मध्य प्रदेश

Newsमध्य प्रदेशराज्य

केन्द्रीय परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय का लिया फैसला 20 साल से पुरानी गाडि़यों की री-रजिस्ट्रेशन फीस दोगुनी लगेगी

ग्वालियर. अगर आपके पास 20वर्षो से अधिक पुरानी गाड़ी है। तो अब उसकी री-रजिस्ट्रेशन फीस को रीन्यू करवाना पहले से अधिक महंगा हो गया है। केन्द्र सरकार के सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय ने पुराने वाहनों के रजिस्ट्रेशन के नवीनीकरण (रीन्यूअल) के नियमों में बदलाव कर दिया है। इस बदलाव के तहत अब लोगों को रीन्यूअल के समय से पहले दोगुनी फीस चुकानी होगी।
परिवहन आयुक्त विवेक शर्मा का कहना है कि पर्यावरण के हित में यह कदम केन्द्रीय परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने उठाया है। नया नियम इसलिये लागू किया है। क्योंकि पुराने वाहन अधिक प्रदूषण फैलाते हैं। सरकार का प्रयास है कि लोग ऐसे वाहनों का इस्तेमाल कम करें और नये, कम प्रदूषण फैलाने वाले वाहन अपनायें। यदि आप अपने पुराने वाहन का रजिस्ट्रेशन रीन्यू नहीं कराते तो यातायात नियमों के उल्लंघन पर जुर्माना भी देना पड़ सकता है।
इर्म्पोटेड गाडि़यों पर बड़ा शुल्क
पहले बाइक का रजिस्ट्रेशन री न्यू कराने पर 1 हजार रूपये लगते थे। अब यह फीस 2 हजार रूपये कर दी गयी है। इसी तरह कार मालिकों को अब 5 हजार की जगह 10 हजार रूपये देने होंगे। बड़ी गाडि़यों और इम्पोर्टेड गाडि़यों पर भी शुल्क बढाया गया है।
अक्टूबर 2021 में भी शुल्क में वृद्धि हुई थी
संशोधन का मसौदा फरवरी में जारी किया गया था और 21 अगस्त को इसे अंतिम रूप दिया गया। मंत्रालय ने अक्टूबर 2021 में मोटर साइकिल, तिपहिया और कारों के पंजीकरण और नवीनीकरण शुल्क में वृद्धि की थी

Newsमध्य प्रदेशराज्य

पूर्व ओलम्पियन मोहम्मद शाहिद के घर बुलड़ोजर से हटाया, सड़क चौड़ीकरण के लिये प्रशासन ने की है कार्यवाही

वाराणसी. उत्तरप्रदेश के वाराणसी में कचहरी से संदहा सड़क चौड़ीकरण के बीच पुलिस लाइन से कचहरी तक कुछ 12 मकानों को बुलडोजर लगातार तोड़ा गया है। इन मकानों में पूर्व ओलम्पियन और पद्श्री हाकी प्लेयर स्वर्गीय मोहम्मद शाहिद का घर भी शामिल था। सड़क चौडीकरण के लिये यह कार्यवाही की गयी है। शाहिद के परिजनों ने पुलिस और प्रशासन से काफी बहसबाजी की और कार्यवाही रोकने की मांग की। लेकिन उनकी एक नहीं सुनी गयी और बुलडोंजर चला दिया गया।
ओलम्पियन और पुलिस के बीच हुई बहस
प्रशासन का कहना है कि मकान में रहने वाले 9 सदस्यों में से 6 लोगों ने मुआवजा ले लिया था। जबकि बाकी समय मांग रहे थे। बुलडोजर कार्यवाही की घटना का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। जिसमें एक बुजुर्ग मुस्लिम पुलिसवाले से कह रहे हैं। मिश्रा जी, मैं आपके पैर पकड़ रहा हूं। बस आज की मोहलत दे दीजिये ।कल हटा लेंगे। अखिलेश यादव ने भी इस वीडियो को पोस्ट किया है। आपको बता दें कि मोहम्मद शाहिद के परिवार ने प्रशासन की इस कार्यवाही का कड़ा विरोध किया। उनकी भाभी नाज़नीन नेबताया है कि उन्होंने कोई मुआवजा नहीं लिया है और उनके पास दूसरा मकान भी नहीं है। ऐसे में वह बेघर हो जायेंगे। शाहिद के मामा के लड़के मुश्ताक ने आरोप लगाया है कि उनके घर में शादी है। उनके पास कहीं और जमीन नहीं है। उन्होंने कहा है कि यह सिर्फ प्रशासनिक गुंडई है। पुर्नवास की व्यवस्था नहीं की जा रही है। मुश्ताक ने यह भी आरोप लगायाहै कि मुस्लिम बाहुल इलाके में जानबूझ कर सड़क को 21 मीटर चौड़ा किया जा रहा है। इसके लिये उन्होंने मंत्री रविन्द्र जयसवाल को जिम्मेदार बताया है।
मुआवजा और कार्यवाही पर प्रशासन का तर्क
इस मामले में वाराणसी के एडीएम सिटी आलोक वर्मा ने अपना पक्ष रखा। उन्होंने बताया कि सड़क चौडीकरण में जिन लोगों को मुआवजा दिया जा चुका है। उन्हें हटाने की कार्यवाही की जा रही है। एडीएम सिटी ने कहा है कि बुलडोजर से तोड़ने पर थोड़ी बहुत टूट-फूट हो सकती है। लेकिन किसी भी हिस्से को अनावश्यक रूप से नहीं तोड़ा जा रहा है। वही मोहम्मद शाहिद के मकान के बारे में उन्होंने बताया कि उनके घर में 9 सदस्य है। जिनमें से 6 को मुआवजा दे दिया गया था। बाकी 3 लोगों के पास स्टे ऑर्डर था। इसलिये उनके हिस्से को छोड़ दिया गया है। एडीएम ने यह भी बताया है कि शादी का हवाला देकर परिवार ने समय मांगा था। लेकिन उन्होंने मुआवजा लेने के लिये मांगे गये दस्तावेज नहीं दिये।
पहले भी हो चुकी थी कार्यवाही
ज्ञात हो कि लोक निर्माण विभाग ने संदहा से पुलिस लाइन तक सड़क चौड़ीकरण का काम पूरा कर लिया है। इस चरण में पुलिस लाइन चौराहे से कचहरी के बीच 59 मकानों को तोड़ने की कार्यवाही 3 चरणों में की जा चुकी है। प्रशासन का कहना है कि यह कार्यवाही के कानून के अनुसार की जा रही है।

Newsमध्य प्रदेशराज्यव्यापार

मेला व्यापारियों का उत्पीड़न नहीं रोका तो सामूहिक आत्मदाह करेंगे मेला व्यापारी

मेला व्यापारी संघ ने दी चेतावनी : मेला में नेपाल और लद्दाख जैसा माहौल बनाने के लिए मजबूर न करे मेला प्राधिकरण
ग्वालियर, – मेला दुकानों के किराए में जबरदस्त बढ़ोत्तरी, ईंटेंडर के जरिए दुकानों की नीलामी, ऑनलाईन प्रक्रिया की विसंगतियों एवं मेला की कीमती जमीन को खुर्दबुर्द करने की साजिश जैसे तमाम गंभीर मुद्दों को लेकर ग्वालियर व्यापार मेला के दुकानदारों का आक्रोश थमने का नाम नहीं ले रहा है। मेला व्यापारियों ने मेला प्राधिकरण, प्रशासन एवं स्थानीय जनप्रतिनिधियों के अनदेखी भरे रवैए पर गहन नाराजगी जताते हुए आगाह किया कि मेला प्राधिकरण बेरोजगारी और निरंतर उपेक्षा से त्रस्त आ चुके व्यापारियों को ग्वालियर मेला में मजबूरी में नेपाल और लेह लद्दाख जैसे हालात निर्मित करने के लिए विवश न करे।
ग्वालियर व्यापार मेला व्यापारी संघ के अध्यक्ष महेंद्र भदकारिया, सचिव महेश मुदगल, संयोजक उमेश उप्पल, संयुक्त अध्यक्ष एवं प्रवक्ता अनिल पुनियानी, सह संयुक्त अध्यक्ष जगदीश उपाध्याय, कार्यकारी अध्यक्ष अनुज गुर्जर हरिकांत समाधिया ने आज एक वक्तव्य में आग्रह किया कि केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया एवं प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को ग्वालियर व्यापार मेला में चल रहे इस खेल को रोकने के लिए हस्तक्षेप कर मेला व्यापारियों को ताजा पैदा हो रहे संकटों से उबारना चाहिए। उन्होंने कहा कि सब तरफ से नाउम्मीद हो चुके मेला व्यापारियों को अब सिर्फ सिंधिया और सीएम से ही आशा है। ग्वालियर व्यापार मेला व्यापारी संघ के पदाधिकारियों ने उक्त संबंध में केंद्रीय मंत्री सिंधिया, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव एवं मेला प्राधिकरण के पदेन अध्यक्ष प्रदेश के एमएसएमई मंत्री चैतन्य कश्यप को पत्र लिखकर ग्वालियर मेला से संबंधित सभी विषयों को अपने हाथ में लेकर राहतपूर्ण निराकरण का आग्रह किया है।
मेला व्यापारी संघ के अध्यक्ष एवं संयुक्त अध्यक्ष व प्रवक्ता अनिल पुनियानी ने ऐलान किया है कि मेला व्यापारियों की सुनवाई नहीं हुई तो सभी मेला व्यापारी मेला प्राधिकरण के दफ्तर के बाहर सामूहिक आत्मदाह करने के लिए मजबूर होंगे। अब यह मेला प्राधिकरण को तय करना है कि वह अपनी हिटलरशाही को जारी रखते हुए मेला व्यापारियों को आत्मदाह के लिए मजबूर करता है या फिर अपनी रीति नीति को बदलकर मेला व्यापारियों को राहत प्रदान करता है।
मेला पदाधिकारियों ने आरोप लगाया कि ग्वालियर मेला की सोने जैसी कीमती जमीन को खुर्दबुर्द करने की गंभीर साजिश रची जा रही है। भारत मंडपम के नाम पर मेला की 25 एकड़ जमीन को ठिकाने लगाने की तैयारी है, यह पहले ही वर्चुअल बैठक के एजेंडा से जाहिर हो चुका है।
मेला परिसर सिर्फ जमीन का टुकड़ा नहीं, एक एक इंच भूमि से व्यापारियों की जुड़ी भावनाएं, इसलिए मेला की जमीन बचाने लगा देंगे जान की बाजी
मेला व्यापारी संघ को पता चला है कि अब जिला उद्योग केंद्र (डीआईसी) को भी मेला की 5 एकड़ भूमि देने की गुपचुप तैयारी चल रही है। सवाल मेला की जमीन को उद्योगपतियों, कारोबारियों या सरकारी प्रतिष्ठानों को लीज पर देने या आवंटन का नहीं है, मेला व्यापारियों को दुःख इसलिए है क्योंकि ग्वालियर मेला सिर्फ एक जमीन का टुकड़ा नहीं है, बल्कि मेला की इंच इंच भूमि से यहां के व्यापारियों और दुकानदारों की दिली आस्थाएं और लगाव जुड़ा हुआ है और मेला की जमीन को धंधेबाजों के हाथों में जाने से रोकने के लिए एक एक मेला व्यापारी अपनी जान की बाजी तक लगा देगा।
यह वक्तव्य जारी करने वालों में मेला के इलेक्ट्रॉनिक्स सेक्टर के मुकेश अग्रवाल, चरणजीत नागपाल, ललित नागपाल, श्याम गुप्ता, झूला मनोरंजन सेक्टर के महेन्द्र भदकारिया, अचल भदकारिया, राजेंद्र सिंह भदौरिया, होटल हलवाई सेक्टर के अनिल पुनियानी, अनुज गुर्जर, सुरेश हिरयानी, अनिल शर्मा, संजू तोमर, पप्पू शिवहरे, रिजवान, सरस्वती शिवहरे आदि प्रमुख हैं।

मध्य प्रदेशराज्य

विकास कार्यों को गुणवत्ता के साथ समय-सीमा में पूर्ण कराने पर दिया जोर – कलेक्टर

धीमी प्रगति के लिये जिम्मेदार सीएमओ एवं उपयंत्रियों के खिलाफ होगी कार्रवाई 
ग्वालियर – नगर निगम सहित जिले के सभी नगरीय निकायों में चल रहे विकास कार्यों एवं प्रधानमंत्री आवास योजना सहित अन्य जनकल्याणकारी योजनाओं की कलेक्टर रुचिका चौहान ने रविवार को समीक्षा की। उन्होंने सड़कों की मरम्म्त सहित विकास कार्यों में गति लाने और गुणवत्ता के साथ कार्य पूर्ण करने के निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिए। विकास कार्यों की निरंतर मॉनीटरिंग करने पर बल दिया। साथ ही कहा कि जो ठेकेदार समय पर व गुणवत्ता के साथ कार्य नहीं करा रहे हैं उनके विरूद्ध दण्डात्मक कार्रवाई प्रस्तावित की जाए।
सम्पत्तिकर व जल कर की वसूली में तेजी लाने पर जोर दिया और इन करों की वसूली के लिये विशेष अभियान चलाने के निर्देश भी दिए। उन्होंने कहा कि जिन नगरीय निकायों में लंबे समय से जल कर रिवाइज नहीं हुआ है वहाँ निर्धारित प्रक्रिया का पालन कर जल कर निर्धारित किया जाए। व्यवसायिक व घरेलू नल कनेक्शन पर जल कर अलग-अलग होना चाहिए। उन्होंने कहा जो वार्ड संपत्तिकर व जल कर भरने में अग्रणी हैं उन्हें विकास कार्यों व शासन की अन्य योजनाओं में प्राथमिकता देने की पहल करें।
नगरीय निकायों में विशेष निधि एवं मुख्यमंत्री अधोसंरचना मद से चल रहे विकास कार्यों की प्रगति ठीक नहीं है वहाँ के मुख्य नगर पालिका अधिकारियों एवं उप यंत्रियों की वेतन वृद्धि रोकने के लिये कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए हैं। बगैर अनुमति के भवन व अन्य निर्माण कार्य करने की प्रवृत्ति को रोकने पर बल दिया। नगर पंचायत आंतरी में यह स्थिति ठीक न पाए जाने पर यहाँ के सीएमओ को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश भी दिए।
योजनाओं के तहत चल रहे विकास कार्य, संपत्तिकर व जल कर की वसूली, नामांतरण, प्रधानमंत्री आवास योजना, पीएम स्वनिधि, “मैं भी डिजिटल” अभियान, भवन निर्माण अनुमति सहित सरकार द्वारा संचालित अन्य योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की गई। बैठक में अपर आयुक्त नगर निगम प्रदीप तोमर व मुनीष सिकरवार एवं प्रभारी परियोजना अधिकारी शहरी विकास अभिकरण एवं डिप्टी कलेक्टर उमेश कौरव सहित जिले के अन्य नगरीय निकायों के मुख्य नगर पालिका अधिकारी एवं विभागीय अधिकारी उपस्थित थे।
अग्निशमन दस्ते में बढ़ाएं “क्विक रिस्पोंस व्हीकल”, वैकल्पिक फायर ब्रिगेड भी तैयार करें   
ग्वालियर नगर निगम के अग्निशमन दस्ते में “क्विक रिस्पोंस व्हीकल” की संख्या बढ़ाने के निर्देश दिए। साथ ही कहा कि नगर निगम सहित जिले के सभी नगरीय निकायों में उपलब्ध फायर ब्रिगेड की सर्विस व मरम्मत कराकर 24 घंटे चालू हालत में रखें। उन्होंने जिले के अन्य नगरीय निकायों में पानी के टैंकर में मोटर लगाकर इन्हें मिनी फायर ब्रिगेड के रूप में तब्दील करने के निर्देश दिए।
Newsमध्य प्रदेशराज्य

प्रेम प्रसंग से नाराज बाप ने नाबालिग बेटी को मारी गोली, शव नदी में फेंका, 5 दिन बाद मिली लाश

पुलिस ने आरोपी पिता की निशानदेही पर बेटी की लाश बरामद कर ली है। - Dainik Bhaskar

मुरैना. एक पिता ने अपनी नाबालिग बेटी की गोली मारकर हत्या कर दी। फिर उसकी लाश को नदी में फेंक दिया। बेटी का कसूर इतना था िकवह दूसरी जाति के युवक से प्यार करती थी। उससे शादी करना चाहती थी। पड़ोसी के संदेह जताने पर पुलिस ने पिता से पूछताछ की। सख्ती करने पर वह टूट गया। हत्या करने की बात मान ली। पुलिस ने उसकी निशांदेही पर रविवार को क्वांरी नदी में बेटी का शव बरामद कर लिया है। आरोपी पिता पुलिस की हिरासत में है। घटना मुरैना के शिवनगर की है। आरोपी नाम भारत उर्फ बंटू सिकरबार है। बेटी का नाम दिव्या था और 17 वर्षीय दिव्या की 12वीं की छात्रा थी।

पुलिस ने रविवार सुबह दिव्या का शव नदी से बरामद किया।
पड़ोसी ने पुलिस बताया था
पुलिस के अनुसार भरत सिकरबार के एक पड़ोसी ने शनिवार को सिविल थाने में फोन किया। ऐसा बताया कि भरत की बड़ी बेटी 17 वर्षीय दिव्या पिछले 2 दिनों से गायब है। यह भी कहा है कि गुरूवार को उसने भरत के घर से गोली चलने और किसी के चीखने की आवाज सुनी तो इस पर पुलिस भरत के घर पहुंची। उससे पूछताछ की। पूछताछ के बीच पुलिस को पता चला कि भरत के घर में 5 मेम्बर है। पत्नी, 2 बेटियां और एक बेटा है। बड़़ी बेटी दिव्या घर से गायब थी। उसके बारे में पूछने पर भरत ने गोलमाल जवाब दिया। पुलिस का संदेह गहरा गया और पुलिस ने शनिवार को ही भरत को थाने ले आयी।
क्या है मामला
दिव्या दूसरी जाति के लड़के से प्यार करती थी। उससे शादी पर अड़ी थी। समझाने पर भी नहीं मान रही थी। 23 सितंबर की रात करीब 9 बजे के करीब इसी बात पर पिता और बेटी में झगड़ा हुआ। गुस्से में आकर भरत ने दिव्या को गोली मार दी। फिर उसके शव को बोरे में भरा। तिरपाल से बांधकर गलेथा पंचायत में अपने पैतृक गांव भगवान सिंह का पुरा ले गया। यहां दिव्या के शव को पत्थर बांधकर क्वारी नदी में फेंक दिया। भरत के इस खुलासे के बाद पुलिस शनिवार को ही नदी किनारे उस जगह पहुंची, जहां उसने दिव्या का शव फेंका था। एसडीईआरएफ की मदद से पानी में तलाश शुरू की गई। अंधेरा होने तक शव नहीं मिला तो अभियान रोक दिया गया। रविवार सुबह तलाशी अभियान फिर शुरू किया गया। सुबह करीब 10 बजे दिव्या का शव नदी में मिल गया।
दिव्या ने खुद को गोली मारी
उधर, भरत ने बताया कि 23 सितंबर को वह घर में खाना खा रहा था। इसी बीच फायरिंग की आवाज सुनाई दी। दौड़कर अंदर पहुंचा तो देखा कि दिव्या की गर्दन में गोली लगी थी। अस्पताल ले जाने से पहले मौत हो गई तो नदी में जल दाग (अंतिम संस्कार) दे दिया।

 

Newsमध्य प्रदेशराज्य

RTO के पूर्व कांस्टेबल सौरभ शर्मा की जमानत याचिका रद्द, हाईकोर्ट ने कहा -आरोप संगीन

जबलपुर. मनी लॉन्ड्रिंग प्रकरण में आरोपी आरटीओ के पूर्व कांस्टेबल सौरभ शर्मा की जमानत याचिका पर मध्यप्रदेश हाईकोर्ट में शनिवार का सुनवाई की गयी। जस्टिस प्रमोद अग्रवाल के न्यायालय में जमानता पर सुरक्षित रखा 26 पन्नों का फैसला सुनाते हुए कहा है कि परिवहन विभाग के पूर्व आरक्षक सौरभ शर्मा पर आरोप संगीन है। इसलिये जमानत का फायदा देना उचित नहीं है। आपको बता दें कि सौरभ शर्मा पिछले 4 फरवरी से न्यायिक अभिरक्षा में है। इससे पहले 30 जुलाई को मामले पर सुनवाई करते हुए न्यायालय ने फैसला सुरक्षित रखा था।
सौरभ शर्मा के एडवोकेट ने सुनवाई के बीच न्यायालय में दलील दी थी। सौरभ शर्मा से अभी तक जितना भी पैसा मिला है। वह पूरा उसका नहीं है। सौरभ के नाम जो संपत्तियां नहीं है। उनसे उसका कोई लेना-देना नहीं है। वहीं ईडी की तरफ से न्यायालय को बताया गया था कि सौरभ ने ही संपत्तियां अर्जित करने के बाद अपने दोस्त और रिश्तेदारों के नाम की है। इससे पहले प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिग एक्ट (पीएमएल) के तह ईडी के द्वारा दर्ज मामले पर भोपाल न्यायालय ने 24 अप्रैल 2025 को सौरभ शर्मा की जमानत अर्जी निरस्त कर दी थी। 17 दिसम्बर 2024 को सौरभ शर्मा के ठिकानों पर छापेमारी शुरू की। ईडी के वकील विक्रम सिंह ने न्यायालय को बताया कि इस मामले में 108करोड़ रूपये की संपत्ति अटैच की गयी है। जिसे सौरभ शर्मा ने अपने दोस्त और रिश्तेदारों के नाम पर खरीदा था।
ईडी-आयकर विभाग कर रही है जांच
सौरभ शर्मा मामले पर आयकर विभाग के साथ ईडी, लोकायुक्त,ग्वालियर पुलिस जांच कर रही है। आरोपी ने जमानत के लिए हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी। 30 जुलाई को कोर्ट ने 10वीं पेशी पर सुनवाई करते हुए फैसला सुरक्षित रखा था। शनिवार को जस्टिस प्रमोद कुमार अग्रवाल की कोर्ट ने सुरक्षित रखे फैसले पर सुनवाई करते हुए सौरभ शर्मा की जमानत याचिका को खारिज कर दिया है।
लॉकर्स से मिले 2 करोड़ के सोने के जेवरात
आरोपी सौरभ शर्मा द्वारा अवैध रूप से अर्जित धन से उक्त संपत्तियां खरीदी गई थीं। उन्होंने यह भी बताया कि हाल ही में जब सौरभ शर्मा के लॉकर्स को खंगाला गया तो उसमें भी दो करोड़ रुपए के सोने के जेवरात मिले हैं। यह भी कहा गया कि ये पूरा पैसा सौरभ शर्मा का ही है।बता दें कि लोकायुक्त ने आरटीओ में आरक्षक रहे सौरभ शर्मा के घर पर दबिश दी थी। बेनामी संपत्ति मिलने पर ईडी ने सौरभ शर्मा सहित उसके परिवार के सदस्यों समेत 12 व्यक्तियों के खिलाफ प्रकरण दर्ज किया था। आरोपी सौरभ शर्मा बीते 4 फरवरी से न्यायिक अभिरक्षा में है। ईडी द्वारा दर्ज प्रकरण में जिला न्यायालय ने उन्हें जमानत देने से इनकार कर दिया था। इसके बाद आरोपी ने हाईकोर्ट में जमानत याचिका दायर की थी।

 

Newsमध्य प्रदेशराज्यव्यापार

उपयंत्री को क्लीनचिट पर बोला, रिश्वत के मामले में ठेकेदार ने दी गवाही मेरी कोई साझेदारी नहीं थी, ईओडब्ल्यू ने वर्षा मिश्रा को रंगे हाथों पकड़ था

उपयंत्री वर्षा मिश्रा

ग्वालियर. विशेष सत्र न्यायालय में शनिवार को नगरनिगम की सबइंजीनियर वर्षा मिश्रा से जुड़े रिश्वत प्रकरण की सुनवाई की गयी। इस बीच ठेकेदार सुरेशसिंह यादव ने गवाही देते हुए स्पष्ट किया कि पार्क के रख-रखाव का ठेका उसी के नाम पर था और उसने ही कार्य कराया था। उन्होंने कहा है कि उनकी किसी के साथ कोई साझेदारी नहीं थी।
यह मामला 9 फरवरी 2023 का है। जब अनूपसिंह यादव ने आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ (ईओडब्ल्यू) में पदस्थ उपयंत्री वर्षा मिश्रा के खिलाफ रिश्वत मांगने की शिकायत दर्ज कराई थी। अनूप सिंह का आरोप था कि 5 पार्को के संधारण कार्य पूरा होने के बाद बिल पास कराने के एवज में वर्षा मिश्रा ने 20 हजार रूपये की रिश्वत की मांग की थी।
15 हजार रुपए रिश्वत लेते पकड़ा था
शिकायत के आधार पर ईओडब्ल्यू ने 10 फरवरी 2023 को नगर निगम मुख्यालय के बाहर वर्षा मिश्रा को 15 हजार रुपए रिश्वत लेते हुए रंगेहाथ पकड़ा था। यह रकम शिकायतकर्ता ने कार के अंदर सीट पर रखी थी।जांच पूरी होने के बाद ईओडब्ल्यू ने इस मामले में खात्मा रिपोर्ट पेश कर दी थी। इसमें शिकायतकर्ता ने दावा किया था कि उसका ठेकेदार सुरेश सिंह यादव के साथ साझेदारी का संबंध था और उसने इसके साक्ष्य भी कोर्ट में दिए थे। लेकिन शनिवार को कोर्ट में पेश हुए ठेकेदार सुरेश सिंह यादव ने इस दावे को खारिज करते हुए साझेदारी से साफ इंकार कर दिया।

Newsमध्य प्रदेशराज्यराष्ट्रीय

पुलिस टीम पर पथराव और फायरिंग की, नूंह में चोरों ने को पकड़ने गयी पुलिस टीम पर हमला

नूंह. हरियाणा के नूंह जिले के बिछौर थाना इलाके में गांव इन्द्राना में शनिवार को पुलिस चोरों को पकड़ने गयी थी। लेकिन चोरों के समर्थकों ने पुलिस टीम पर ही हमला कर दिया। इस बीच पुलिस टीम पर पत्थरबाजी की गयी ।बाद में राइफलों से हमला कर दिया। जिससे कई पुलिसकर्मी जख्मी हो गये। वहीं बचाव के लिये पुलिस टीम ने भी फायरिंग की। पुलिस टीम पर पथराव और हमले का एक वीडियो भी सामने आया है।
नूंह पुलिस ने 13 लोगों का लिया हिरासत में
पुलिस के अनुसार आरोपियों व उनके समर्थकों ने पुलिस पर अवैध हथियारों व राइफलों से जमकर फायरिंग की। पहले आरोपियों और उनके समर्थकों ने पुलिस टीम पर पथराव किया और बाद में राइफलों व कट्टों से फायरिंग शुरू कर दी। इसमें कई पुलिसकर्मी जख्मी हो गये। पुलिस टीम ने आत्मरक्षा में पुलिस ने लगभग 7-8 राउंड हवाई फायरिंग करते हुए 13 लोगों को हिरासत में ले लिया है। घटना के बाद पूरे गांव में सन्नाटा पसर गया। बिछोर पुलिस ने मामले में 30 नामजद और 60 अज्ञात लोगों के खिलाफ केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। वहीं इस घटना में 13 लोगों की गिरफ्तारी की गयी है जिनमें 3 महिलायें भी शामिल है।
सीआईए तावडू की टीम आरोपी आजाद पुत्र सूबे खां उर्फ सुब्बा, शाहरूख पुत्र याकूब और शाहिद पुत्र खुर्शीद व अन्य आरोपियों को पकड़ने के लिये गांव इंदाना में छापेमारी करने पहुंची थी। आरोपियों पर पंजाब, आंध्रप्रदेश व अन्य ठिकानों पर मुकदमें दर्ज है। जैसे ही पुलिस ने आजाद के घर पर दविश दी। वैसे ही आरोपी आजाद ने पिस्टल निकाल पुलिस टीम पर सीधे फायरिंग कर दी। गनीमत रही कि गोली सिपाही समीर के हाथ को छूकर निकल गयी। जिससे वह बाल-बाल बच गया।
पुलिस ने फायरिंग के बाद आजाद मौके से भागने लगा। इस बीच उसकी पिस्टल मौके पर गिर गयी। जिसे पुलिस ने कब्जे में ले लिया। इसके बाद आजाद ने जोर-जोर से शोर मचाकर आसपास के लोगों का उकसाया। देखते ही देखते बड़ी संख्या में महिलायें और पुरूष वहां एकत्रित हो गये। पुलिस टीम पर पथराव शुरू कर दिया। इस बीच अरसद पुत्र सूबेदार ने जेसीबी मशीन को रास्ते में खड़ा कर पुलिस का रास्ता रोक दिया। पुलिस ने खालिद पुत्र सौकत ने राइफल से फायरिंग की जबकि वसीम अकरम पुत्र सौकत ने देशी कट्टे से पुलिस टीम पर सीधा फायर किया। भीड़ ने पुलिस वाहनों में तोड़फोड़ भीकी है। हालात बेकाबू होते देख पुलिसकर्मियों ने हवाई फायरिंग की।

Newsमध्य प्रदेशराज्य

1 अक्टूबर से नेशनल पेंशन स्कीम में कई बड़े बदलाव होंगे, जानिये आप पर क्या पड़ेगा प्रभाव

नई दिल्ली. ट्रेन टिकिट बुकिंग से पेंशन तक 1 अक्टूबर से कई बदलाव होने जा रहे है। जिसमें नेशनल पेंशन सिस्टम (एनपीएस) का भी नियम शामिल है। पेंशन फंड रेगुलेटरी एंड डवलपमेंट (PFRDA) ने 1 अक्टूबर 2025 से नेशनल पेंशन सिस्टम में कई बदलाव करने जा रहा है। एनपीएस के नये नियम के तहत अब नॉन-गवर्नमेंट एम्प्लाई 100 प्रतिशत तक इक्विटी में निवेश का विकल्प चुन सकते है। यह बदलाव निवेशकों को अधिक रिटर्न देने के मकसद किया गया है। लेकिन यह निवेशकों के रिस्क पर होगा। क्योंकि इसमें शेयर बाजार का जोखिम शामिल है। इसके साथ ही एक और बदलाव नया मल्टीपल स्कीम फ्रेमवर्क (MSF) पेश किया जायेगा। जिसके तहत निवेशक एक ही प्रान नम्बर पर अलग-अलग स्कीम को मैनेज कर सकेंगे।
यह नियम नहीं बदलेगा
विड्रॉल को लेकर टैक्स के नियम में कोई बदलाव नहीं होगा। 80%  एक मुश्त निकासी में से 60%  पर टैक्स छूट मिलेगी। जबकि बाकी 20%  इनकम स्लैब के हिसाब से टैक्सेबल होगा। पिछली साल सरकार ने यूनीफाइड पेंशन स्कीम (UPS) लांच की थी। जो कि सिर्फ केन्द्रीय कर्मचारियों के लिये थी। हालांकि इसका रिस्पॉन्स अच्छा नहीं रहा और अब उन्हें नेशनल पेंशन सिस्टम में वापिस आने का विकल्प दिया गया है।
निवेशकों के लिये क्या लाभ
100%  अमाउंट NPS  में निवेश का अवसर देने से अधिक रिटर्न मिलने का अनुमान होगा। जो उनके वेल्थ को तेजी बढ़ाने में मददगार हो सकता है और साथ ही इक्विटी निवेश का मौका और आसान विड्रॉल नियम, NPS  को निवेशकां के लिये आकर्षक बनायेगा। इससे निवेशकां को फंड निकालने और इमरजेंसी में अपने पैसे की पूति में भी सहायता होगी।

 

Newsमध्य प्रदेशराजनीतिराज्य

चोरी गये ट्रक के कबाड़ी ने एक माह पुर्जे -पुर्जे काटकर बेच दिये, नम्बर प्लेट से हुआ खुलासा, ट्रक चालक ही निकला चोर

ग्वालियर. महाराजपुर इलाके से एक माह पहले गायब हुए ट्रक का पुलिस ने पर्दाफाश किया है। ट्रक को चोरी करने वाला ट्रक का चालक ही निकला है। उसने ट्रक को खुर्द-बुर्द कर एक कबाड़ी को बेंच दिया था। एक माह में कबाड़ी ने ट्रक के पुर्जे -पुर्जे काटकर बेच दिये। घटना महाराजपुरा थाना इलाके लममणगढ़ पुल के पास की है।
घटना का खुलासा उस वक्त हुआ जब ट्रक मालिक ने दोस्त ने चोरी गये ट्रक के रजिस्ट्रेशन नम्बर कबाड़ी के गोदाम पर देखी पीडि़त ट्रक मालिक थाने पहुंचा और मामले की शिकायत की। पुलिस ने शिकायत पर मामला दर्ज कर खुलासा कर दिया है।
क्या है मामला
बिरला नगर कांचमिल निवासी उमेश सिंह पुत्र मातादीन गुर्जर ट्रांसपोर्टर हैं। उनके यहां जितेन्द्र सिंह गुर्जर निवासी सरसपुरा भिंड बतौर चालक काम करता था। तीन महीनों पहले वह घर जाने की कहकर गया था और उसके बाद वापस नहीं आया था। एक माह पूर्व उमेश सिंह का एक ट्रक नंबर RJ11 GC-2625 पिछले महीने 22 अगस्त को चोरी हो गया था।
तलाश करने के बाद भी जब ट्रक का कहीं पता नहीं चला तो उमेश सिंह ने ट्रक गायब होने की जानकारी पुलिस को दी थी। करीब एक महीने बाद उमेश सिंह को उनके एक परिचित ने फोन करके कहा कि गायब हुआ ट्रक कटी हुई हालत में राजू कबाड़ी के पास पड़ा है। उसने कबाड़ी के गोदाम में ट्रक की नंबर प्लेट पड़ी देखी है।
ट्रक के पुर्जे-पुर्जे अलग कर दिये थे
गायब ट्रक की खबर मिलते ही ट्रक मालिक जब राजू कबाड़ी के पास पहुंचा तो पता चला कि कबाड़ी ने पूरा ट्रक काट डाला है। अब ट्रक सिर्फ केबिन बचा है। राजू से बात की तो पता चला कि उसे ट्रक जितेन्द्र गुंर्जर दे गया था। पुलिस ने उसकी शिकायत पर राजू कबाड़ी, ट्रक चालक जितेन्द्र गुंर्जर व एक अन्य पर मामला दर्ज कर लिया है।

hacklink satın al grandpashabet grandpashabet grandpashabet grandpashabet giriş grandpashabet grandpashabet güncel giriş grandpashabet grandpashabet güncel grandpashabet grandpashabet giriş grandpashabet giriş grandpashabet grandpashabet grandpashabet grandpashabet matbet holiganbet güncel holiganbet matbet giriş sahabet onwin bets10 bets10 giriş bets10 güncel giriş betcio atlasbet bets10 bets10 giriş vaycasino vaycasino giriş norabahis betcio meritbet betplay atlasbet grandpashabet jojobet holiganbet kralbet deneme bonusu veren siteler deneme bonusu veren siteler casibom casibom betgit sonbahis amgbahis gameofbet romabet betplay 1win casinoroyal betsalvador meritking meritking giriş casinowon bullbahis benjabet casibom casibom giriş matbet matbet giriş matsosyal betpas betpas giriş betnano betnano giriş betnano güncel giriş süperbetin superbetin meritking meritking giriş betturkey çorlu escort tekirdağ escort Extrabet Extrabet giriş Extrabet güncel bahsegel