडल के महामंत्री गोपाल झा ने सोशल मीडिया के माध्यम से तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है।

हमेशा संगठन के लिए काम करने वाले नरेन्द्र सिंह तोमर, प्रदेश में भाजपा की सरकार लौटाने वाले सिंधिया की अनदेखी करने को प्रोटोकॉल का उल्लघंन बताया है पर इस सभी के बीच जिले में भाजपा का तीसरा गुट भी बनता दिख रहा है। इस पर बीजेपी जिलाध्यक्ष का कहना है कि कार्यक्रम के लिए प्रदेश स्तर से ही पोस्टर आया था जिसमें स्थानीय स्तर पर सांसद और जिलाध्यक्ष के फोटो जोड़े जाते हैं इससे ज्यादा कुछ नहीं है।

ग्वालियर के भाजपा मुख्यालय मुखर्जी भवन में बीते दो दिन में दो कार्यक्रम हुए हैं। दोनों ही कार्यक्रम में भाजपा की गुटबाजी खुलकर सामने दिख रही है। अभी आम धारणा थी कि केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया के बीजेपी में प्रवेश के अंचल में भाजपा दो भागों में बंट गई है। एक सिंधिया और दूसरा नरेंद्र सिंह तोमर गुट पर अभी हाल ही में भाजपा मुख्यालय में राष्ट्रीय स्वास्थ्य स्वयंसेवक के दो अलग-अलग कार्यक्रम में इन दोनों ही नेताओं की अनदेखी की गई है साथ ही ग्वालियर सांसद विवेक शेजवलकर का गुट भी सामने आया है। इस कार्यक्रम में भाजपा के प्रदेश उपाध्यक्ष व ग्वालियर प्रभारी जीतू जिराती भी शामिल हुए थे। भाजपा की इस गुटबाजी पर सोशल मीडिया में उनके ही नेता व हेमू कालानी मंडल के महामंत्री गोपाल झा गुरू ने सवाल खड़े किए हैं।

केन्द्रीय मंत्री के फोटो न लगाकर प्रोटोकॉल तोड़ा गया
भाजपा नेता गोपाल झा ने अपना एक वीडियो जारी कर सवाल खड़े किए हैं कि क्यों दो-दो केंद्रीय मंत्री के फोटो पार्टी के बैनर पर नहीं हैं। क्या इस बैनर पर दोनों केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया और नरेंद्र सिंह तोमर का नाम नहीं आना चाहिए था। ऐसा करके प्रोटोकॉल तोड़ा गया है। उन्होंने चेतावनी भी दी है कि आगे से प्रोटोकॉल का ध्यान रखा जाए।

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