अटल जी के जन्मदिवस 25 दिसम्बर से लगेगा 3 दिवसीय विशाल स्वास्थ्य शिविर
एम्स के विशेषज्ञ चिकित्सकों सहित 158 सदस्यीय दल करेगा गंभीर बीमारियों का इलाज
ग्वालियर – पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न स्व. अटल बिहारी वाजपेयी जी के जन्मदिवस 25 दिसम्बर से ग्वालियर में आयोजित होने जा रहे 3 दिवसीय विशाल नि:शुल्क स्वास्थ्य शिविर की तैयारियाँ जारी हैं। अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) भोपाल के सहयोग से आयोजित होने जा रहे इस शिविर में ग्वालियर – चंबल संभाग के सभी आठ जिलों सहित मध्यप्रदेश, उत्तरप्रदेश व राजस्थान के समीपवर्ती जिलों को शामिल कर लगभग डेढ़ दर्जन जिलों के मरीजों का इस शिविर में एम्स के चिकित्सकों द्वारा इलाज किया जाएगा। सांसद भारतसिंह कुशवाह की पहल पर आयोजित होने जा रहे इस शिविर में चिकित्सकों एवं पैरामेडीकल स्टाफ सहित एम्स की 158 सदस्यीय टीम स्वास्थ्य परीक्षण, जरूरतमंद मरीजों के ऑपरेशन व इलाज करेगी। शिविर में कैंसर, हृदय, किडनी, लिवर व स्नायु रोग सहित बाल रोग एवं विभिन्न प्रकार की बीमारियों का इलाज व सर्जरी होगी। एम्स के विशेषज्ञ चिकित्सकों से ओपीनियन लेने का अवसर भी इस शिविर में मिलेगा।
सांसद ने सोमवार को संभाग आयुक्त एवं कलेक्टर की मौजूदगी में शिविर की तैयारियों को लेकर आयोजित हुई बैठक में निर्देश दिए कि शिविर स्थल पर मरीजों की सुविधाओं का पूरा ध्यान रखा जाए। मरीजों की मदद के लिए पर्याप्त काउण्टर बनाएँ व सेवाभावी वॉलेन्टियर भी तैनात करें, जिससे इलाज के लिये मरीजों को भटकना न पड़े। उन्होंने उन मरीजों को भी शिविर में इलाज की सुविधा उपलब्ध कराने के निर्देश दिए, जिनका पहले से चिन्हांकन या पंजीयन नहीं हुआ है।
एम्स के सहयोग से यह बहुउद्देश्यीय नि:शुल्क शिविर 25 से 27 दिसम्बर तक ग्वालियर स्थित एलएनआईपीई (लक्ष्मीबाई नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ फिजिकल एज्यूकेशन) परिसर में प्रतिदिन प्रात: 10 बजे से सायंकाल 4 बजे तक होगा। इस विशाल स्वास्थ्य शिविर के लिये अकेले ग्वालियर जिले में ही अब तक 24 हजार 22 मरीजों का पंजीयन किया जा चुका है। इसके अलावा 45 ऐसे बच्चे चिन्हित कर लिए गए हैं, जिनके कटे-फटे होठों व अन्य विक्रतियों को ठीक करने के लिये शिविर में एम्स के चिकित्सकों द्वारा ऑपरेशन किए जायेंगे। वृहद शिविर में इलाज कराने के लिये इन मरीजों का चयन जिले में विशेष चिन्हांकन शिविर लगाकर किया गया है।
मरीजों की आईडी बनेगी, जिससे उन्हें एम्स में इलाज के लिए भटकना नहीं पड़ेगा
एम्स के सहयोग से आयोजित होने जा रहे इस वृहद शिविर में मौके पर ही मरीजों का इलाज तो होगा ही, साथ ही उनकी मेडीकल आईडी भी एम्स द्वारा तैयार की जायेगी। जिन मरीजों का शिविर में ऑपरेशन व इलाज संभव नहीं होगा, उनका इलाज इस आईडी के माध्यम से मरीज एम्स भोपाल में जाकर करा सकेंगे। आईडी होने से मरीजों को एम्स में इलाज के लिए इधर-उधर भटकना नहीं पड़ेगा और लम्बी लाइन से भी निजात मिलेगी।
ग्वालियर में बड़े चिकित्सा संस्थान के लिए डाटाबेस बनेगा आधार
इस शिविर के माध्यम से एम्स के चिकित्सक यह भी पता लगायेंगे कि ग्वालियर-चंबल संभाग के जिलों में कौन सी बीमारी अधिकता में होती है। इस अध्ययन के आधार पर चिन्हित बीमारियों के इलाज के लिए ग्वालियर में विशेष सुविधा उपलब्ध कराने के लिये केन्द्र व राज्य स्तर पर प्रयास किए जायेंगे। उन्होंने कहा शिविर में जो डाटाबेस तैयार होगा, उसके आधार पर ग्वालियर में चिकित्सा के क्षेत्र में एम्स जैसा बड़ा संस्थान खोलने का रास्ता खुलेगा।
एम्स के 22 विभागों के दल आयेंगे शिविर में
एम्स भोपाल के अधिष्ठाता डॉ. रजनीश जोशी ने बैठक में जानकारी दी कि शिविर में एम्स के 22 विभागों के चिकित्सकों के दल इलाज करने के लिये आयेंगे। इनमें जनरल स्क्रीनिंग ओपीडी (मेडीसिन, सीएफएम व सर्जरी), बर्न प्लास्टिक, कार्डियोलॉजी, सीटीवीएस, डर्माटोलॉजी, डेटिस्ट्री, एंडोक्रिनोलॉजी, गेट्रोएंट्रोलॉजी, हेमोटोलॉजी, पीडियार्टिक सर्जरी, ऑन्कोलॉजी, ऑर्थोपेडिक्स, पीडियाट्रिक्स ऑर्थोपेडिक्स, यूरोलॉजी, सायकाट्री, गायनोकॉलोजी, न्यूरो सर्जरी, नेफ्रोलॉजी, ईएनटी, ट्रांसफ्यूजन मेडीसिन, आयुष व डायगनोस्टिक्स (रेडियोडायगनोसिस, ईसीजी व प्वॉइंट ऑफ केयर टेस्टिंग) शामिल हैं।

