PM आवास के बाहर प्रदर्शन के बाद एक्शन, राहुल को धरने से पुलिस उठाकर ले गई
नई दिल्ली. पीएम आवास के पास मंगलवार दोपहर साढ़े तीन बजे धरने पर बैठे कांग्रेसियों को पुलिस शाम साढ़े 6 बजे उठाकर ले गई। राहुल गांधी, प्रियंका गांधी, मल्लिकार्जुन खड़गे, अखिलेश यादव समेत कई नेता को हिरासत में ले लिया है। सरकार ने 3 घंटे के धरने में राहुल से 2 बार बातचीत की, लेकिन वे नहीं माने। इसके बाद 100 से ज्यादा पुलिसकर्मी पहुंचे तो कांग्रेसियों ने घेरा बना लिया और राहुल तक पहुंचने नहीं दिया। कांग्रेसियों और पुलिस के बीच आधे घंटे तक धक्का-मुक्की होती रही। पुलिस ने लाठीचार्ज किया। आखिर में 12 से ज्यादा पुलिसकर्मी उन्हें उठाकर ले गए और बस में बैठाया।

राहुल-प्रियंका ने लाठीचार्ज पर आक्रामक रवैया अपनाया
संसद भवन से निकलते हुए प्रियंका गांधी ने मीडिया से कहा, ये हमारे बच्चे हैं। सरकार चर्चा करने के बजाय अपने अधिकारों के लिए आवाज उठा रहे छात्रों पर आंसू गैस चला रही है और उन्हें पीट रही है। यह बेहद निंदनीय है।रात तक राहुल गांधी ने सोशल मीडिया पर वीडियो पोस्ट किया, प्रधानमंत्री मोदी भारत के इतिहास के सबसे युवा-विरोधी प्रधानमंत्री हैं। इतने युवा विरोधी कि एक नाकाम शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा भी नहीं ले सकते। जब इन बच्चों ने शिक्षा के जायज सवाल उठाए – तो जवाब में मिली लाठी और हिरासत। लीक करने वाले अपराधी आजाद और वाजिब मुद्दे उठाने वाले छात्र घसीटे जाते हैं, पीटे जाते हैं। 21 जुलाई की सुबह राहुल गांधी और प्रियंका गांधी घायल छात्रों से मिलने अस्पताल भी गए। हालांकि जंतर-मंतर जाने की बजाए, उनकी प्लानिंग कुछ और ही थी।


