MP में टैक्सियों का किराया 15% बढ़ेगा, प्राइवेट नंबर प्लेट वाली गाड़ियों पर रोक
भोपाल. राजधानी भोपाल में दो दिनों से जारी कैब और टैक्सी चालकों की हड़ताल आखिरकार बुधवार को समाप्त हो गई। परिवहन मंत्री राव उदय प्रताप सिंह के साथ मंत्रालय में हुई उच्चस्तरीय बैठक में यूनियनों की मांगों पर सहमति बनने के बाद यह निर्णय लिया गया। बैठक में भोपाल टैक्सी चालक संघ और टैक्सी यूनियन कल्याण समिति सम्पूर्ण भारत के प्रतिनिधियों के साथ ओला, उबर और रैपिडो जैसी एग्रीगेटर कंपनियों के क्षेत्रीय अधिकारी भी शामिल हुए। परिवहन मंत्री ने एग्रीगेटर कंपनियों को सख्त निर्देश दिए हैं कि जब तक राज्य में नई किराया प्रणाली लागू नहीं हो जाती, तब तक सभी कंपनियों को चालकों के वर्तमान किराए में 15 प्रतिशत की बढ़ोतरी करनी होगी। इसके अलावा ऑनलाइन प्लेटफॉर्म यानी ऐप से प्राइवेट नंबर प्लेट वाले वाहनों (कार और बाइक) को तत्काल प्रभाव से हटाने का आदेश दिया गया है।
20 दिनों में तैयार होगी नई किराया प्रणाली
बैठक में निर्णय लिया गया कि मध्य प्रदेश में मोटर वाहन अधिनियम लागू किया जाएगा, जिससे एग्रीगेटर कंपनियों पर सरकार का सीधा नियंत्रण हो सकेगा। चालकों के हित में राज्य सरकार द्वारा एक नई किराया प्रणाली लागू की जाएगी। इसके लिए परिवहन विभाग और टैक्सी यूनियनों के पदाधिकारियों को मिलाकर एक विशेष कमेटी का गठन किया जा रहा है। यह कमेटी अन्य राज्यों में लागू किराया प्रणालियों का अध्ययन करेगी और 15 से 20 दिनों के भीतर सर्वसम्मति से मध्य प्रदेश के लिए नई किराया नीति का ड्राफ्ट तैयार करेगी। सभी एग्रीगेटर कंपनियों को इस कमेटी द्वारा तय दरों का अनिवार्य रूप से पालन करना होगा। साथ ही कंपनियों को भोपाल में अपने आधिकारिक कार्यालय भी खोलने होंगे, ताकि चालकों की समस्याओं का स्थानीय स्तर पर निवारण किया जा सके।
हड़ताल के दौरान निजी वाहनों के पहियों की निकाली हवा
हड़ताल के दूसरे दिन बोर्ड ऑफिस चौराहे के पास यूनियन सदस्यों ने नियम विरुद्ध चल रहे कुछ निजी नंबर प्लेट वाले व्यावसायिक वाहनों के पहियों की हवा निकालकर अपना विरोध दर्ज कराया। हालांकि, दोपहर को परिवहन मंत्री के साथ बैठक में मांगें माने जाने के बाद स्थिति सामान्य हो गई और कैब सेवाएं बहाल कर दी गईं। कैब चालकों की हड़ताल के कारण यात्रियों को परेशानियों का सामना करना पड़ा। खासकर कमलापति और भोपाल रेलवे स्टेशन, एयरपोर्ट जाने वाले यात्री परेशान रहे। उन्हें ऑटो बुक कर गंतव्य तक जाना पड़ा।

