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‘‘ऊर्जा महिला हेल्प डेस्क’’ थानों का अभिन्न अंग है, पारिवारिक विवादों में अपराध दर्ज करना आखिरी विकल्प होना चाहिए -प्रज्ञा रिचा श्रीवास्तव

ग्वालियर एडीजी (महिला सुरक्षा) पुलिस मुख्यालय भोपाल श्रीमती प्रज्ञा रिचा श्रीवास्तव द्वारा पुलिस कन्ट्रोल रूम के सभागार में ग्वालियर जिले के थानों में संचालित ऊर्जा महिला हेल्प डेस्क द्वारा किये जा रहे कार्यो तथा महिला संबंधी अपराधों की समीक्षा की गई। इस समीक्षा बैठक में एसएसपी अमित सांघी, एएसपी (पूर्व/अपराध) राजेष डण्डोतिया, एएसपी ग्रामीण जयराज कुबेर, डीएसपी (महिला अपराध) नागेन्द्र सिंह सिकरवार के अलावा समस्त सीएसपी, एसडीओपीगण, थाना प्रभारी एवं ऊर्जा महिला हेल्प डेस्क प्रभारी बैठक में उपस्थित रहे।
बैठक के प्रारंभ में एडीजी (महिला सुरक्षा) द्वारा ग्वालियर जिले के थानों में संचालित ऊर्जा महिला हेल्प डेस्क प्रभारियों से उनके द्वारा किये गये कार्यों व नवाचार के संबंध में विस्तृत चर्चा की। ग्वालियर जिले ऊर्जा महिला हेल्प डेस्क द्वारा विगत एक वर्ष में किये गये 10 हजार से अधिक आउटरीच प्रोग्राम की उनके द्वारा सराहना की गई। बैठक में उपस्थित एसएसपी ने बताया कि थानों में संचालित ऊर्जा महिला हेल्प डेस्क के महिला अधिकारी व कर्मचारियों द्वारा स्कूल/कॉलेज तथा कोचिंग संस्थानों में जाकर छात्र/छात्राओं को नषे के दुष्परिणामों से अवगत कराया जा रहा है, साथ ही उन्हे कानूनी जानकारी भी दी जा रही है। इस अवसर पर एसएसपी ने ऊर्जा महिला हेल्प डेस्क में वाहन उपलब्घ न होने की बात एडीजी ;(महिला सुरक्षा) के संज्ञान में लाई गई।
उनके द्वारा ऊर्जा महिला हेल्प डेस्क में कार्यरत महिला पुलिस अधिकारी व कर्मचारियों की सराहना करते हुए कहा कि ग्वालियर के जवानों में बहुत ऊर्जा और सकारात्मकता है। उन्होने कहा कि यह ऊर्जा महिला हेल्प डेस्क पुलिस, विधिक सेवा प्रधिकरण, महिला एवं बाल विकास, स्वास्थ्य, विधि, पंचायत एवं ग्रामीण विकास, श्रम, अनुसूचित जाति जनजाति और गैर सरकारी संगठन के साथ मिलकर काम कर रहा हैं। यदि कोई छात्र-छात्रा गलत काम करते है तो उनकी काउन्सलिंग कराई जाना चाहिए। इसी प्रकार एकल परिवार होने से पारिवारिक विवाद बढ़े है और पारिवारिक विवादों में अपराध पंजीबद्व करना आखिरी विकल्प होना चाहिए क्योंकि अपराध पंजीबद्व होने के बाद समझौते की गुंजाइस नगण्य हो जाती है। उपस्थित पुलिस अधिकारियों से उन्होने कहा कि आप सभी को प्रतिदिन कम से कम 4 लोगों की मदद करनी चाहिए जिससे समाज में पुलिस की छवि में सुधार होगा। महिला संबंधी उत्कृष्ठ विवेचना के लिये विवेचक को पुरस्कुत करने हेतु जिले से प्रस्ताव भेजने हेतु कहा गया।

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