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पिछोर को मिले 4 नये विद्युत स्टेशन, 100 गांवों को मिलेगी लगातार बिजली, 8.35 करोड़ की लागत

केंद्रीय मंत्री ने ग्राम गरेठा में 2.19 करोड़ की लागत से बने 33/11 केवी नवीन विद्युत उपकेंद्र का लोकार्पण किया।

शिवपुरी. केन्द्रीय मंत्री तथा क्षेत्रीय सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया ने बुधवार को शिवपुरी जिले की पिछोर विधानसभा इलाके की जनता को ऊर्जा क्षेत्र में ऐतिहासिक सौगात दी है। उन्होंने ग्राम गरेठा में 2.19 करोड़ रूपये की लागत से बने 33रु11 केवी नवीन विद्युत उपकेन्द्र का लोकार्पण किया है। ग्राम चमरौआ में 2.02 करोड, मुहासा में 2.68 करोड और पिपरा में 1.46 करोड में प्रस्तावित विद्युत उपकेन्द्रों का भूमिपूजन किया है। इन 4 उपकेन्द्रों से करीब 100 से अधिक गांवोंको मजबूत बिजली आपूर्ति का फायदा मिलेगा।
उन्होंने यह भी बताया कि पिछले 22 वर्षों में जितने उपकेंद्र संभाग में नहीं बने, उतने केवल गुना-शिवपुरी क्षेत्र में बन चुके हैं। पिछोर क्षेत्र में 7 उपकेंद्र और पूरे क्षेत्र में 18 उपकेंद्र स्थापित किए गए हैं। साथ ही उन्होंने बताया कि पिछोर-करैरा सड़क के लिए 525 करोड़ और दिनारा-चंदेरी सड़क के लिए 410 करोड़ स्वीकृत हुए हैं। दोनों परियोजनाओं से पिछोर क्षेत्र को 930 करोड़ की सड़क सौगात मिली है। इसके अलावा केन-बेतवा लिंक परियोजना से 8 लाख हेक्टेयर भूमि सिंचित होगी, जिसमें शिवपुरी जिले का भी 10% हिस्सा शामिल है।
इस अवसर पर प्रदेश के ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर, पिछोर विधायक प्रीतम लोधी, जिला पंचायत अध्यक्ष नेहा यादव, भाजपा जिलाध्यक्ष जसवंत जाटव, पूर्व मंत्री सुरेश धाकड़ राठखेड़ा, कलेक्टर रविंद्र कुमार चौधरी, पुलिस अधीक्षक अमन सिंह राठौर, जिला पंचायत सीईओ हिमांशु जैन, पिछोर एसडीएम ममता शाक्य सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि और ग्रामीण मौजूद रहे।

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अपहृत बच्ची 232 किमी दूर कासगंज में मिली, 2 दिन में 2000 CCTV खंगाले तब मिली कामयाबी, आरोपी महिला बोली बेटी के बच्चे नहीं

ग्वालियर. 16 दिन पूर्व रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म नम्बर 1 के रेलवे ओवर ब्रिज (आरओबी) से अपहृत 3 वर्षीय की बच्ची को आखिरकार पुलिस ने बरामद कर लिया है। ग्वालियर से 232 किमी दूर कासगंज यूपी से ग्वालियर जीआरपी ने 2 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। उनसे बच्ची को बरामद कर सकुषल उसकी मां के पास पहुंचा दिया है। इस बीच पुलिस को कड़ी मेहनत करनी पड़ी। बच्ची को तलाश में ग्वालियर से आगरा और ग्वालियर से झांसी के बीच लगभग 2 हजार से अधिक सीसीटीवी कैमरे खंगाले गये हैं।
पुलिस लोकेशन ट्रैस करते हुए पहुंची कासगंज
पुलिस को कामयाबी सबसे पहले मिले ग्वालियर स्टेशन के सीसीटीवी फुटेज से मिली है। फुटेज में बच्ची को उठाकर ले जाने वाले युवक की पहचान होते ही पुलिस उसकी साइट पर पहुंची तो पता लगा िकवह अपनी एक उम्रदराज महिला साथी के साथ गायब है। इसके बाद महिला का पता लगा और जीआरपी की टीम लोकेशन ट्रैस करते हुए सिरोली कासगंज पहुंच गयी और मामले का खुलासा किया। महिला आरोपी ने स्वीकार किया है कि उसकी बेटी की शादी को 10 साल हो गये है। इसके बाद भी उसके कोई बच्चा नहीं है। बेटी के बच्चे के लालच में अपहरण किया।
दो हजार से ज्यादा CCTV कैमरे खंगाले
ग्वालियर, मुरैना, धौलपुर, आगरा, डबरा, दतिया व झांसी जीआरपी पुलिस की मदद से ग्वालियर जीआरपी की 7 सदस्य की टीम ने 2000 से ज्यादा CCTV कैमरे खंगाल लिए। इन CCTV कैमरे के फुटेज से बहुत राहत मिली है।पुलिस को यह तो पता लगा था कि बच्ची को आगरा-मथुरा की ओर ले जाया गया था। इसके बाद पुलिस ने इसी दिशा में काम किया और कामयाबी मिली।

 

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VISM ग्रुप में शिक्षक सम्मान समारोह में शिक्षको का हुआ सम्मान

शिक्षक ही वह शक्ति हैं जो राष्ट्र की आत्मा को आकार देती है – प्रो. राज कुमार आचार्य

ग्वालियर। भारतीय परंपरा में गुरु को सदैव ईश्वर के तुल्य माना गया है। “गुरुब्र्रह्मा गुरुर्विष्णुः गुरुर्देवो महेश्वरः” के इस शाश्वत सत्य को आत्मसात करते हुए VISM ग्रुप ऑफ स्ट्डीज में शिक्षक सम्मान समारोह बड़े हर्ष और उल्लास के साथ आयोजित किया गया। समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में जीवाजी विश्वविद्यालय के कुलगुरू प्रो. राज कुमार आचार्य, विशिष्ट अतिथि राकेश कुमार सगर, कमांडेंट 2Bn  बटालियन और निरंजन शर्मा, एसपी. लोकायुक्त उपस्थित रहें। कार्यक्रम की अध्यक्षता जिला शिक्षा अधिकारी हरिओम चतुर्वेदी ने की। कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन एवं सरस्वती सरस्वती के पूजन से हुआ। इस समारोह में ग्वालियर, डबरा, भितरवार, पिछोर, शिवपुरी एवं ग्वालियर चम्बल संभाग के विद्यालयों के 50 से अधिक प्राचार्य एवं शिक्षकों को शाॅल, श्रीफल एवं प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया।
इस अवसर पर मुख्य अतिथि ने अपने उदबोधन में कहा कि “शिक्षक ही वह शक्ति हैं जो राष्ट्र के नव निर्माण एवं नवचार में सहयोग करतेे हैं। उन्होंने कहा कि शिक्षा केवल नौकरी पाने का माध्यम न होकर जीवन-मूल्य, संस्कृति और कर्तव्यनिष्ठा का सफर है। आज के युग में आवश्यक है कि हम शिक्षा को शोध, नवाचार और नैतिक आदर्शों से जोड़ें।” तत्पश्चात् विशिष्ट अतिथि राकेश कुमार सगर ने बताया कि भारतीय ज्ञान परंपरा में गुरु को सदैव उच्चतम स्थान दिया गया है। गुरु ही वह प्रकाशस्तंभ है जो अंधकार से ज्ञान के आलोक की ओर मार्गदर्शन करता है। मा सिर्फ बच्चे को जन्म देती है, पर शिक्षक ही मात्र एक ऐसा व्यक्ति है जो बच्चें के जीवन को सार्थक बनाता है।
इस दौरान विशिष्ट अतिथि निरंजन शर्मा, एस.पी. लोकायुक्त ने व्हीआईएसएम ग्रुप की उपलब्धियों की सराहना करते हुए कहा कि व्हीआईएसएम वर्तमान पीढी को भारत की शक्ति बनाने की दशा में उत्कर्ष कार्य कर रहा है । उन्होंने विद्यार्थियों से सायबर क्राईम, नशा मुक्त भारत और अपराध से दूर रहने का आह्वान किया। वही कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहें जिला शिक्षा अधिकारी हरिओम चतुर्वेदी ने शिक्षको के महत्व को रेखाकिंत किया और कहा कि उनके कंधे पर देश के विकास का जो भार है उसका निर्वाहन वो अपनी सम्पूर्ण जिम्मेदारी से करें। कार्यक्रम की विशेष बात यह रही कि संस्थान के चेयरमैन डाॅ. सुनील राठौर ने विद्यार्थियों को बताया कि वह शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करके ही अपने परिवार, समाज और देश का विकास कर सकते है। उन्होंने अनुशासन, ईमानदारी और कड़ी मेहनत से देश के नव निर्माण में सहयोग देने की बात कही। इस मौके पर संस्थान की चेयरपर्सन श्रीमती सरोज राठौर, ग्रुप निदेशक डाॅ. प्रज्ञा सिंह, समस्त महाविद्यालयों के प्राचार्यगण सहित समस्त स्टाॅफ व छात्र-छात्राऐं उपस्थित रहें।

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नेपाल की कमान संभालेगी सुशीला कार्की , जेन-जेड के फेवरेट बालेन शाह ने नहीं दिखायी दिलचस्पी

काठमांडू. नेपाल की राजनीति में एक नया मोड़ आता दिखाई दे रहा है। हिंसा और सत्ता संकट के बीच अब देश की कमान कौन संभालेगा। इसे लेकर जेन-जेड आन्दोलनकारियों ने वर्चुअल बैठक बुलाई गयी। इस ऑनलाइन सभा में 5 हजार से अधिक युवाओं ने हिस्सा लिया और सबसे अधिक समर्थन पूर्व मुख्य न्यायाधीश सुशीला कार्की को मिला है।
सही जवाब नहीं दिया बालेन शाह ने
काठमांडू के मेयर बालेन शाह जिन्हें अभी तक जेन-जेड का पोस्टर लीडर माना जाता रहा है। उन्होंने युवाओं की अपील का कोई जवाब नहीं दिया। एक प्रतिनिधि ने कहा है कि उन्होंने हमारी कॉल नहीं उठाई। चर्चा फिर दूसरे नामों की ओर चली गयी। सबसे ज्यादा समर्थन सुशीला कार्की को मिला है।
कौन हैं सुशीला कार्की
सुशीला कार्की नेपाल की पहली महिला मुख्य न्यायाधीश है। जिन्होंने 2016 में पद संभाला था। उन्होंने अपने कैरियर की शुरूआत शिक्षक के रूप में की और बाद सुप्रीम कोर्ट की जज बनी। कार्की भ्रष्टाचार मामलों में बेखौफ और सख्त रूख के लिये जानी जाती है। वह 2006 में संवैधानिक मसौदा समिति की सदस्य भी रह चुकी है। 2009 में उन्हें सुप्रीम कोर्ट की एड-हॉक जज नियुक्त किया गया और 2010 में स्थाई जज बना दिया गया। 2016 में उन्होंनें पहले कार्यवाहक और फिर स्थाई मुख्य न्यायाधीश के रूप में पद संभाला। उन्होंने बीएचयू, वाराणसी से राजनीति विज्ञान में स्नातकोत्तर की डिग्री हासिल की है। उनकी नियुक्ति नेपाल में महिलाओं के लिये समानता और संवैधानिक अधिकारी की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम मानी गयी है।

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जलमग्न ललियापुरा में जलस्तर घटने लगा पानी पर घर लौटने लगे परिवार, बीमारी फैलने का खतरा

घरों से निकालकर सामान सुखा रहे रहवासी।
ग्वालियर. अलापुर बांध के गेट नहीं खोलने की वजह से ललियापुर जलमग्न हा गया था इस कारण रहवासी पलायन कर गये थे। जैसे ललियापुर में पानी उतारना शुरू हो लोग अपने घरों की ओर लौटने लगे हैं। जनजीवचन धीरे-धीरे सामान्य होने लगा है। इलाके में पानी लगातार काम हो रहा है। वह घर का सामान धूप में सुखा रहे है। नगरनिगम ब्लीचिंग पावडर डाल रहे है। हालांकि कीचड और सीलन की बद्बू से जल्दी राहतनहीं मिलेगी।
वर्षा और जलभराव की वजह से 5 दिन पहले ललियापुरा से 85 परिवारों से अधिक परिवारों ने पलायन किया था। इनके घरों में पानी घुस गया था। इनमें से कई को बचावदल ने बाहर निकाला। इन परिवारों ने सिथौली के पास पुलि के दूसरी ओर कुछ समय पहले मकान बना लये है। यहां कुछ भूखंड अभी भी खाली है। इसके बगल से मुरार नदी निकलती है। इसी नदी पर आगे अलापुर बांध बना है।

जलभराव के बाद ये थे ललियापुरा के हालात।

अलापुर बांध के गेट नहीं खुलने वजह से भरा ललियापुरा में पानी
तेज वर्षा की वजह अलापुर बांध का जलस्तर एकदम बढ़ता चला गया। इस जल संसाधन विभाग ने बांध के गेट नहीं खोले। इस वजह से ललियापुरा में पानी भर गया। वैसे आपकी जानकारी के लिये बताना उचित होगा यह अवैध बस्ती है और कई मकान तो सरकारी जगह में बनाये गये है। लेकन ललियाुपरा में पानी भरने से घरों में पानी भर गया जिससे लोगों को पलायन करना पड़ा। हालांकि इन हालातों को देखते हुए बाद मे ंबोध के गेट खोले गये। आपको बता दें कि कारण हबीपुरा समेत आसपास के इलाके में महिनेभर पहले जल भराव शुरू हो गया था।

 

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क्या इजरायल और कतर के बीच छिड़ेगा युद्ध? जो रडार नहीं पकड़ सके इजरायल ने वही हथियार दागे

नई दिल्ली. इजरायल ने 9 सितम्बर 2025 को कतर की राजधानी दोहा में हमास नेताओं पर हवाई हमला किया। जिसमें रडार से बचने वाले हथियारों का उपयोग किया गया। कतर की सरकार ने इसे आतंकवाद और अपनी संप्रभुता का उल्लंघन बताया है। इस हमले के बाद सवाल उठा रहे हैं कि क्या कतर ओर इजरायल के बीच जंग छिड़ सकती है।
दोहा में इजरायली हमले में क्या हुआ
9 सितम्बर 2025 को दोपहर 3 बजे (स्थानीय समय) दोहा में कई जोरदार धमाके सुने गये। इजरायल की सेना (आईडीएफ) ने घोषणा की कि उसने हमास के वरिष्ठ नेताओं को निशाना बनाकर सटीक हमला किया। यह हमला दोहा के वेस्ट बै लैगून और कटारा इलाके में हुआ। जहां वदेशी दूतावास स्कूल और रिहायशी इमारतें है।
कतर की प्रतिक्रिया और जंग की आशंका
कतर ने इस हमले को कायराना और अंतरराष्ट्रीय कानून का खुला उल्लंघन बताया. कतर के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता माजेद अल-अंसारी ने कहा कि हम इस लापरवाही भरे व्यवहार को बर्दाश्त नहीं करेंगे. कतर के अमीर शेख तमीम बिन हमद अल-थानी ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से फोन पर बात की और हमले की निंदा की।
कतर ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में शिकायत दर्ज की और जवाब देने का अधिकार सुरक्षित रखा. क्या इसका मतलब जंग है? जानकारों का मानना है कि कतर और इजरायल के बीच सीधी सैन्य जंग की संभावना कम है. इसका कारण है कतर की सैन्य और कूटनीतिक स्थिति।
सैन्य क्षमता में अंतर: 2025 ग्लोबल फायरपावर इंडेक्स में इजरायल 15वें और कतर 62वें स्थान पर है ।  इजरायल के पास F-35 स्टील्थ जेट, न्यूक्लियर हथियार और आयरन डोम जैसे मिसाइल डिफेंस सिस्टम हैं। कतर के पास राफेल और F-15QA जेट्स हैं, लेकिन उसकी सेना छोटी है. कतर के पास लंबी दूरी की मिसाइलें या न्यूक्लियर हथियार नहीं हैं, जिससे वह इजरायल पर सीधा हमला नहीं कर सकता।

 

 

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27 वर्षो के बाद हाईकोर्ट ने खारिज की याचिका, न्यायालय बोला-काई भी दावा अनिश्चितकाल तक लंबित नहीं रखा जा सकता

ग्वालियर. हाईकोर्ट ने एक महत्वपूर्ण फैसले में स्पष्ट किया है न्यायालय में दाखिल में कोई भी अर्जी या दावा अनिश्चितकल तक लंबित नहीं रखा जा सकता है। न्यायालय ने यह टिप्पणी मोतीलाल नामक व्यक्ति के संपत्ति विवाद से जुडे मामले में की है। हाईकोर्ट ने सुनवाई में कहा है कि भले ही धारा 151 सीपीसी में कोई समय सीमा निर्धारित नहीं है। लेकन अधिकार का प्रयोग उचित समय सीमा के भीतर होना चाहिये। कब्जा दिलाने जैसे मामलों में 12 साल की अविध वाजिब मानी जाती है। न्यायालय ने 27 साल की देरी को अस्वीकार्य मानते हुए अर्जी खारिज कर दी है।
कब्जा दिलाने का आदेश 1984 में किया गया था
मोतीलाल ने वर्ष 1973 में संपत्ति पर कब्जा वापिस पाने के लिये वाद दायर किया था। शुरूआत में उनका दावा खारिज हुआ। लेकन अपील में उन्हें कामयाबी मिली और 27 अगस्त 1984 को कब्जा दिलाने का आदेश मिला। इसके खिलाफ प्रतिवादी ने हाईकोर्ट में अपील की। स्थगन आदेश भी प्राप्त कर लिया। हालांकि न्यायालय ने 11 दिसम्बर 1984 को अपील खारिज कर दी। लेकिन इसकी जानकारी निचली अदालत का नहीं दी गयी थी।
वारिसों ने 2016 में लगाई थी अर्जी
3 अक्टूबर 1989 को वादी पक्ष के अधिवक्ता की अनुपस्थिति में निष्पादन कार्रवाई खारिज हो गई। लंबे अंतराल के बाद वर्ष 2016 में मोतीलाल के कानूनी वारिसों ने धारा 151 सीपीसी के तहत निष्पादन बहाल करने की मांग करते हुए हाईकोर्ट में अर्जी दाखिल की थी।ग्वालियर हाईकोर्ट ने एक महत्वपूर्ण फैसले में स्पष्ट किया है कि अदालत में कोई भी अर्जी या दावा अनिश्चितकाल तक लंबित नहीं रह सकता। न्यायालय ने यह टिप्पणी एक संपत्ति विवाद मामले में की।
मामला मोतीलाल नामक व्यक्ति से जुड़ा है। उन्होंने 1973 में संपत्ति पर कब्जा वापस पाने के लिए वाद दायर किया था। शुरुआत में उनका दावा खारिज हुआ। अपील में उन्हें सफलता मिली और 27 अगस्त 1984 को कब्जा दिलाने का आदेश मिला। प्रतिवादी ने हाईकोर्ट में अपील की और स्थगन आदेश प्राप्त कर लिया।हाईकोर्ट ने 11 दिसंबर 1984 को प्रतिवादी की अपील खारिज कर दी, लेकिन इसकी जानकारी निचली अदालत को नहीं दी गई। 3 अक्टूबर 1989 को वादी पक्ष के अधिवक्ता की अनुपस्थिति में निष्पादन कार्रवाई खारिज हो गई। वर्ष 2016 में मोतीलाल के कानूनी वारिसों ने धारा 151 सीपीसी के तहत निष्पादन बहाल करने की मांग की। कोर्ट ने कहा कि भले ही धारा 151 में कोई समय सीमा नहीं है, फिर भी अधिकार का प्रयोग उचित समय में होना चाहिए। कब्जा दिलाने के मामलों में 12 साल की अवधि वाजिब मानी जाती है। कोर्ट ने 27 साल की देरी को अस्वीकार्य मानते हुए अर्जी खारिज कर दी।

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आसमान में उड़े फायटर जेट की आवाजा लगा कि भूकंप आया, तेज रफ्तार के चलते महसूस हुआ कंपन, धमाके जैसी आई आवाज

ग्वालियर. बुधवार की सुबह आसमान में लगभग 10 बजे तेज धमाके की आवाज और कम्पन की वजह से लोग घबरा गये। एक पल के लिये ऐसा लगा कि जैसे भूकंप आ गया हो। कुछ जगहों पर लोग घरों से बाहर निकल आये तो बाजारों में दुकानदार अपनी दुकानों से बाहर आ गये। देखते ही देखते पूरे शहर में इस धमाके को लेकर चर्चायें शुरू हो गयी।कुछ देर के बाद पता चला कि एयरफोर्स एयरबेस से लड़ाकू विमान अभ्यास के लिये उड़ान भर रहा था। जब फायटर प्लेन सामान्य गति से सुपरसोनिक स्पीड में प्रवेश करते हैं तो हवा में तेज धमाका और कंपन्न होता है।
शहर में दूर-दूर तक आवाजा सुनाई दी आवाज
शहर के महाराजपुरा, शताब्दीपुरम, आदित्यपुरम, डीडीनगर, मुरार, सिटीसेंटर, लश्कर और उपनगर ग्वालियर शहर के अन्य हिस्सों में लोगों ने तेज आवाज के साथ हल्का कंपन्न महसूस किया है। इस कारण से कई लोगों को लगा कि भूकंप आया है। वह सड़कों पर निकल आये। धमाके की खबर तेजी से सोशल मीडिया पर फैली और पुलिस तक भी पहुंची। मौसम विभाग ने किसी भी प्रकार के भूकंप की आशंका से मना किया है। जब पुलिस ने एयरफोर्स अधिकारियों से संपर्क किया तो पला चला है कि फायटर प्लेन अभ्यास कर रहे थे। उसी बीच सामान्य स्पीड से सुपरसोनिक स्पी डमें प्रवेश करते समय साउंड बैरियर की आवाज उत्पन्न हुई थी।इसके बाद लोगों ने राहत की सांस ली है।
क्या होता है साउंड बैरियर?
जब कोई फाइटर प्लेन सामान्य गति से उड़ता है और फिर अचानक सुपरसोनिक स्पीड (आवाज की गति से तेज) में प्रवेश करता है, तो एक तेज धमाका और कंपन महसूस होता है। इस घटना को ही साउंड बैरियर कहा जाता है यह एक सामान्य प्रक्रिया है और हर बार विमान के सुपरसोनिक गति में जाने के दौरान होती है। आमतौर पर फाइटर जेट्स यह गति अधिक ऊंचाई पर प्राप्त करते हैं, इसलिए यह आवाज नीचे सुनाई नहीं देती। लेकिन जब विमान अपेक्षाकृत कम ऊंचाई पर होते हैं, तो साउंड बैरियर की आवाज ज़मीन पर महसूस की जा सकती है।
कुछ नहीं हुआ है-पुलिस
इस मामले में पुलिस अधिकारियों ने बताया कि धमाके की सूचना मिलने पर एयरफोर्स के अधिकारियों से संपर्क किया गया था। वहां से जानकारी मिली कि यह धमाका फाइटर जेट्स के अभ्यास के दौरान हुआ साउंड बैरियर था। शहरवासियों को घबराने की कोई जरूरत नहीं है।

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रेलवे स्टेशन से 3 वर्षीय बच्ची का अपहरण करने वाली महिला गिरफ्तार, आगरा के कासगंज में मिली बच्ची

ग्वालियर. जीआरपी पुलिस ने रेलवे स्टेशन से अपहृत की गयी 3 वर्षीय बच्ची राधा को बरामद कर लिया है। पुलिस ने अपहरण के मामले में एक महिला को गिरफ्तार किया है। 25 अगस्त की रात को प्लेटफॉर्म नम्बर 1 से बच्ची का अपहरण हुआ था। पूछताछ में आरोपी महिला ने बताया कि उसकी बेटी यूपी के कासगंज में रहती है। बेटी की संतान नहीं होने की वजह से वह बच्ची का अपहरण कर वहां छोड़ आई थी।
खबर मिलते ही पुलिस की एक टीम सोमवार की रात को कासगंज रवाना हुई है। टीम न वहां से बच्ची राधा और आरोपी महिला की बेटी को अपनी निगरानी में लिया है। दोनों को बुधवार की सुबह ग्वालियर लाया जायेगा। पुलिस आरोपी महिला और उसकी बेटी से विस्तृत पूछताछ करेगी। सीसीटीवी फुटेज में बच्ची को गोद में ले जाते दिखाई दे रहे है। एक युवक के बारे में भी जानकारी जुटाई जा रही है। अभी तक आरोपी महिला की पहचान और उसके निवास स्थान की जानकारी स्पष्ट नहीं हो पायी है।
घटना 25 अगस्त की है
अपहरण की घटना 25 अगस्त की रात 8.30 बजे की है। दतिया निवासी रोशनी अपनी बेटी राधा 3, के साथ ग्वालियर स्टेशन पहुंची थी। वह प्लेटफार्म नम्बर 1 के नये फुटओवरब्रिज से उतर रही थी कि अचानक उसे पेट में दर्द हुआ था। उसने बच्ची को सीढि़यों पर बैठाया और स्व्यं पास के टॉयलेट चली गयी थी। कुछ ही मिनटों के बाद लौटने पर बच्ची वहां से गायब थी।

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कैबिनेट में फूटा ऊर्जामंत्री का गुस्सा-ग्वालियर में नरक जैसी स्थिति, कलेक्टर और निगमायुक्त नहीं सुन रहे

भोपाल. कैबिनेट के पश्चात सीएम डॉ. मोहन यादव के साथ शुरू हुई अनौपचारिक बैठक में ऊर्जा मंत्री प्र्रद्युम्नसिंह तोमर का गुस्सा फूट पड़ा। प्र्रद्युम्नसिंह तोमर ने कहा कि ग्वालियर शहर की हालत नरक जैसी हो गयी है। चारो ओर अव्यवस्था है, न नगर निगम के आयुक्त सुन रहे न ही कलेक्टर, सीएम सचिवालय (सीएमओ) के अलावा कहीं सुनवाई नहीं है। प्र्रद्युम्नसिंह तोमर के अचानक इस तरह बोलनेपर सीएम ने कहा है कि इस संबंध में अलग से कैबिन में बात कर सकते हैं। लेकिन प्र्रद्युम्नसिंह तोमर नहीं रूके। इस बार जब ग्वालियर प्रभारीमंत्री तुलसी सिलावट से पूछा गया तो उन्होंने भी प्र्रद्युम्नसिंह तोमर की बात का समर्थन करते हुए कहा है कि वाकई में ग्वालियर स्थिति ठीक नहीं है। सिलावट के यह कहने के बाद प्र्रद्युम्नसिंह तोमर फिर बोल पड़े कि शहर में सीवर की स्थिति बड़ी दयनीय है। सड़कों पर पानी फैल रहा है। सीवर चेम्बर खुले पड़े हैं। अधिकारी कुछ नहीं कर रहे हैं। यदि हम कुछ करेंगे तो पार्टी फोरम का मामला बन जायेगा। हमारे पास कोई चारा नहीं बचा है। इस पर सीएम ने दोबारा कहा कि अलग से बात करेंगे।
ऊर्जा मंत्री बोले कि-
बातचीत के ही दौरान बिगड़ी हुई व्यवस्थाओं को बनाने के लिये ऊर्जा मंत्री ने सीएम से शहर के लिये विशेष पैकेज के तौर पर 100 करोड़ रूपये देने की भी मांग कर डाली। यह सुनकर सीएम ने अधिकारियों से कहा कि तोमर ने जितनी बतों की उन्हें देख लीजिये।
विभाग करेगा शिकायतों की जांच
ऊर्जा मंत्री की कैबिनेट में नाराजगी के बाद इस मामले को लेकर वरिष्ठ अधिकारियों की बैठक भी हुई सूत्रों ने बताया है कि जल्द ही अधिकारियों की एक टीम ग्वालियर जाकर सभी बातों की स्थिति को जानेगी।
जल्द बनें चुनावी कमेटियां-सीएम
अनौपचारिक चर्चा के दौरान सीएम ने कहा हहै कि आने वाले दिनों में मंडी, को-ऑपरेटिव और पंचायतों के चुनाव है। कांग्रेस के दोरान जो संशोधन या नियम बदले गये हैं, उन्हें दुरूस्त करें, जीएडी इस मामले में तत्काल कमेटियां बनाये।
ग्वालियर में हाल बताये कहा कि सड़कों पर गड्डे, अंधेरा, सरकार करें हस्तक्षेप
ऊर्जा मंत्री ने शिकायती अंदाज में कहा है कि सड़कों पर इतने गड्डे हो गये हैं कि लोगों का चलना मुश्किल हो गया है। स्ट्रीट लाइट बन्द होने से मेन रोड व गली-मोहल्लों तक मे ंअंधेरा फैला हुआ है। सफाई व्यवस्था की प्रॉपर मॉनीटरिंग न होने के कारण जगह-जगह गंदगी के ढेर लगे हैं। लोगों को सुविधायें देना हमारी जिम्मेदारी है। प्रदेश सरकार को हस्तक्षेप करना चाहिये।

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