अपहरण की रणनीति 2 महीने पहले, 10 दिन की रिहर्सल, कर्ज चुकाने किया था शिवाय का अपहरण
ग्वालियर. शिवाय गुप्ता अपहरणकांड के आरोपियों ने अपहरण की कडि़यां खोलना शुरू कर दिया है। आरोपियों ने पुलिस की पूछताछ में कबूल किया है कि मुरैना में लगभग वर्ष पूर्व 5 फरवरी को शिवाय के मामा के बेटे माधव के अपहरनण में वह पकड़े नहीं गये थे। इससे उनका हौंसला बढ़ा। उन्हें लगा कि वह ग्वालियर में भी इसी तरह वारदात कर फिरौती वसूल लेंगे। बदमाशों ने शक्कर व्यापारी राहुल गुप्ता के बेटे शिवाय का अपहरण करने की योजना 2 माह पहले बनाई थी। अंतिम 15 दिन तक रिर्हसल की, वह बार-बार बच्चे के घर के पास आते और फिर मुरैना लौट जाते थे। आखिरकारा 13 फरवरी को मां की आंखों में मिर्ची झोंक कर 6 वर्षीय शिवाय को उठा लिया।
7 में से 5 आरोपी पुलिस हिरासत में
प्ुलिस ने इस अपहरण कांड के 7 आरोपियों में से 5 को हिरासत में लिया है। राहुल और बंटी गुर्जर को 15-16 फरवरी की दरमियानी रात को मुरैना में शॉर्ट एनकाउंटर में घायल होने के बाद पकड़ा गया था। 18 फरवरी की सुबह ग्वालियर पुलिस ने 2 अन्य आरोपी मोनू गुर्जर और भूरा गुर्जर को गिरफ्तार किया था। इसी दिन शाम को मास्टर माइंड भोला गुर्जर को ग्वालियर के तिघरा इलाके से शॉर्ट एनकाउंटर में पकड़ा गया था। इनके साथी राहुल कंसाना और धर्मेन्द्र सिंह गुर्जर उर्फ धम्मू फरार है। उनकी तलाश में पुलिस की 4 टीमें मुरैना और आसपास के जिलों में दविश दे रही है।
मुख्य आरोपी भोला ने नहीं दिए सवालों के जवाब
शॉर्ट एनकाउंटर में घायल वारदात के मुख्य आरोपी भोला गुर्जर ने पुलिस के सवालों के जवाब नहीं दिए हैं। इलाज के बाद पुलिस अफसरों ने भोला से जब भी बात करने की कोशिश की, वह चुप ही रहा। आंखें बंद करके लेटा रहा। जैसे ही पुलिस उससे दूर जाती, वह आंखें खोल लेता था लेकिन पुलिस के आते ही वह फिर आंखें बंद कर लेता था।
आज मुरैना में सीन रिक्रिएशन करेगी पुलिस
अपहरण की योजना बनाने वाले चाचा भूरा और उसके भतीजे मोनू को शुक्रवार को पुलिस टीम मुरैना ले जाएगी। यहां उस मकान की जांच की जाएगी, जहां शिवाय को बंधक बनाकर रखा गया था। पुलिस काजी बसई में उस जगह भी जाएगी, जहां शिवाय को छोड़कर बदमाश भागे थे। इस पूरी घटना का सीन रिक्रिएशन किया जाएगा।पुलिस पूछताछ में पता चला है कि शिवाय के मामा के बेटे माधव के अपहरण का प्रयास राहुल गुर्जर, धर्मेंद्र और पंकज राजपूत ने किया था। राहुल को मुरैना पुलिस ने पकड़ लिया है, जबकि धर्मेंद्र और पंकज अभी भी फरार हैं।

