MP में कर्मचारियों की पदोन्नति में CPCT नहीं बनेगी बाधा, CM का बड़े निर्देश
भोपाल. मध्य प्रदेश में खाद्य पदार्थों में मिलावट और उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य से जुड़े मामलों को लेकर सरकार सख्त रुख अपनाने जा रही है। बुधवार को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रदेश में एनालॉग पनीर को प्रतिबंधित करने के निर्देश दिए हैं। इसके साथ ही उन्होंने शासकीय तृतीय एवं चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों की पदोन्नति में सीपीसीटी परीक्षा को बाधा नहीं बनने देने के संबंध में भी जल्द सकारात्मक निर्णय लेने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में एनालॉग पनीर के उपयोग और बिक्री पर प्रभावी रोक लगाने के लिए आवश्यक कार्रवाई की जाए। खाद्य सुरक्षा से जुड़े अधिकारियों को ऐसे उत्पादों की निगरानी और कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। सरकार का उद्देश्य लोगों को गुणवत्तापूर्ण और सुरक्षित खाद्य पदार्थ उपलब्ध कराना है।
पदोन्नति में सीपीसीटी की अनिवार्यता पर जल्द निर्णय
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने तृतीय एवं चतुर्थ श्रेणी के कर्मचारियों की पदोन्नति में सीपीसीटी परीक्षा उत्तीर्ण करने की अनिवार्यता को लेकर भी जल्द सकारात्मक निर्णय लेने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने स्पष्ट कहा कि पात्र कर्मचारियों को पदोन्नति का लाभ मिलना चाहिए। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि सीपीसीटी परीक्षा के कारण किसी भी पात्र तृतीय या चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी को पदोन्नति से वंचित न किया जाए और न ही किसी कर्मचारी को रिवर्ट किया जाए। इस संबंध में नियमों और व्यावहारिक परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए आवश्यक प्रक्रिया जल्द पूरी करने के निर्देश दिए गए हैं। सरकार के इस निर्णय से लंबे समय से पदोन्नति की प्रतीक्षा कर रहे तृतीय एवं चतुर्थ श्रेणी के कर्मचारियों को राहत मिलने की उम्मीद है।

