आगरा-ग्वालियर हाईस्पीड कॉरिडोर, आगरा की दूरी 32 किमी होगी कम
ग्वालियर. ग्वालियर से आगरा के बीच प्रस्तावित हाईस्पीड कॉरिडोर के लिए जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया लगभग पूरी हो गई है। इस प्रोजेक्ट के लिए करीब 200 करोड़ रुपए में 550 हेक्टेयर जमीन का अधिग्रहण किया जा रहा है। अधिग्रहण के बाद जमीन संबंधी मामलों की अड़चन दूर होने से प्रोजेक्ट के तेजी से आगे बढ़ने की उम्मीद है। हालांकि, अभी तक इस प्रोजेक्ट का कंस्ट्रक्शन ठेका नहीं हो पाया है। इसकी बिड खुलने की तारीख बार-बार बढ़ाई जा रही है। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) अधिकारियों का मानना है कि टेंडर होने तक अधिग्रहण और संबंधित विभाग की एनओसी आ जाएंगी। जिससे काम शुरू होने में ज्यादा वक्त नहीं लगेगा, इसलिए प्रोजेक्ट के दूसरे काम भी साथ-साथ ही चलाए जा रहे हैं। वहीं कंस्ट्रक्शन ठेका भी अगले एक महीने में होने की उम्मीद जताई जा रही है।
66 गांव से गुजरेगा कॉरिडोर इकॉनोमिक जोन होंगे तैयार
हाईस्पीड कॉरिडोर की शुरूआत ग्वालियर-मुरैना के बॉर्डर पर स्थित सुसेरा गांव में रायरू-झांसी बायपास से होगी। यहां से कॉरिडोर शनि मंदिर रोड के गांव उराहना, पिपरसेवा से होते हुए मुरैना एवं धौलपुर के बक्सपुरा से होकर आगरा देवरी गांव पहुंचेंगा। ये कॉरिडोर का अंतिम प्वाइंट होगा। ये ग्वालियर, मुरैना, धौलपुर और आगरा के कुल 66 गांवों से होकर गुजरेगा। जिसमें ग्वालियर का एक, मुरैना के 32, धौलपुर के 18 और आगरा के 15 गांव शामिल होंगे। इस कॉरिडोर पर स्थान चिन्हित कर इकॉनोमिक जोन तैयार किए जाएंगे। जिनमें इंडस्ट्रीज, कॉलेज, वेयर हाउस, लॉजिस्टिक पार्क आदि के निवेश लाए जाएंगे।

