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MP में CM ने प्रशासनिक लापरवाही के मामले में फिर लिया सख्त फैसला

भोपाल. मुख्यमंत्री मोहन यादव ने एक बार फिर सख्त प्रशासनिक संदेश देते हुए गुना के एसपी अंकित सोनी और सीधी के कलेक्टर स्वरोचिष सोमवंशी को लापरवाही के मामले में हटाया है। यह कार्रवाई साफ संकेत है कि गंभीर चूक पर सरकार किसी भी स्तर पर ढील देने के मूड में नहीं है। करीब सवा दो साल के कार्यकाल में मुख्यमंत्री ने हर 46 दिन के अंतराल में औसतन एक अधिकारी के विरुद्ध कार्यवाही की है।
दरअसल, 13 दिसंबर 2023 को मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने के बाद से ही डॉ. यादव ने अपनी कार्यशैली में सख्ती का रुख अपनाया है। करीब सवा दो साल के कार्यकाल में उन्होंने अब तक कलेक्टर रहे 10 आईएएस व 8 एसपी व अन्य सीनियर आईपीएस अफसरों को कार्रवाई का सामना करना पड़ा है। अब तक कम से कम 9 ऐसे बड़े मामले सामने आए हैं, जिनमें सीधे तौर पर कलेक्टर और एसपी स्तर के अधिकारियों पर कार्रवाई की गई है। इसके अलावा वरिष्ठ आईपीएस और राज्य प्रशासनिक सेवा के अधिकारियों पर भी सख्त कदम उठाए गए हैं।
रिश्वत कांड में गुना एसपी, सीधी कलेक्टर पर कार्रवाई
मुख्यमंंत्री ने गुना एसपी अंकित सोनी को 22 मार्च को उनके जिले में गुजरात के व्यापारी से एक करोड़ रुपए जब्त करने के बाद पुलिस द्वारा बीस लाख रुपए लेकर छोड़ देने और कोई कार्यवाही नहीं करने पर हटा दिया है। यहां थाना प्रभारी समेत चार पुलिसकर्मी सस्पेंड भी हुए हैं।
इसी तरह सीधी जिले के कलेक्टर स्वरोचिष सोमवंशी को भी शिकायतों पर हटाया गया है। दावा किया जा रहा है कि सोमवंशी कलेक्टर दफ्तर में नाम मात्र बैठते थे। वे अकसर शाम को कुछ देर के लिए ही दफ्तर आते थे। इससे लोगों और जनप्रतिनिधियों में नाराजगी थी। यह भी सूचना है कि सीधी सांसद के एक प्रोजेक्ट पर फायर एनओसी रोक रखी थी।

 

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