अमेरिकी F-15ई स्ट्राइक ईगल जेट्स हमला करने के लिए तैयार
नई दिल्ली. अमेरिका और इजरायल के सैन्य अधिकारी ईरान पर संभावित हमलों के लिये टारगेट की सूची बना रहे है। सीएनएन की रिपोर्ट के अनुसार दोनों देशों के बीच जल्द ही ईरान पर फिर से सैन्य कार्यवाही शुरू करने की प्लानिंग चल रही है। इजरायली सेना और अमेरिकी सेंट्रल कमांड (केंटोम) ने इमरजेंसी मीटिंग की है। संयुक्त रूप से ईरान के जरूरी ठिकानों की सूची तैयार की जा रही है। यह तैयारी अगले हफ्ते तक हमला शुरू करने जितनी तेजी से चल रही है।
वर्तमान में 8 अप्रैल को लगा युद्धविराम पूरी तरह लाइफ सपोर्ट पर चल रहा है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने स्वयं कहा है कि ईरान के साथ शांति की कोशिशें लगभग समाप्त हो चुकी है। पाकिस्तान की मध्यस्थता में चल रही चर्चा भी पूरी तरह फेल हो गयी है। ईरान मेें बातचीत में स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर पूरा संप्रभु अधिकार और नयी प्रबंधन व्यवस्था की मांग की थी। जिसे ट्रम्प ने सिरे खारिज कर दिया है।
ईरान पर हमले के संभावित लक्ष्य
अमेरिकी और इजरायली अधिकारी मिलकर ईरान के अंदर जरूरी टारगेट्स की एक संयुक्त सूची तैयार कर रहे है। इनमें ईरान के परमाणु कार्यक्रम से जुड़े प्लांट, मिसाइल फैक्टरियां, सैन्य अड्डे और कमांड सेंटर शामिल हो सकते है। दोनों देशों का मानना है कि अगर अभी कार्रवाई नहीं की गई तो ईरान फिर से मजबूत हो जाएगा और क्षेत्रीय सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा बन जाएगा।
स्ट्रेट ऑफ होर्मुज दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री रास्तों में से एक है। यहां से दुनिया का बहुत बड़ा तेल निर्यात होता है. ईरान ने इस पर अपना पूरा नियंत्रण मांगा था, जिसे अमेरिका और इजरायल दोनों ने मना कर दिया । अगर युद्ध शुरू हुआ तो इस खाड़ी में तेल आपूर्ति प्रभावित हो सकती है, जिसका असर पूरी दुनिया की पर पड़ेगा ।
फिलहाल दोनों तरफ से कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है। लेकिन सैन्य स्तर पर तैयारी तेज हो गई है। इजरायल का मानना है कि ईरान की परमाणु क्षमता को हमेशा के लिए खत्म करने का यह आखिरी मौका हो सकता है। अमेरिका भी ईरान को मजबूत होने से रोकना चाहता है।

