नगर निगम में अनुशासनहीनता पर कड़ा कदम, कर्मचारी को अनिवार्य सेवा निवृत्ति
ग्वालियर – नगर निगम आयुक्त संघ प्रिय ने अनुशासनहीनता और लगातार अनुपस्थित रहने के मामले में सख्त कार्रवाई करते हुए सहायक राजस्व निरीक्षक अवधेश भारद्वाज को अनिवार्य सेवानिवृत्ति प्रदान कर दी है। यह कार्रवाई लंबे समय से जारी लापरवाही, जांच में सहयोग न करने और बार-बार अनुपस्थित रहने के कारण की गई।
नगर निगम आयुक्त द्वारा जारी आदेशानुसार अवधेश भारद्वाज जो सहायक राजस्व निरीक्षक के पद पर कार्यरत थे, को जांच प्रक्रिया के दौरान कई बार उपस्थित होने के निर्देश दिए गए थे। इसके बावजूद उन्होंने न तो निर्धारित समय में उपस्थित होकर अपना पक्ष रखा और न ही कोई लिखित स्पष्टीकरण प्रस्तुत किया। विभागीय रिकॉर्ड में भी उनकी अनुपस्थिति लगातार दर्ज पाई गई।
जांच अधिकारी उपायुक्त सम्पत्तिकर द्वारा जारी नोटिस के बाद भी कर्मचारी के रवैये में कोई सुधार नहीं आया। यहां तक कि निलंबन अवधि के दौरान भी वे मुख्यालय पर उपस्थित नहीं हुए। इस पूरे प्रकरण को गंभीरता से लेते हुए विभागीय जांच में आरोप प्रमाणित पाए गए।नगर निगम आयुक्त द्वारा जारी आदेश में कहा गया है कि कर्मचारी का आचरण शासकीय सेवा के अनुरूप नहीं पाया गया, जिसके चलते उन्हें मध्यप्रदेश सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण तथा अपील) नियम 1966 के नियम 10(7) के प्रावधान अंतर्गत अनिवार्य सेवानिवृत्ति की सजा दी गई है। साथ ही यह भी स्पष्ट किया गया है कि निलंबन अवधि में उन्हें केवल जीवन निर्वाह भत्ता ही देय होगा, अन्य भत्ते राजसात किए जाएंगे।

