MP में CBI की कार्रवाई से हिली NCL, कई अधिकारी निशाने पर
जबलपुर. सिंगरौली एनसीएल में भ्रष्टाचार के मामले में दिल्ली की सीबीआई टीम की छापामारी का असर सिंगरौली से जबलपुर तक दिख रहा है। इस मामले में सीबीआई के डीएसपी, कंपनी के दो अधिकारियों और ठेकेदार समेत पांच लोगों की गिरफ्तारी के साथ ही चार करोड़ की नकदी बरामद होने से हर कोई हैरान है।
निशाने पर कई अधिकारी
सीबीआई लगातार मामले की पड़ताल में जुटी हुई है। उसके निशाने पर एनसीएल के और भी कई अधिकारी हैं। समझा जा रहा है कि अगले कई दिन सीबीआई की पड़ताल जारी रहेगी। सीबीआई की जांच का शिकंजा कसते ही एनसीएल के मुख्य सुरक्षा अधिकारी रविंद्र कुमार प्रसाद सिंगरौली स्थित अपने आवास से गायब हो गए।
आवास पर पुलिस का पहरा
सोमवार को जब छापेमारी हुई तो वह नहीं मिले। उनके आवास पर स्थानीय पुलिस का पहरा बैठा दिया गया है। घर में किसी भी व्यक्ति के प्रवेश पर रोक लगाई गई है। रविंद्र के बारे में स्वजन से पूछताछ की गई है। एनसीएल में सप्लाई में अनियमितता की शिकायतों के जांच के मामले में अनुकूल रिपोर्ट देने वाले जबलपुर सीबीआई डीएसपी दामले पर निलंबन की तलवार भी लटक गई है।
वसूली का गिरोह बनाया और स्वयं बिचौलिया बन गया
निजी ठेकेदार रवि सिंह ने एनसीएल के कुछ प्रमुख अधिकारी और सीबीआई के डीएसपी को साधकर गिरोह बना लिया था। अधिकारियों के माध्यम से वह एनसीएल में अनियमितता की जानकारी लेता था। उसके बाद सीबीआई डीएसपी के साथ मिलकर संबंधित अधिकारियों को कार्रवाई का भय दिखाता है। अधिकारियों के लिए वह बिचौलिए का भी काम करता था। वसूली करके राशि का आपस में बंटवारा करता था।
एनसीएल में था आफिस, इंटरकाम की भी सुविधा
ठेकेदार मेसर्स संगम इंजीनियरिंग के मालिक रवि सिंह एनसीएल में बड़ा सप्लायर है। वह मशीनों के कलपुर्जों की आपूर्ति करता है। उसकी एनसीएल में हर बड़े अधिकारी तक पहुंच थी। इतना रसूख था कि एनसीएल परिसर में उसने अपना निजी आफिस बना रखा था।

