मध्य प्रदेश

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2 लाख दैनिक वेतन भोगियों को भी मिलेगी पेंशन, नियमित होने से पूर्व की 15 साल की सेवा होगी मान्य-हाईकोर्ट

जबलपुर. मध्यप्रदेश के लगभग 2 लाख दैनिक वेतन भोगियों (दैवेभो) कर्मचारियों को हाईकोर्ट ने बड़ी राहत दी है। न्यायालय ने आदेश दिया है कि अब उन्हें पेंशन का लाभ दिया जायेगा। खास बात यह है कि नियमित होने के दिन से पहले की 15 साल की सेवा भी पेंशन के लिये मान्य होगी। अभी तक दैवेभो कर्मचारियों के नियमित होने और रिटायर होने के बाद भी उन्हें पेंशन नहीं दी जाती थी।
इसपर कई कर्मचारियों ने हाईकोर्ट में याचिकायें दायर की थी। लगभग 1 हजार याचिकायें लग चुकी थी। अब न्यायालय ने अंतिम फैसला सुनाते हुए दैवेभो का राहत दी है जस्टिस विवेक जैन की बेंच ने सभी दलीलें सुनने के बाद आदेश जारी किया है। कोर्ट ने कहा है कि इस आदेश का 60 दिन में लागू किया जाये। इससे सेवानिवृत्त हो चुके और भविष्य में सेवानिवृत्त होने वाले सभी दैनेभो का लाभ मिलेगा।
याचिकाकर्त्ताओं का तर्क
याचिकाकर्त्ताओं ने कहा है कि वह भर्ती नियम (रूल-7) के मुताबिक उनकी सेवा को मान्यता नहीं दी रही थी। 27 फरवरी 2023 को हुए संशोधन को उन्होंने न्यायालय में चुनौती दी। एडवोकेट एमपीएस रघुवंशी ने कहा-नियम चाहे जो हो, दैवेभो को पेंशन मिलनी चाहिये। न्यायालय का आदेश इसी पक्ष को मजबूत करता है।
सुप्रीम कोर्ट कह चुका- नियमित हो चुके हैं तो पेंशन व अन्य लाभ मिले
सुप्रीम कोर्ट ने साल 2024 में एक ऐतिहासिक फैसले में यह स्पष्ट किया गया है कि यदि दैनिक वेतन भोगी कर्मचारी बाद में नियमित हुए हैं तो उन्हें रिटायरमेंट के बाद पेंशन व अन्य लाभ मिलें।
यूपी में इसी माह अध्यादेश लागू किया है। इसके तहत दैनिक वेतन भोगी और संविदा कर्मचारियों को अब पेंशन के लिए दावा करने का अधिकार नहीं दिया गया है। यानी उत्तर प्रदेश में फिलहाल दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों को पेंशन का लाभ नहीं मिल रहा है।

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विद्युत समस्या समाधान शिविर: बिजली जाने की शिकायत, सही करे बिना समाप्त की तो लाइन स्टाफ कार्रवाई के लिए रहें तैयार – विनोद कटारे

ग्वालियर -मध्यप्रदेश चैंबर ऑफ़ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री की मांग पर ऊर्जामंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर के निर्देश से चेंबर भवन में शहर के सभी उपभोक्ताओं की विद्युत समस्याओं के निराकरण के लिए प्रत्येक माह आयोजित किए जाने वाले शिविर में आज 27 सितम्बर शनिवार को विद्युत समस्या समाधान शिविर का आयोजन किया गया।
शिविर के प्रारंभ में अध्यक्ष डॉ प्रवीण अग्रवाल ने शिविर में पधारे हुए सभी उपस्थित जनों का स्वागत करते हुए कहा कि बहुत बार ऐसी शिकायतें आती हैं कि उपभोक्ता बिजली जाने की शिकायत दर्ज करवाते हैं तब बिजली सही होने से पहले ही विभाग द्वारा शिकायत समाप्त कर दी जाती है, जिससे उपभोक्ता को मानसिक पीड़ा होती है और बार-बार शिकायत दर्ज करनी होती है। 10 किलोवाट से ऊपर के औद्योगिक मीटर चेक करने के लिए एक निजी कंपनी को आदेशित किया गया है, लेकिन उस कंपनी के लोग घरेलू उपभोक्ताओं के यहां जाकर चेकिंग के नाम पर डराने और 10 किलोवाट से ऊपर के औद्योगिक उपभोक्ताओं को कई बार डराने का कार्य कर रहे हैं इसलिए बहुत आवश्यक है कि उनके साथ विद्युत वितरण कंपनी का कम से कम कनिष्ठ अभियंता स्तर का अधिकारी साथ हो और उपभोक्ता को अपना परिचय पत्र दिखाए, साथ ही जांच रिपोर्ट भी उस औद्योगिक उपभोक्ता को प्रदान करें।
उपभोक्ताओं की समस्या बताते हुए कहा कि मध्य प्रदेश चेंबर ऑफ कॉमर्स द्वारा ‘घर-घर सोलर लगे’ इसका एक अभियान चलाया हुआ है लेकिन अधिकांश उपभोक्ताओं की शिकायत आती है कि कई-कई माह सोलर मीटर स्थापित ही नहीं होते हैं, जिससे इस अभियान में रुकावट पैदा होती है। जो प्रतिमाह सोलर बिल दिए जा रहे हैं उन बिलों को जब अगले माह देखते हैं तो उनका प्रिंट गायब हो जाता है, यह एक बड़ी समस्या है।
मुख्य महाप्रबंधक ने अपने विभाग को निर्देशित करते हुए कहा सभी डीजीएम सुनिश्चित करें कि उपभोक्ताओं के साथ अच्छा व्यवहार होना चाहिए, उपभोक्ताओं को विभाग की नीतियों एवं योजनाओं के बारे में शिक्षित किया जाये ताकि उन्हें बार-बार चक्कर न लगाने पड़े। यदि भविष्य में यह शिकायत आती है कि उपभोक्ता की शिकायत दूर किए बिना शिकायत को समाप्त किया गया है तो उस लाइन स्टाफ, एई और जेई के विरुद्ध सख्त कार्यवाही होगी। उपभोक्ता के परिसर में किसी भी तरह की चेकिंग विभागीय अधिकारी की उपस्थिति में ही होगी और यदि यह कंपनी जिसे 10 किलोवाट से ऊपर के औद्योगिक कंपनी की जांच के लिए अधिकृत किया गया है और वह घरेलू उपभोक्ता के यहां चेकिंग करते पाए जाते हैं तो उनके विरुद्ध सख्त कार्यवाही होगी। सोलर मीटर के स्थापित होने में यदि विभाग की गलती पाई जाती है उस संबंधित अधिकारी के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाएगी यह सख्त निर्देश उन्होंने महाप्रबंधक शहर वृत्त को दिए साथ ही उन्होंने बताया कि चेकिंग पंचनामा की प्रति, मीटर लेब में जांच की प्रति उपभोक्ता को अवश्य ही मिले यह सुनिश्चित किया जाएगा।
इस शिविर में मुख्य रूप से चैंबर ऑफ़ कॉमर्स के अध्यक्ष डॉ. प्रवीण अग्रवाल, संयुक्त अध्यक्ष हेमंत गुप्ता,मानसेवी सचिव दीपक अग्रवाल,कार्यकारिणी सदस्य आशीष अग्रवाल, संजय अग्रवाल, विवेक बंसल, ग्वालियर रीजन के मुख्य महाप्रबंधक विनोद कटारे, महाप्रबंधक शहर वृत्त संदीप कालरा के साथ मध्य क्षेत्र के उपमहाप्रबंधक गगनदेव शर्मा,पूर्व क्षेत्र के उपमहाप्रबंधक अजीत सिंह राजपूत, दक्षिण क्षेत्र के उपमहाप्रबंधक सन्तोष विठ्ठल, सिटी सर्किल के उप महाप्रबंधक एसके चतुर्वेदी एवं विद्युत विभाग के वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित थे।

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पूर्व डकैतों ने की घेराबंदी और 30 गोलियां चलाई , वीडियोकॉल कर बचाई जान, 14 किमी दूर से पुलिस बुलाई, 4 गिरफ्तार

मुरैना. एक किसान ने 45 मिनट तक मौत को अपनी आंखों के सामने देखा है। पूर्व डकैतों और उनके 15 साथियों ने उस पर 30 से अधिक गोलियां चलाई। जिससे बचने के लिये उसे टीले के पीछे झाडि़यों में छिपना पड़ा। पीडित किसान बलवीर गुर्जर का कहना है कि गोलियां चल रही थी, मौत बिलकुल नजदीक थी। डर लगता है पर झूकंुगा नहीं। अगर पुलिस को वीडियो कॉल करके नहीं बुलाता तो आज मैं जिन्दा भी नहीं होता। इस मामले में पुलिस ने 4 आरोपियों का गिरफ्तार कर लिया है और साथ ही 11 आरोपियों पर 5-5 हजार का इनाम घोषित किया गया है।
हमले की आपबीती, बलवीर गुर्जर की जुबानी
“मैं अपने खेत में ट्रैक्टर चला रहा था, तभी अचानक रामभजन गुर्जर और नत्थू गुर्जर अपने 15 साथियों के साथ वहां आ धमके। आते ही उन्होंने मुझ पर गोलियां चलाना शुरू कर दीं। मैं डर गया और ट्रैक्टर छोड़कर भाग गया। मैंने देखा कि एक टीला है, तो मैं उसके पीछे झाड़ियों में छिप गया। वे लगातार गोलियां चला रहे थे। मुझे लग रहा था कि अब मैं नहीं बचूंगा। मैंने तुरंत चिन्नौनी पुलिस को फोन किया, लेकिन उन्हें मेरी लोकेशन नहीं मिल रही थी। फिर मैंने चिन्नौनी के प्रभारी को वीडियो कॉल किया और उन्हें अपनी लोकेशन दिखाई। पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची और मुझे वहां से सुरक्षित निकाला।पुलिस के आने तक वे लोग लगातार गोलियां चला रहे थे। ऐसा लग रहा था कि जैसे वे मुझे जिंदा नहीं छोड़ना चाहते।
इन आरोपियों पर 5-5 हजार का इनाम
रामभज गुर्जर, वीर सिंह गुर्जर, नत्थू गुर्जर,बल्लू उर्फ भोला गुर्जर,राममूर्ति गुर्जर, देवेंद्र गुर्जर,पृथ्वीराज गुर्जर अन्य चार आरोपी
इन 4 आरोपियों को किया गिरफ्तार
इंद्रजीत गुर्जर, बलदाऊ गुर्जर, रुस्तम गुर्जर, हंसराज गुर्जर

 

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मध्यप्रदेश पुलिस गरबा महोत्सव का माँ जगदंबे की आरती के साथ DGP ने किया भव्य शुभारंभ

1200 से अधिक महिला एवं बालिकाओं की रंगारंग सहभागिता
भोपाल, – नवरात्रि पर्व के पावन अवसर पर मध्यप्रदेश पुलिस वेल्फेयर सोसाइटी के तत्वावधान में एवं पुलिस महानिदेशक कैलाश मकवाणा एवं सीमा मकवाणा के मार्गदर्शन में पुलिस परिवारों के कल्याण और उत्सवधर्मिता को समर्पित भव्य गरबा महोत्सव का आयोजन 26 सितंबर को डीआरपी लाइन, नेहरू नगर स्थित परेड ग्राउंड में माँ जगदंबे की आरती के साथ हुआ। यह गरबा महोत्सव दो दिवस 26 एवं 27 सितम्बर तक चलेगा।
इस सांस्कृतिक आयोजन की शुरुआत वर्ष 2022 में हुई थी, जिसकी परिकल्पना तत्कालीन पुलिस महानिदेशक सुधीर सक्सेना की धर्मपत्नी श्रीमती प्रियंवदा सक्सेना द्वारा की गई थी। आज के इस भव्य गरबा महोत्सव को डीजीपी की धर्मपत्नी श्रीमती सीमा मकवाणा ने पूरे उत्साह और संवेदनशीलता के साथ इसे एक भव्य रूप दिया। उनकी प्रेरणा से पिछले दो सप्ताहों में डीआरपी लाइन तथा 23वीं, 7वीं और 25वीं वाहिनी में चार प्रशिक्षण शिविर आयोजित किए गए, जिनमें बड़ी संख्या में पुलिस परिवार की महिलाओं और बालिकाओं ने गरबा नृत्य का अभ्यास किया। इन्हीं प्रशिक्षणों का परिणाम रहा कि आज लगभग 1200 महिला एवं बालिका प्रतिभागियों ने एक साथ गरबा प्रस्तुत कर इस आयोजन को अविस्मरणीय बना दिया।
इस अवसर पर पूर्व पुलिस महानिदेशक सुधीर सक्सेना सहित पुलिस मुख्यालय एवं भोपाल पुलिस कमिश्नरेट के वरिष्ठ अधिकारी, सेवानिवृत्त अधिकारी तथा पुलिस परिवारजन बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। प्रायः त्यौहारों पर पुलिसकर्मी ड्यूटी में व्यस्त रहते हैं और उनके परिवार त्यौहार की खुशियों से वंचित रह जाते हैं। इस संवेदनशीलता को ध्यान में रखते हुए पुलिस वेल्फेयर सोसाइटी द्वारा यह नवाचार किया गया है, ताकि पुलिस परिवार भी आम नागरिकों की तरह नवरात्रि के उल्लास और उमंग में शामिल होकर अपनी सांस्कृतिक परंपराओं का आनंद ले सकें।
इस अवसर पर डीजीपी ने सभी पुलिस परिवारों को नवरात्रि पर्व की शुभकामनाएँ दीं और कहा कि“पुलिस परिवार हमारे बल की असली शक्ति हैं। उनकी खुशी और संतोष ही हमारे कार्य का प्रेरणास्रोत है। यह गरबा महोत्सव इस अपनत्व और पारिवारिक भावनाओं का उत्सव है। गरबा स्थल पर पुलिस परिवार की महिलाओं द्वारा विभिन्न व्यंजनों के स्टॉल भी लगाए गए थे। बच्चों के लिए खेल-खिलौनों और आकर्षक सजावट ने आयोजन को मेला-जैसा स्वरूप प्रदान कर दिया। सभी परिवारजन, अधिकारी और कर्मचारी उल्लास, भक्ति और सांस्कृतिक रंगों से सराबोर होकर इस आयोजन का आनंद लेते दिखे।

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हाईकोर्ट ग्वालियर ने सुनाया अहम फैसला-’सहायक अध्यापकों की सीनियरटी 1998 से मान्य होगी, 18 खाली पदों पर पदोन्नति पर विचार का आदेश

ग्वालियर. मध्यप्रदेश हाईकोर्ट की ग्वालियर खंडपीठ ने सहायक अध्यापकों को बड़ी राहत देते हुए शिक्षा विभाग को उनकी पदोन्नति पर विचार करने के निर्देश दिये है। राजेन्द्र प्रसाद शर्मा एवं अन्य की तरफ से दायर की गयी याचिका पर सुनवाई करते हुए अदालत ने साफ किया कि याचिकाकर्त्ताओं की वरिष्ठता उनकी वास्तविक नियुक्ति 5-7 सितम्बर 1998 से मानी जायेगी। अदालत ने अपने आदेश में कहा है कि विभाग को 18 रिक्त अध्यापक पदों पर 3 महीने के अन्दर उनकी पदोन्नति पर निर्णय लेना होगा और साथ ही सभी परिणामी लाभ दिये जायेंगे। हालांकि बकाया वेतन नहीं मिलेगा।
3 वर्षो की सीनियरिटी खत्म कर दी विभाग ने
याचिकाकर्त्ताओं ने 25 अगस्त 2014 में जारी विभागीय आदेश को चुनौती दी थी। जिसमें उनकी पदोन्नति की मांग खारिज कर दी गयी थी। उनका कहना था कि 1998 में शिक्षा कर्मी ग्रेड-3 के रूप में नियुक्त हुए और 2007 से सहायक अध्यापक कैडर में शामिल हुए। लेकिन विभाग ने उनकी वरिष्ठता 2001 से गिनकर पदोन्नति से वंचित कर दिया।
न्यायालय में निरस्त 2014 का आदेश
विभाग ने तर्क दिया था कि वरिष्ठता 2001 से मानी जायेगी। जब उनका समायोजन हुआ था। लेकिन हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया कि 2008 के नियमों के लागू होने के बाद शिक्षा कर्मियों की सेवाओं को ही वरिष्ठता का आधार माना जायेगा। इसके साथ ही न्यायालय ने 25 अगस्त 2014 का विभागीय आदेश रद्द कर दिया। इस फैसले से सहायक अध्यापकों को न के वल सीनियरटी का फायदा मिलेगा। बल्कि पदोन्नति की राह भी खुल गयी है।
क्या है मामला
ग्वालियर हाईकोर्ट की एकल पीठ ने सहायक अध्यापकों को बड़ी राहत दी है। अदालत ने शिक्षा विभाग को निर्देश दिए हैं कि याचिकाकर्ताओं की वरिष्ठता उनकी प्रारंभिक नियुक्ति तिथि वर्ष 1998 से मानी जाए। इसके साथ ही, विभाग को 18 रिक्त अध्यापक पदों पर उनके प्रमोशन पर तीन माह के भीतर विचार कर निर्णय लेने का आदेश दिया गया है।
यह आदेश याचिकाकर्ता राजेन्द्र प्रसाद शर्मा व अन्य द्वारा दायर एक याचिका पर आया है। याचिकाकर्ताओं ने 2014 में एक विभागीय आदेश (25 अगस्त 2014) को चुनौती दी थी, जिसमें उनकी पदोन्नति की मांग खारिज कर दी गई थी। उनका तर्क था कि वे 1998 में शिक्षा कर्मी ग्रेड-3 के रूप में नियुक्त हुए थे और 2007 से सहायक अध्यापक कैडर में शामिल हुए। इसके बावजूद, विभाग ने उनकी वरिष्ठता 2001 से गिनी, जिससे उन्हें पदोन्नति का अवसर नहीं मिला।विभाग ने तर्क दिया था कि वरिष्ठता उनके समायोजन वर्ष 2001 से गिनी जानी चाहिए। हालांकि, अदालत ने स्पष्ट किया कि 2008 के नियम लागू होने के बाद शिक्षा कर्मियों की सेवाओं को ही वरिष्ठता का आधार माना जाएगा। इस फैसले के साथ, 2005 का परिपत्र अप्रासंगिक हो गया है,वर्ष 1998 में शिक्षा कर्मी ग्रेड-3 के रूप में नियुक्त हुए थे।

यह आदेश दिए
(1)- याचिकाकर्ताओं की वरिष्ठता वास्तविक नियुक्ति तिथियों (5 व 7 सितम्बर 1998) से मानी जाए।
(2)- 18 रिक्त पदों पर उनके प्रमोशन पर तीन माह के भीतर विचार किया जाए।
(3)- सभी परिणामी लाभ दिए जाएं, लेकिन बकाया वेतन नहीं मिलेगा।
(4)- 25 अगस्त 2014 का विभागीय आदेश रद्द किया जाता है।

 

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डिवाइडर से टकरा कर पलटी थार में 5 लोगों की मौत, लाशों के टुकड़े गाडी से 100 मीटर तक बिखरे पड़े थे

गुरूग्राम. हरियाणा के गुरूग्राम में झाड़सा चौक पर तेज रफ्तार थार डिवाइडर से टकरा गयी। जिससे थार में सवार 5 लोगों की मौत हो गयी। जबकि एक की हालत नाजुक है। जिसे अस्पताल में भर्ती करवाया गया है। फिलहाल खबर पर पहुंची पुलिस ने मृतकों के शवों को पोस्टर्माअम के लिये भिजवा दिया है। ऐसा बताया जा रहा है कि यूपी नम्बर की थार गाड़ी में कुल 6 लोग सवार थे।
सड़क हादसा शनिवार की सुबह 4.30 बजे के लगभग हुआ है। यहां यूपी81 सीएस 2319 नम्बर कीतेज रफ्तार थार दिल्ली से झाड़सा चौक एक्टिट नम्बर 9 से नीचे की तरफ जा रही थी। तभी गाड़ी का संतुलन बिगड़ गया और बेकाबू होकर थार सीधे डिवाइडर से जा टकराई। हादसा इतना भयानक था कि थार गाड़ी के परखच्चे उड़ गये।
एक की हालत गंभीर
गाड़ी में सवार 6 में से 5 लोगों की मौके पर ही मौत हो गई. मृतकों में 3 युवतियां और 2 युवक शामिल हैं. जबकि एक युवक को गंभीर हालत में गुरुग्राम के अस्पताल में भर्ती करवाया गया है। मौके पर पहुंची गुरुग्राम पुलिस ने मृतकों के शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पुलिस ने मामले की तफ्तीश भी शुरू कर दी है। पुलिस ने बताया कि एक थार में 6 लोग सवार थे। थार की स्पीड ज्यादा थी, इसलिए थार अनियंत्रित होकर डिवाइडर से टकरा गई. जिससे थार में सवार 5 लोगों की मौत हो गई. जबकि एक की हालत गंभीर बताई जा रही है।
मृतकों में 4 की हुई पहचान
हादसे में मरने वाले 5 में से चार की पहचान हो गई है. प्रतिष्ठामिश्रा राय बरेली की रहने वाली थी। जबकि कपिल शर्मा बुलंदशहर, आदित्य प्रताप सिंह आगरा और गौतम हरियाणा के सोनीपत का रहने वाला था। पुलिस सूत्रों के मुताबिक सभी के हाथों पर पब बार का बैंड लगा है।  लिहाजा समझा जा रहा है कि सभी पब बार में लेट नाइट पार्टी कर आ रहे थे। इसी दौरान थार डिवाइडर से टकरा गई. मृतक युवक और युवतियों के बॉडी पार्ट 100 मीटर दूर तक बिखरे पड़ थे।

 

 

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भूल गया मौलाना कि UP में सत्ता किसकी है, हमने ऐसा सबक सिखाया, बरेली हंगामा पर बोले सीएम योगी

बरेली. यूपी के बरेली में शुक्रवार को जुमे की नमाज अदा करने के बाद भारी बवाल हुआ। इस मामले में उत्तरप्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का बयान सामने आया है उन्होंने कहा है कि कल बरेली में एक मौलाना भूल गया कि राज्य में सत्ता किसकी है। उसे लगा कि वह जब चाहे व्यवस्था को रोक सकता है। लेकिन हमने साफ कर दिया कि न तो नाकाबंदी होगी और न ही कर्फ्यू लगाया जायेगा। सीएम योगी ने कहा है कि हमने जो सबक सिखाया है। उससने आने वाली पीढि़यां दंगे करने से पहले 2 बार सोचेंगी। इतना नही हीं, उन्होंने कहा है कि व्यवस्था को रोकने का यह कैसा तरीका है। 2017 से पूर्व उत्तरप्रदेश में यही चलन था। लेकिन 2017 के बाद हमने कर्फ्यू तक नहीं लगने दिया। यूपी के विकास की कहानी यहीं से शुरू होती है।
मुख्यमंत्री योगी ने कहा है कि पिछली सरकारों में दंगाइयों को सीएम हाउस में बुलाकर सम्मानित किया जाता था। दंगाइयों की आवभगत होती थी। पेशेवर अपराधी और माफियाओं के सामने सत्ता सेल्यूट करती थी। सत्ताधारी लोग उनके कुत्ते के साथ हाथ मिलाते थे। आपने ऐसे बहुत दृश्य देखे होंगे कि कैसे सत्ता का मुखिया एक माफिया के कुत्ते स हाथ मिलाकर स्वयं को गौरवान्वित महसूस करता था।
मौलाना तौकीर रज़ा गिरफ्तार
बरेली में जुमे की नमाज के बाद हिंसक हुए प्रदर्शन क मामले में इत्तेहाद-ए-मिल्लत काउंसिल (आईएमसी) प्रमुख मौलाना तौकीर रज़ा को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। यह हिंसा आई लब मोहम्मद को लेकर हुए प्रदर्शन के दौरान भड़की थी। जिसमें तोड़फोड़, पथराव और पुलिस पर फायरिंग की गयी। इस मामले में पुलिस ने अभी तक 1700 अज्ञात और कुछ नामजद लोगों के खिलाफ 10 एफआईआर दर्ज की है। पुलिस ने इस मामले में अभी तक 39 लोगों को गिरफ्तार किया है।
मौलाना पहले हाउस अरेस्ट फिर गिरफ्तार
पुलिस ने पहले तौकीर रज़ा को हाउस अरेस्ट किया और देर रात को फ़ाइक एन्क्लेव से अज्ञात स्थान पर पूछताछ के लिय ले जाया गया। पुलिस उनके और उनके समर्थकों के मोबाइल फोन की जांच कर रही है। ताकि हिंसक प्रदर्शन में उनकी भूमिका साफ हो सके। ऐसी संभावना है कि पुलिस आज उनकी औपचारिक गिरफ्तारी दिखा सकती है।
योगी सरकार का सख्त रुख
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार रात वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में अधिकारियों को दंगाइयों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए थे। अब तक अलग-अलग थानों में कुल 10 मुकदमे दर्ज किए जा चुके है।

 

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बोतल में पेट्रोल नही देने पर कर्मचारियों की लात-घूसों से मारपीट

ग्वालियर. बोतल में पेट्रोल नही ंदेने पर 4 बदमाशों ने पेट्रोल पंप के कर्मचारियों को कमरे में बंद करके लात-घूसों और डंडों से पीटा इसके अलावा पेट्रोल पंप पर तोड़फोड़ की है। पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज के आधार पर 4 बदमाशों के खिलाफ मारपीट की एफआईआर दर्ज कर ली है। पुलिस अब आरोपियों की तलाश कर रही है।
घटना 2 दिन पुरानी है। जिसका वीडियो शनिवार को सामने आया है। विश्वालय थाना इलाके में स्थित नीडम आरओबी ब्रिज के पास मधुसूदन फिलिंग स्टेशन पर बदमाश बोतल में पेट्रोल लेने के पहुंचे थे। पेट्रोल पंप के कर्मचारियों ने बोतल में पेट्रोल देने से मना कर दिया तो बदमाश विवाद करने लगे। थोड़ी ही देर में बदमाशों ने पेट्रोल पंप कर्मचारियों से मारपीट शुरू कर दी है। एक कर्मचारी को वहां स्थित कमरे में ले गये और लात-घूसों से पीटा है।
संभावित ठिकानों पर दे रही पुलिस दबिश
पीड़ित कर्मचारी प्रदीप यादव की शिकायत पर पुलिस ने आर्यन सचदेव, शिवम गुर्जर, करण गुर्जर और एक अन्य के खिलाफ मामला दर्ज किया है। पुलिस आरोपियों की तलाश में उनके संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही है। पुलिस का कहना है कि आरोपियों को जल्द ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा।

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ड्रायफ्रूट्स व्यापारी से लूट का प्रयास, नकाबपोश बदमाश दुकान पर आया और ताना कट्टा, मिस फायर हुआ तो भागा

ग्वालियर. शुक्रवार की रात एक ड्रायूफ्रूट्स व्यापारी से लूट का प्रयास हुआ है। एक नकाबपोश बदमाश व्यापारी की फर्म पर पहुंचा और नगदी निकालने के लिये बोला। जब व्यापारी ने विरोधकिया तो उसने कट्टा निकालकर उस पर तान दिया। अपना बचाव करते हुए व्यापारी पीछे हटा तो बदमाश ने फायर करने का प्रयास किया। लेकिन कट्टा मिस फायर हो गया और वह भाग गया। घटना का पता चलते ही पुलिस घटनास्थल पर पहुंची है। लेकिन आरोपी तब तक भाग चुका था। पूरी घटना व्यापारी की दुकान के पास लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गयी। घटना के बाद इंदरगंज थाना पुलिस ने आरोपी की तलाश शुरू कर दी है। देर रात पुलिस ने एक संदेही को पकड़ा है। लेकिन फिलहाल उससे पूछताछ की जा रही है।
क्या है मामला
इंदरगंज थाना क्षेत्र स्थित अलंकर होटल के पास धर्मेन्द्र ट्रेडर्स की फर्म है। फर्म के मालिक धर्मेन्द्र गुप्ता यहां से ड्राई फ्रूटस का कारोबार करते हैं। शुक्रवार रात 8.42 बजे फर्म के मालिक धर्मेन्द्र जब काम पूरा करने के बाद घर जाने की सोच रहे थे तभी एक नकाबपोश बदमाश उनकी दुकान पर पहुंचा और कैश निकालने के लिए कहा। जब व्यापारी ने उसका विरोध किया तो बदमाश ने कमर से कट्‌टा निकाला और व्यापारी पर तान दिया। व्यापारी खुद को बचाने का प्रयास किया, लेकिन इसी समय कट्‌टा का ट्रिगर दबा दिया, लेकिन कट्‌टा मिस फायर हो गया।इसी बीच कारोबारी ने बचाओ-बचाओं शोर मचा दिया जिस पर बदमाश भाग गया है। कारोबारी ने घटना की सूचना तत्काल पुलिस को दी है। पुलिस मौके पर पहुंची और घटना की पड़ताल शुरू कर दी है। इंदरगंज थाना पुलिस ने अज्ञात बदमाश के खिलाफ लूट का प्रयास का मामला दर्ज कर लिया है।
पुलिस ने जब धर्मेन्द्र ट्रेडर्स के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरे खंगाले तो एक कैमरे में नकाबपोश बदमाश व्यापारी पर कट्टा तानते हुए और लूट का प्रयास करते हुए दिखाई दे रहा है। पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज के आधार पर लुटेरे की तलाश शुरू कर दी है। व्यापारी धर्मेन्द्र गुप्ता के अनुसार बदमाश की आयु 25 साल के लगभग होगी। वह पतला दुबे शरीर का था। आशंका है कि आसपास उसका कोई भी खड़ा होगा।
संभावना है कि एक से अधिक होंगे बदमाश
पुलिस को आशंका है कि बदमाश एक से ज्यादा होंगे। पैदल आये बदमाश का कोई न कोई साथी बाइक से आसपास खड़ा होगा। जिससे घटना के बाद वह आसानी से भाग सके। इसी वजह से पुलिस जिस रूट पर बदमाश भाग है वहां के भी सीसीटीवी कैमरे खंगाल रही है। एक दो स्थान पर फुटेज में बदमाश में अकेला दिखा है। रात 11 बजे पुलिस ने लुटेरे से मिलता -जुलता एक संदेही भी पकड़ा है।लेकिन अभी पुष्टि नहीं की गयी है। वह लुटेरा है या नहीं। इस मामले में सीएसपी रोबिन जैन ने बताया है।

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पुलिस अधिकारियों को जारी किया अवमानना नोटिस और डीजीपी से मांगा स्पष्टीकरण

ग्वालियर. हाईकोर्ट ग्वालियर बेंच ने न्यायिक प्रक्रिया में बाधा डालने के मामले में गुरूवार को 2 सीनियर पुलिस अधिकारियोंको अवमानना नोटिस जारी किया है। एसएएफ की 14वीं बटालियर नके पूर्व सहायक कमाडेंट शैलेन्द्र भारती पर न्यायालय से महत्वपूर्ण तथ्य छिपाने का आरोप है। मामला एसएएफ बटालियन 14 के आरक्षक रजनेश सिंह भदौरिया की बर्खास्तगी से जुड़ा हुआ है। रजनेश को 2011 में विभागीय जांच में आरोप सिद्ध होने पर नौकरी से हटा दिया गया था। हाईकोर्टने 28 अगस्त 2024 का रजनेश के पक्ष में फैसला सुनाते हुए बर्खास्तगी के आदेश को निरस्त कर दिया।
हलफनामे में छिपाये अहम तथ्य
राज्य सरकार ने रिव्यू पिटीशन में दावा किया है कि विभागीय जांच में प्रेजेंटिंग ऑफिसर नियुक्त किया गया था। लेकिन न्यायालय ने पाया कि शैलेन्द्र भारती ने अपने हलफनामे में यह अहम तथ्य छिपाया। न्यायालय का मानना है कि भारती ने जानबूझकर न्यायालय को गुमराह किया। इस मामले में एआईजी को भी नोटिस जारी किया गया है। उन पर मामले की जानकारी होने के बावजूद भारती के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्यवाही की सिफारिश नहीं करने का आरोप है।
डीजीपी से मांगा स्पष्टीकरण
न्यायालय ने पुलिस महानिदेशक से स्पष्टीकरण मांगा है। उन्हें बताना होगा कि क्या पुलिस विभाग ऐसे अधिकारियों से संतुष्ट है जो न्यायालय में सही तथ्य नहीं रखते हैं और साथ ही दोनों अधिकारियों के खिलाफ की जा रही कार्यवाही की जानकारी भी देनी होगी।

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