CEIR पोर्टल ने 1 करोड़ 30 लाख रूपये के 515 मोबाइल खोजे
ग्वालियर. प्रतिदिन मोबाइल गुम होने संबंधी आवेदन सीईआईआर पोर्टल के माध्यम से प्राप्त हो रहे हैं। उक्त मोबाइलों को सायबर सेल ग्वालियर की टीम से ट्रेस कराकर उनकी शीघ्र बरामदगी कराने हेतु निर्देशित किया गया ।
डीएसपी अपराध नागेन्द्र सिंह सिकरवार के कुषल मार्गदर्शन में प्रभारी सायबर सेल एसआई रजनी सिंह रघुवंशी द्वारा सायबर सेल की टीम को मोबाइल गुम होने संबंधी प्राप्त आवेदनों पर कार्यवाही करने हेतु लगाया गया। सायबर सेल टीम द्वारा उक्त आवेदनों पर त्वरित कार्यवाही करते हुए सीईआईआर पोर्टल के माध्यम से विभिन्न कम्पनियों के 515 मोबाइलों को ट्रेस कर बरामद किया गया।
सायबर सेल की टीम ने माह अप्रैल-जून 2025 में लगभग 01 करोड़ 30 लाख रूपये कीमत के 515 मोबाइल बरामद किये जो कि एप्पल, सेमसंग, वनप्लस, ओप्पो, वीवो, पोको, टेक्नो, रेडमी, रीयलमी, एमआई आदि कंपनियों के है। उक्त मोबाइलों को ग्वालियर पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों व सायबर सेल की टीम द्वारा मोबाइल मालिकों को सुपुर्द किया गया। उक्त सभी मोबाइलों को ग्वालियर, मुरैना, गुना, भिण्ड, शिवपुरी, दतिया, झॉसी, बिहार, केरल, दिल्ली, गुजरात, राजस्थान, उ0प्र0 एवं उत्तराखण्ड आदि स्थानों से ट्रेस किया जाकर बरामद किये गये थे। जिनके मोबाइल गुम हुये थे उनमें रिटायर्ड आर्मी ऑफीसर, डॉक्टर, एडवोकेट, शिक्षक, विद्यार्थी, घरों में काम करने वाली महिलायें, दिहाड़ी मजदूर, शासकीय कर्मचारी, व्यापारी आदि मोबाइल धारक थे। मोबाइल वापस मिलने पर सभी मोबाइल धारकों के चेहरे पर पुनः मुस्कान लौट आई। सभी मोबाइल मालिकों द्वारा मोबाइलों के वापस मिलने पर पुलिस अधिकारियों एवं सायबर सेल की टीम का धन्यवाद ज्ञापित किया गया है।
सीईआईआर पोर्टल
सेंट्रल इक्विपमेंट आइडेंटिटी रजिस्टर (सीईआईआर) पोर्टल के माध्यम से चोरी या गुम हुए मोबाइल की शिकायत ऑनलाईन कर सकते है। सीईआईआर की मदद से मोबाइल को ब्लॉक करने के बाद कोई उसका गलत उपयोग नही कर पाएगा और यदि कोई व्यक्ति मोबाइल का सिम कार्ड बदल कर दूसरी सिम लगाकर मोबाइल का उपयोग करेगा तो उसकी जानकारी पुलिस को मिल जाएगी तथा पुलिस मोबाइल को आसानी से खोज लेगी। जिसका मोबाइल गुम हो गया है या चोरी हो गया है तो इसकी रिपोर्ट नजदीकी थाने पर दर्ज कराएं और फिर सीईआईआरपोर्टल (www.ceir.gov.in) पर जाकर मोबाइल का आईएमईआई नंबर ब्लॉक करें जिससे गुम हुए या चोरी हुए मोबाइल का कोई नई सिम डालकर उपयोग करेगा तो पोर्टल के माध्यम से पुलिस को सूचना मिल जाएगी।

