ग्वालियर. बुराई चाहे कितनी भी ऊची क्यों न हो, लेकिन विजय सत्य और धर्म की जीत तय है। दशहरे का त्यौहार हमें यही संदेश देता है। यदि मन में सत्य की लौ जलती है ता बुराई धुआं-धुआं हो जाती है। दशहरा पर शहर के चारों ओर उत्सव और रोमांच से भरपूर माहोल था। मानो ऐसा लग रहा था। शहर के सभी रास्ते फूलबाग की ओर मुड़ गये हो। लगभग 10.30 बजे फूलबाग मैदान में राम बारात पहुंचे ही रामलीला के मंच से श्रीराम ने जैसे ही बाण छोड़ा वैसे ही 65-़65 ऊंचे रावण, कुंभकर्ण और मेघनाद के पुतल धधक उठे। इस बीच पटाखों की गड़गड़ाहट और जयश्री राम के नारे चारों ओर गूंज रहे। हजारों लोगों ने इस पल को अपने मोबाइल में कैद किया। वहीं, दूसरी ओर थाठीपुर में 51 फीट के ऊंचे पुतलों का भी दहन किया गया।
शहर के दूसरे दीनदयाल नगर में रावण के 70 फीट ऊंचे पुतलादहन किया गया। आयोजकों ने दावा कि यह शहर का सबसे बड़ा और ऊंचा पुतला है। बच्चे आतिशबाजी देख झूम उठे, महिलायें और बुजुर्ग भी उत्सव में शामिल रहे। पुलिस और प्रशासन ने चाक-चौबंद सुरक्षा व्यवस्था की है। चोरों यही संदेश रहा है।
शहर में 3 जगह रावण का हुआ दहन
डीडीनगर मेें शहर के सबसे ऊंचे 70 फीट के रावण के पुतले का दहन
फूलबाग में 64 फीट के रावण के पुतले का दहन
थाटीपुर में 51 फीट के पुतले का रावण दहन किया।
खंडवा. मध्यप्रदेश के खंडवा में दुर्गा प्रतिमा विसर्जन के बीच ट्रैक्टर ट्रॉली तालाब में गिर गयी। घटना में 8 बच्चियों सहित 11 लोगों की मौत हो गयी। इनमें 7 वर्षीय बालक से लेकर 25 साल तक के युवा है। 3 की हालत नाजुक है इनका उपचार खंडवा के जिला अस्पताल में चल रहा है। ट्रैक्टर सवार 35-40 आदिवासी बच्चे -युवा और महिला-पुरूष पानी में डूबे थे। इनमें से लगभग 10 लोग तैरकर बाहर आ गये जबकि बाकी को ग्रामीण और रेस्क्यू टीम ने बाहर निकाला। ट्रैक्टर चालक दीपक किराड़ फरार है।
घटना खंडवा में पंधाना के जामली गांव में घटी। गुरूवार की शाम लगभग 3.30 बजे राजगढ़ गांव के पाडला फाटा फलिया से लोग देवी प्रतिमा विसर्जन के लिये ट्रैक्टर-ट्रॉली अर्दला तालाब लेकर पहुंचे थे। ट्रैक्टर तालाब किनारे पहुंचते ही पलट गया। उसमें सवार सभी लोग पानी में जा गिरे। उन्हेंबचाने के लियेे 10-15 लोगों ने तालाब में छलांग लगा दी। शाम लगभग 5.30 बजे पुलिस प्रशासन की टीम ने जेसीबी से रेस्क्यू शुरू किया।
खंडवा कलेक्टर ऋषव गुप्ता ने बताया कि रेस्क्यू ऑपरेशन रात साढ़े आठ बजे तक चला। पंधाना के सिविल सर्जन अनिरुद्ध कौशल ने बताया कि खंडवा से डॉक्टरों की टीम बुलाकर सभी शवों का रात में ही पीएम भी किया गया। प्रत्यक्षदर्शी प्रदीप जगधन्ने ने बताया कि ट्रैक्टर-ट्रॉली जहां गिरी, वहां करीब 50 फीट पानी होगा। हादसे के बाद 9 लोगों को हम लोगों ने बाहर निकाला। इनको पंधाना अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने 3 खंडवा रैफर कर दिया।अब तक 11 शव निकाले जा चुके हैं और कई घायलों को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। मृतकों के नाम आरती (18), दिनेश (13), उर्मिला (16), शर्मिला (15), गणेश (20), किरण (16), पाटलीब (25), रेवसिंह (13), आयुष (9), संगीता (16) है. एक बच्ची लापता बताई जा रही है।
तलाब में डूबने से 10 लोगों की दर्दनाक मौत
इस घटना पर कलेक्टर ऋषव गुप्ता ने बताया कि करीब तीन घंटे चले रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद सभी 11 शव बाहर निकाल लिए गए हैं. गांव के कोटवार लोकेन्द्र ने कहा कि उन्होंने ट्रैक्टर चालक को रपटे से वाहन निकालने से रोका था, लेकिन उसने बात नहीं मानी और वाहन ले गया. इसके तुरंत बाद हादसा हो गया. कोटवार का कहना है कि ट्रैक्टर चालक शराब के नशे में लग रहा था. दुर्घटना के बाद वह मौके से भाग गया.
हादसे के बाद की 11 तस्वीरें…











ग्वालियर. महात्मा गांधी की जयन्ती के मौके पर प्रदेशों की जेलों से 111 बंदियों को आजाद किया गया। इसी कड़ी में ग्वालियर की केन्द्रीज जेल से भी 7 बंदियों को उनके अच्छे व्यवहार के चलते आजाद किया गया है। राज्य सरकार के निर्देश पर दइन बंदियों के परिजनों को उनकी रिहाई की सूचना पहले से दे ही गयी थी। जेल प्रशासन ने आजाद किये गये बंदियों को फूलमाला, श्रीफल और जेल में किये गये काम के मेहनताने के चेक देकर उनके उज्जवल भविष्य की कामना की गयी । इन बंदियों का आगे का जीवन जेल की 4 दीवारी के बाहर अपने परिजनों के साथ बीतेगा।
वर्ष में 2 बार जेल से आजाद किये जाते हैं कैदी
पहले बंदियों को केवल स्वतंत्रता दिवस (15 अगस्त) और गणतंत्र दिवस (26 जनवरी) पर रिहा किया जाता था। पिछले दो साल से 2 अक्टूबर (गांधी जयंती) और 14 अप्रैल (संविधान निर्माता डॉ. भीमराव अंबेडकर जयंती) पर भी बंदियों को रिहाई दी जा रही है। ग्वालियर जेल अधीक्षक विदित सरवरिया ने बताया कि अच्छे आचरण के आधार पर सात बंदियों को रिहा किया गया। रिहाई के लिए ऐसे बंदियों का चयन किया गया था, जो केवल एक अपराध में आरोपी थे। 12 से 14 साल की सजा काट चुके थे और जिनका जेल में आचरण अच्छा था। दुष्कर्म, लूट, डकैती या अन्य बड़े अपराधों में शामिल बंदियों को इस रिहाई में शामिल नहीं किया गया।

ग्वालियर. विजयादशमी के मौके पर गुरूवार को सिंधिया राजघराने ने अपनी सदियों पुरानी परंपरा के साथ दशहरा उत्सव मनाया। राजघराने के मुखिया एवं केन्द्रीय मंत्री ज्योतिरादित्यसिंधिया ने अपने पुत्र महानआर्यमन के साथ पारंपरिक राजसी वेशभूषा में दशहरा और शमी वृक्ष का पूजन किया।
सुबह ज्योतिरादित्य सिंधिया पिता-पुत्र गोरखी स्थित देवघर पहुंचे और वहां राजसी चिन्हों का पूजन किया। इसके बाद मांढरे की माता मंदिर के सामने परिसर में आयोजित शमी पूजन में शामिल हुए। राज पुरोहित ने विधि-विधान के साथ शमी वृक्ष की पूजा संपन्न कराई।

शमी की पत्तियों को मराठा सरदारों ने लूटा
पूजन के दौरान जैसे ही ज्योतिरादित्य सिंधिया ने शमी वृक्ष के पास पहुंचकर अपनी तलवार से प्रहार किया तो टूटकर गिरी शमी की पत्तियों को (सोनी की पत्तियां कहते हैं) को मराठा सरदारों ने परंपरा मुताबिक लूटा। यह नजारा वहां मौजूद श्रद्धालुओं और राजपरिवार समर्थकों के लिये अद्भुत क्षण रहा है। दरअसल, विजयादशमी के मौके पर शमी वृक्ष पूजन का विशेष महत्व है। ऐसी मान्यता है कि महाभारतकाल में पांडवों ने अपने अज्ञातवास के दौरान अपने शस्त्र इसी वृक्ष में छिपाये थे। युद्ध के समय इन्हीं शस्त्रों से विजय प्राप्त की थी। तभी से दशहरे पर शमी पूजन और शस्त्र पूजन की परंपरा चली आ रही है।

प्रदेशवासियों को दी शुभकामनाएं
सिंधिया राजघराने की इस परंपरा का उद्देश्य राज परिवार ही नहीं बल्कि पूरे समाज और प्रदेश की सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना करना है। इस अवसर पर ज्योतिरादित्य सिंधिया ने ग्वालियर सहित प्रदेशवासियों को विजया दशमी की शुभकामनाएं दीं।
ग्वालियर. कीमती जमीन का फर्जी मालिक बनकर 32 जालसाजों ने 19 लोगों को ठगा है। एक पीडि़त परिवार की शिकायत पर अदालत के आदेश के बाद भी 41 लाख रूपये की धोखाधडी का मामला दर्ज कराया गया है। इस धोखाधड़ी में पटवारी की भूमिका भी सामने आयी है। विवेकानंद कॉलोनी निवासी महिला आहूजा 50, ने शिकायत में बताया है कि 2 वर्ष पूर्व गिरवी रखी 14,952 वर्ग फीट जमीन का सौदा रामपाल सिंह तोमर, अशोक कुकरेजा और सुनील बहिरानी से 41 लाख 50 हजार रूपये में किया था। आरोपियों को स्टाम्प ड्यूटी के लिये 6 लाख रूपये भी दिये गये थे। जिसमें से उन्होंने मात्र 4 लाख रूपये जमा किये और 2 लाख रूपये हड़प् लिये है।
गिरवाई की जमीन पर हुई धोखाधड़ी
यह धोखाधड़ी गिरवाई स्थित एक जमीन पर हुई है। जमीन का कुछ हिस्सा 2008 में राजेश सुकरेजा ने खरीदा था, जिनका कोविड के दौरान निधन हो गया। उनकी पत्नी भोपाल में और बेटा विदेश में रहते हैं, जिससे जमीन की देखभाल करने वाला कोई नहीं था। जिले में पदस्थ एक पटवारी को इसकी जानकारी थी।पटवारी ने रामपाल सिंह तोमर, अशोक कुकरेजा और सुनील बहारानी के साथ मिलकर जमीन हड़पने की योजना बनाई। उन्होंने जमीन के रजिस्टर में खरीदार का नाम बदलकर उसे राम सिंह के नाम पर दर्ज कर दिया और फर्जी एनआरआई मालिक बनकर सौदे किए।
आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज
विश्वविद्यालय थाना प्रभारी रविंद्र सिंह जाटव ने बताया कि पीड़ित महिला की शिकायत पर तीनों आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर लिया गया है। इन लोगों ने जमीन के असली मालिक की जगह फर्जी रजिस्ट्री बनाकर 41 लाख रुपए की ठगी की है।
लियर. तीन दिवसीय 48वीं वार्षिक ’’चाक्षुषी‘‘ एमपी स्टेट ऑप्थेत्मिक कॉफ्रेंस का आयोजन किया जा रहा है। इसमें 35 सेंशन और 17 विशेषज्ञ नेत्र रोग विशेषड शामिल होंगे। चित्रकूट से पद्मश्री डॉ वीके जैन, पीजीआई चंडीगढ से डॉ जगतराम शामिल होकर अपने अनुभव शेयर करेंगे। यह जानकारी पत्रकारों से चर्चा करते हुए डॉ. पुरेन्द्र भसीन, डॉ. डीके शाक्य ने दी है। पत्रकारवार्ता में डॉ. राकेश गुप्ता, डॉ. राजीव गुप्ता, डॉ. गजेन्द्र चावला, डॉ. श्वेता वालिया और डॉ. मीता जोशी उपस्थित रहें।
कॉफ्रेंस का शुभारंभ दोपहर 2 बजे संगम वाटिका में संगोष्ठी कृषि विश्वविद्यालय के सभागार में आयोजित किये जायेंगे । कॉफ्रेस में 35 साइंटिफिक सेशन नेत्र रोगों के बेहतर उपचार व ऑपरेशन पर अपने व्याख्यान व शोध पत्र प्रस्तुत, पीजी छात्रों के लिये क्विज, पोस्टर सेशन, सर्जरी तकनीकों के लिये प्रयोगिब वेट लैब और वीडियो सेशन आयोजित किये जायेंगे। जिसमें 500 से अधिक डॉक्टर शामिल होंगे। इसमें सरकारी और गैर सरकारी नेत्र रोग विशेषज्ञ के अलावा छात्र-छात्रायें के साथ साथ आंखों के उपचार के लिये बेहतर उपकरणों 5 कंपनी प्रदर्शन करेगी। एक ही बेनर सभी उपकरणों के बारे बतायेगी। कॉफ्रेंस में जब नेत्र रोग विशेषज्ञ अपने अनुभव शेयर करेंगे तो इससे बेहतर उपचार प्रणाली निकल सामने आयेगी। जिससे आने समय में डॉक्टर उपयोग करेंगे। कॉफ्रेंस का समापन 5 अक्टूबर की दोपहर 2 बजे किया जायेगा।
यह नेत्र रोग विशेषज्ञ शामिल होंगे
दिल्ली से डॉ. अशोक ग्रोवर, चंडीगढ से जगतराम, कोयम्बतूर से डॉ. डीडी राममूर्ति, डॉ. चित्रा राममूर्ति, हैदराबाद से डॉ. संतोष होनावर, डॉ. आनंद विनेकर, चेन्नई से डॉ. मोहन राजन, हुबली से डॉ. आर कृष्णप्रसाद, बैंगलोर से डॉ. चेत्रा जयदेव, दिल्ली से डॉ. नम्रता शर्मा, डॉ. प्रदीप शर्मा, डॉ. अनु मलिक समेत अन्य ख्याति प्राप्त नेत्र सर्जन व्याख्यान देंगे।

संभागीय कमिश्नर,आईजी, डीआईजी, कलेक्टर व एसएसपी ने भी यज्ञ में आहुतियाँ देकर किया शस्त्र-पूजन
ग्वालियर – भारतीय सनातन संस्कृति में गहरे तक रची-बसी प्राचीन शस्त्र-पूजन परंपरा के अनुरूप दशहरा पर्व पर ग्वालियर में उत्साह, उमंग व धूमधाम के साथ शस्त्रों की पूजा की गई। यहां डीआरपी लाइन स्थित पुलिस शस्त्रागार परिसर में विधानसभा अध्यक्ष नरेन्द्रसिंह तोमर के मुख्य आतिथ्य में जिले का मुख्य शस्त्र-पूजन कार्यक्रम आयोजित हुआ। विधानसभा अध्यक्ष ने इस अवसर पर सभी को विजयदशमी की बधाई एवं शुभकामनायें दीं। भारतीय संस्कृति एवं जनमानस में विजय दशमी पर्व का विशेष महत्व है। यह पर्व असत्य पर सत्य की विजय के साथ-साथ शक्ति की आराधना का भी पर्व है।

विधायक मोहन सिंह राठौर, संभाग आयुक्त मनोज खत्री, पुलिस महानिरीक्षक अरविन्द सक्सेना, पुलिस उप महानिरीक्षक अमित सांघी, कलेक्टर रुचिका चौहान एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक धर्मवीर सिंह भी इस शस्त्र-पूजन में शामिल हुए। बुराई पर अच्छाई की जीत के महापर्व विजय दशमी पर डीआरपी लाइन में आयोजित हुए कार्यक्रम में विधानसभा अध्यक्ष नरेन्द्र सिंह तोमर सहित वरिष्ठ प्रशासनिक व पुलिस अधिकारियों ने सनातन संस्कृति के विधि-विधानों के अनुसार वैदिक मंत्रोच्चारों के बीच यज्ञ में पवित्र आहुतियाँ देकर शस्त्र पूजन किया। इसके बाद मंगल आरती की गईं। इसी क्रम में शक्ति पूजा की अन्य रश्म भी निभाई गईं।
संभाग आयुक्त, आईजी, महिला शक्ति की प्रतीक कलेक्टर रुचिका चौहान एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक धर्मवीर सिंह समेत अन्य पुलिस अधिकारियों ने इस अवसर पर शस्त्र-पूजन की रश्म स्वरूप आसमान में हर्ष फायर किए। एसपी ईओडबल्यू दिलीप सिंह तोमर, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक विदिता डागर, सुमन गुर्जर व जयराज कुवेर व एसपी लोक आयुक्त निरंजन शर्मा सहित अन्य पुलिस अधिकारी इस अवसर पर उपस्थिति थे।
नई दिल्ली. पाकिस्तान के अवैध कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) में बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन भड़क गये है। जिसमें हजारों लोग पीएम शहबाज शरीफ की सरकार के खिलाफ सड़कों पर उतर आये है। मुजफ्राबाद, रावलकोट, नीलम घाटी, कोटली और अन्य क्षेत्रों में प्रदर्शनों हो रहे हैं। जहां भीड़ सरकार की नीतियों और सुरक्षाबलों के दमन के खिलाफ अपना गुस्सा जता रही है।
बुधवार को पाकिस्तानी सुरक्षाबलों की गोलीबारी में कम से कम 12 नागरिक प्रदर्शनकारी मारे गये है। पीओके इस समय हाल के सालों के सबसे बड़े अशांति के दौर से गुजर रहा है। यह विरोध प्रदर्शन सरकार की 38 अहम मांगों को पूरा करने में नाकामी से शुरू हुआ था। लेकिन अब यह सेना के अत्याचारों के खिलाफ एक बड़े आन्दोलन का रूप ले चुका है। गोले दागे, रिपोर्ट़स के मुताबिक, मुजफ्फराबाद में 5, धीरकोर्ट में 5 और दादयाल में 2 प्रदर्शनकारियों की गोली लगने से मौत हो गयी। वहीं, कम से कम 3 पुलिसकर्मियों की भी मौत हो गयी है।
जम्मू-कश्मीर ज्वॉइंट अवामी एक्शन कमेटी (एएसी) की अगुवाई में हो रहे इन प्रदर्शनों से पीओके पूरी तरह ठप्प हो चुका है। आन्दोलनकारी पाकिस्तान में रह रहे कश्मीरी शरणार्थियों के लिये पीओके विधानसभा में आरक्षित 12 सीटों को खत्म करने की मांग कर रहे है। इसके अलावा वह टैक्स में राहत, आर्ट और बिजली पर सब्सिडी और अधूरे डवलपमेंट प्रोजेक्ट्ा को पूरा करने की भी डिमांड कर रहे हैं।
‘सरकार डायन बन चुकी है’
अवामी एक्शन कमेटी के शीर्ष नेता शौकत नवाज मीर ने पीओके में सेना की ज्यादती पर सरकार को टार्गेट कर रहे हैं. उन्होंने कहा, ‘ये सरकार डायन बन चुकी है, डायन अपने बच्चों को खाती है. ये रियासत इस वक्त अपने बच्चों को, आवाम को मारने पर तुली हुई है. ये सरकार अपने लोगों को मारेगी भी और मीडिया पर भी पाबंदी लगा देगी जिससे उसकी आवाज बाहर न जाए.’
उन्होंने आगे कहा कि शहबाज शरीफ की सरकार भारत सरकार पर जालिम होने का आरोप लगाती है, लेकिन ये खुद क्या हैं?उन्होंने आगे कहा, ‘भारत को दोष देते हैं, कोई इनसे पूछे कि तुम क्या हो? तुम मुसलमान होते हुए ये सब कर रहे… जिसको तुम कथित आजाद कश्मीर कहते हो, वो आजाद नहीं है, इस पर पाबंदी लगा रखी है, लोगों को अपनी बात नहीं रखने दे रहे और तुम आजादी का ढोंग रचा रहे हो.’
हुक्मरानों, संभल जाओ- हम तुम्हारी मौत हैं
प्रदर्शन के दौरान लोग शहबाज शरीफ सरकार के खिलाफ नारे लगा रहे हैं और कह रहे हैं कि क्रांति होगी और कश्मीर आजाद होगा. प्रदर्शनकारी जो नारे लगा रहे हैं उनमें प्रमुख हैं-
नारा-ए-कश्मीर
जिवे जिवे कश्मीर
हुक्मरानों देख लो, हम तुम्हारी मौत हैं
इंकलाब आयेगा
कश्मीर हमारा है, हम इसकी तकदीर तय करेंगे, यह वतन हमारा है
पीओके के लोगों का खून, विद्रोह का खून है
सरकार को डायन बता रहे AAC के लीडर
संभल. यूपी क संभल जिले में अवैध मस्जिद पर कार्यवाही की जा रही हैै। यह कार्यवाही असमोली थाना इलाके के राय बुजुर्ग गांव की जा रही है। पुलिस प्रशासन का दावा है कि यह कार्यवाही तालाब पर बनी अवैध मस्जिद के खिलाफ की जा रही है। पुलिस प्रशासन ने मस्जिद के ध्वस्तीकरण की प्रक्रिया शुरू कर दी है। मस्जिद के आस-पास के इलाके को पुलिस छावनी में बदल दिया गया है। कार्यवाही से पूर्व पुलिस प्रशासन की ओर से गांव में ऐलान किया गया कि लोग अपने-अपने घर में रहे और बाहर न निकले।
अवैध मस्जिद पर कार्यवाही की तैयारी के तहत मस्जिद के आसपास का इलाका पूरी तरह पुलिस छावनी में तब्दील कर दिया गया है। पीएसी जवानों के साथ-साथ कई थानों की पुलिस बल घटनास्थल पर मौजूद है। पुलिस प्रशासन की ओर से गांव में ऐलान किया गया है। सभी लोग अपने-अपने घर में रहे और घरों से बाहर न निकलें। पुलिस के अनुसार प्रशासन ने एक दिन पहले गांव के लोगों के साथ बैठक भी की थी।