‘‘अपराध अनुसंधान में वैज्ञानिक एवं तकनीकी साक्ष्य संकलन’’ विषय पर एक दिवसीय प्रषिक्षण कार्यषाला का आयोजन
पूर्व निदेशक एफएसएल हर्ष शर्मा ने पुलिस अधिकारियों को एविडेंस कलेक्शन पर दिया प्रषिक्षण
ग्वालियर। पुलिस कन्ट्रोल रूम सभागार ग्वालियर में ग्वालियर जिले के पुलिस अधिकारियों के लिये ‘‘अपराध अनुसंधान में वैज्ञानिक एवं तकनीकी साक्ष्य संकलन’’ विषय पर एक दिवसीय प्रषिक्षण कार्यशाला का आयोजन किया गया।
कार्यषाला के प्रारम्भ में आईजी ग्वालियर एवं पुलिस अधीक्षक द्वारा डॉ. हर्ष शर्मा को पुष्पगुच्छ प्रदान कर स्वागत किया गया, तद्उपरान्त पुलिस अधीक्षक ग्वालियर द्वारा उपस्थित पुलिस अधिकारियों को एक दिवसीय प्रषिक्षण कार्यषाला की रूपरेखा से अवगत कराया। इस अवसर पर उन्होने उपस्थित पुलिस अधिकारियों से कहा कि अनुसंधान में वैज्ञानिक साक्ष्य का बहुत महत्व है अपराध विवेचना में साक्ष्य संकलन में विधि के साथ पारम्परिक ज्ञान कर समन्वय जरूरी है। उन्होने पुलिस अधिकारियों से कहा कि आज की प्रषिक्षण कार्यषाला आप सभी के लिये बहुत लाभप्रद होगी इसका अधिक से अधिक लाभ उठायें।
आईजी अरविन्द सक्सेना, ने उपस्थित पुलिस अधिकारियों को संबोधित करते हुए कहा फोरेंसिक साइंस आपराधिक न्याय प्रणाली का एक महत्वपूर्ण अंग है क्योंकि जिन वारदातों में पुलिस एकाएक कोई निर्णय नही ले पाती है उन उलझे हुए मामलों को फोरेंसिक साइंस की मदद से सुलझाया जाता है। यह एक महत्वपूर्ण विषय है और प्रत्येक पुलिस अधिकारी को फोरेंसिक साइंस की कार्यप्रणाली से अवगत होना चाहिए। इसके लिये यह प्रषिक्षण कार्यषाला अनुसंधान में आपके लिये बहुत उपयोगी सिद्ध होगी।
डॉ. हर्ष शर्मा ने राज्य फोरेंसिक विज्ञान प्रयोगषाला मप्र के निदेषक के रूप में कार्य किया है। वह सीन ऑफ क्राईम में एक्सपर्ट हैं। उन्होने अपने कार्यकाल में लगभग 4 हजार आपराधिक घटना स्थलों की जांच की है। जिसमें हत्या, आत्महत्या, दुर्घटना, बलात्कार, विस्फोट और आगजनी के मामले शामिल है। वह नौकरी के प्रारम्भ में ग्वालियर एफएसएल में भी अपनी सेवाएं दे चुके हैं।

