गृहमंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा ने किया होमगार्ड एवं आपदा प्रबंधन अधिकारियों से वर्चुअल संवाद
भोपाल, गृहमंत्री डॉ० नरोत्तम मिश्रा ने होमगार्डस, नागरिक सुरक्षा एवं आपदा प्रबंधन के अधिकारियों से राज्य आपदा प्रबंधन कक्ष में वीडियों कॉफ्रेंस के माध्यम से चर्चा की। इस कॉफ्रेंस में महानिदेशक होमगार्ड्स, नागरिक सुरक्षा एवं आपदा प्रबंधन पवन जैन, अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक डीपी गुप्ता, अति पुलिस महानिदेशक अशोक अवस्थी, गृह सचिव रवीन्द्र सिंह, एडीशनल कमाण्डेन्ट जनरल डॉ० विशद तिवारी, पुलिस उपमहानिरीक्षक आपदा प्रबंधन राजेश शर्मा एवं प्रदेश के समस्त डिवीजनल कमाण्डेन्ट सम्मिलित हुए। साथ ही प्रदेश के समस्त होमगार्डस/एसडीईआरएफ इकाई के डिस्ट्रिक्ट कमाण्डेन्ट भी वर्चुअल शामिल हुए।
कान्फ्रेंस के पूर्व गृहमंत्री को होमगार्ड्स प्लाटून ने गार्ड ऑफ ऑनर दिया। इसके पश्चात् महानिदेशक होमगार्ड्स, नागरिक सुरक्षा एवं आपदा प्रबंधन श्री जैन द्वारा स्वागत उद्बोधन दिया गया तथा विभागीय समस्याओं एवं शासन स्तर पर लंबित प्रस्ताव के संबंध में अवगत कराया गया। उन्होंने कहा होमगार्ड्स जवानों ने हाल ही में बाढ़ आपदा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। कोविड काल में भी होमगार्डस/एसडीईआरएफ जवानों ने अपने स्वास्थ्य की परवाह न करते हुए पीपीई किट पहन कर सेवायें दी। जिलों में एसडीईआरएफ बल की मांग लगातार की जाती है, वर्तमान में एसडीईआरएफ में 2525 जवानों को एसडीईआरएफ में प्रतिनियुक्त किये जाने तथा होमगार्ड्स केन्द्रीय प्रशिक्षण संस्थान को एनडीआरएफ की तर्ज पर राष्ट्रीय स्तर का प्रशिक्षण संस्थान बनाये जाने के लिए उन्नयन किया जाने का आग्रह तथा होमगार्ड्स बल की कमी तथा कॉलऑफ संबंधी समस्याओं के निराकरण के लिए भी अनुरोध किया गया है।
डिवीजनल कमाण्डेन्ट एवं डिस्ट्रिक्ट कमाण्डेन्ट ने अपने-अपने संभाग एवं जिलों की जानकारी देते हुए मूल समस्याओं से गृहमंत्री को अवगत कराया। मंत्री द्वारा वर्चुअल संवाद करते हुए सभी अधिकारियों से वन टू वन चर्चा की गई तथा समस्याओं के निराकरण की बात कही।
कॉफ्रेंस के दौरान ही गृहमंत्री द्वारा विभागीय समस्याओं के निराकरण के लिये अपर मुख्य सचिव को कमेटी बनाये जाने के निर्देश दिये गये। उन्होंने समस्त अधिकारियों को निर्देशित किया कि आगामी समय में गणेश/नवदुर्गा विसर्जन का कार्यक्रम होगा, सभी विसर्जन स्थल नदी / तालाब / कुण्ड के आसपास अभियान चलायें तथा ऐसे स्थलों पर तैराक तथा कर्मचारियों की ड्यूटी लगाएं ताकि कोई भी दुर्घटना न हो।

