WRD-ENC पेशी पर नहीं आए, हाईकोर्ट ने कहा– अगली सुनवाई में नहीं आए तो होगी कार्रवाई
मामला RRC के क्रियान्वयन का अब सुनवाई 7 को
ग्वालियर -मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने जल संसाधन विभाग (WRD) के प्रमुख अभियंता की कार्यशैली पर कड़ी टिप्पणी की है। वर्ष 2022 के आदेश का पालन अब तक नहीं होने पर हाईकोर्ट ने नाराजगी जताते हुए कहा कि 19 फरवरी 2026 को चार सप्ताह की मोहलत और स्पष्ट चेतावनी देने के बावजूद अधिकारी ने आदेश का पालन नहीं किया। 31 मार्च की सुनवाई में भी कोर्ट में पेश होना भी जरूरी नहीं समझा। हालांकि, सरकारी वकील ने प्रमुख अभियंता के हाईकोर्ट में न आने पर खेद प्रकट किया और बताया कि कैबिनेट मंत्रियों के साथ बैठक के चलते वे हाईकोर्ट में उपस्थित नहीं हो सके। हालांकि, हाई कोर्ट ने इस दलील को महत्व नहीं दिया और दो टूक कहा कि उनकी दिलचस्पी अधिकारियों की उपस्थिति या अनुपस्थिति दर्ज करने में नहीं है। आदेश का पालन होना सर्वोपरि है। हाईकोर्ट ने अंतिम मौका देते हुए 7 अप्रैल 2026 तक आदेश का पालन सुनिश्चित करने को कहा है। साथ ही चेतावनी भी दी है कि यदि इस बार भी आदेश की अवहेलना हुई, तो सीधे अवमानना में आरोप तय कर कठोर कार्रवाई की जाएगी।
मामला 2022 का: मामला वर्ष 2022 के रेवेन्यू रिकवरी प्रमाण-पत्र (RRC) के पालन से जुड़ा है, जिसका अब तक क्रियान्वयन नहीं हो सका है। इस पर कोर्ट पहले ही 19 फरवरी 2026 को सख्त टिप्पणी करते हुए चार सप्ताह का समय दे चुका था। कोर्ट ने चेतावनी दी थी कि आदेश का पालन नहीं होने पर अधिकारी को व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होना पड़ेगा।

