ग्वालियर – डॉ. भीमराव अम्बेडकर जयंती के अवसर पर शहर के सभी पार्क एवं ऐसे पार्क जहां डॉ. अम्बेडकर की प्रतिमाएं लगी हैं, उनकी साफ सफाई, रंगाई पुताई तथा सभी आवश्यक व्यवस्थायें पूर्ण हो जाऐं। यह संबंधित अधिकारी सुनिश्चित करें। महापौर डॉ. शोभा सिंह सिकरवार ने डॉ. अम्बेडकर जयंती की तैयारियों को लेकर समीक्षा बैठक करते हुए संबंधित अधिकारियों को दिए।
निगम मुख्यालय स्थित महापौर कार्यालय कक्ष में आयोजित समीक्षा बैठक के दौरान एमआईसी सदस्य अवधेश कौरव, पार्षद प्रमोद खरे, अपर आयुक्त प्रदीप तोमर, उपायुक्त मुकेश बंसल, कार्यपालन यंत्री सुरेश अहिरवार, सहायक यंत्री अशोक गुप्ता, अजय शाक्यवार एवं अभिलाषा बघेल सहित अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।
बैठक में महापौर डॉ. सिकरवार ने कहा कि शहर में जिन स्थानों, पार्क में डॉ. अम्बेडकर की प्रतिमायें स्थापित हैं, ऐसे सभी स्थानों की बेहतर साफ सफाई हो तथा प्रॉपर लाइटिंग की व्यवस्था हो एवं पेयजल इत्यादी की व्यवस्था हो। इसके साथ ही प्रतिमाओं की साफ सफाई, पॉलिस इत्यादि जो भी आवश्यक हो सभी कार्य पूर्ण करा लिए जाऐं। इसके साथ ही अन्य व्यवस्थाओं को लेकर आवश्यक दिशा निर्देश दिए।
ग्वालियर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रªट ग्वालियर प्रशांत पाण्डेय की उपस्थिति मे डीएसपी यातायात ग्वालियर अजीत सिंह चौहान के द्वारा न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी सक्षम नरूला, भूपेन्द्र सिंह कुशवाह, विशाल जेठवा, मानसी बालूजा ने शहर में यातायात व्यवस्था को सुदृढ़ करने एवं सड़क दुर्घटनाओं पर प्रभावी नियंत्रण हेतु ग्वालियर में विशेष वाहन चेकिंग अभियान चलाया गया। यह अभियान गोविंदपुरी चौराहे पर न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी (जेएमएफसी) की उपस्थिति में संपन्न हुआ।
कार्यवाही का विवरण
उक्त अभियान के दौरान यातायात नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहन चालकों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की गई। कुल 72 वाहनों के खिलाफ चालानी कार्रवाई करते हुए ₹1.12,000 (एक लाख बारह हजार रुपये) का समन शुल्क वसूला गया। जिसमें विशेष रूप से 08 वाहनों पर मॉडिफाइड साइलेंसर, 10 वाहनों पर अवैध हूटर तथा 10 वाहनों पर ब्लैक फिल्म (काली फिल्म) पाए जाने पर चालानी कार्यवाही की गई। इसके अतिरिक्त अन्य यातायात नियमों के उल्लंघन करने वाले वाहन चालकों पर कार्यवाही की गई।
नई दिल्ली. सुप्रीमकोर्ट ने मंगलवार को अनुसूचित जाति के स्टेट्स पर एक ऐतिहासिक फैसला आया है। सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि कोई भी ऐसा व्यक्ति जो हिन्दू धर्म, सिख या बौद्ध धर्म के अलावा किसी अन्य धर्म को मानता है उसे अनुसूचित जाति (शेड्यूल कास्ट) का नहीं माना जायेगा। सुप्रीम कोर्ट ने आगे कहा है कि हिन्दू, सिख या बौद्ध धर्म को मानने वाला अनुसूचित जाति (एससी) का कोई व्यक्ति अगर किसी अन्य धर्म में धर्मान्तरण करता है तो उसका अनुसूचित जाति का दर्जा तत्काल और पूरी तरह से समाप्त हो जायेगा।
इसका मतलब है यह है कि अगर अनुसूचित जाति (एससी) का कोई व्यक्ति जो पहले हिन्दू धर्म, सिख या बौद्ध धर्म को मानता था। अगर ऐसा व्यक्ति धर्म परिवर्तन करता है और इस्लाम या क्रिश्चयन धर्म को अपनाता है तो उसका एससी का दर्जा समाप्त हो जायेगा। सुप्रीमकोर्ट ने इसके साथ ही आंध्रप्रदेश हाईकोर्ट के उस आदेश बरकरार रखा। जिसमें यह कहा गया था कि यदि कोई व्यक्ति ईसाई धर्म अपना लेता है और सक्रिय रूप् से उस धर्म को मानता तथा उसका पालन करता है तो उसे अनुसूचित जाति समुदाय का सदस्य नहीं माना जा सकता है।
नई दिल्ली. इलेक्ट्रिक कारों को दुनिया भर में बढ़ावा दिया जा रहा है। हालांकि अभी भी भारी तादाद में इन्हें ग्राहक नहीं मिल रहे है। इसकी सबसे बड़ी वजह है बैटरी को चार्ज होने में लगने वाला समय और ईवी की रेंज है। जहां पेट्रोल या डीजल कार में कहीं भी फ्यूल डलवाया जा सकता है। वहीं ईवी के चार्जिंग स्टेशन भी कम है।
इसके अलावा ईवी को चार्ज करने में लगने वाला समय अधिक है। इसका समाधान चीनी ऑटोमोबाइल कम्पनी बीजिंग ऑटोमोटिव ग्रुप कम्पनी लिमिटेड (बीएआईसी) ने तलाश लिया है। बीएआईसी ने सोडियम-आयन बैटरी टेक्नोलॉजी के डवलपमेंट में एक अहम कामयाबी का ऐलान किया है। बीएआईसी चीन का एक प्रमुख कार निर्माता है। कम्पनी इलेक्ट्रिक और आईसीई दोनों तरह की कार्स बनाती है। कम्पनी के रीसर्च डिवीजन केअनुसार एक प्रोटोटाइप सोडियम -आयन बैटरी विकसित की गयी है। जिसकी एनर्जी डेंसिटी 170 व्हाटप्रति किलोग्राम है। यह बैटरी 4सी फास्ट चार्जिंग सपोर्ट करती है। इसे फुल चार्ज होने में महज 11 मिनट का समय लगेगा। यह चार्जिंग टाईम टेस्टिग कंडीशन का है। रीयल वर्ल्ड में चार्जिंग का समय ज्यादा हो सकता है। इस सिस्टम को अलग-अलग तापमान पर काम करने के लिये डिजाइन किया गया है।
कई कंपनियां कर रही हैं काम
बीएआईसी (BAIC) ने इस प्रोग्राम से जुड़े लगभग 20 पेटेंट फाइल किए है। ये पेटेंट्स मटेरियल, सेल डिजाइन, मैन्युफैक्चरिंग प्रॉसेस और टेस्टिंग से जुड़े है। कंपनी चार्जिंग स्ट्रैटेजी, इलेक्ट्रोकेमिकल मॉडलिंग और बैटरी डिग्रेडेशन पर भी काम कर रही है। दूसरी चीनी कंपनियां भी इस टेक्नोलॉजी पर तेजी से काम कर रही है। फरवरी 2026 में चांगान ऑटोमोबाइल और सीएटीएल ने पहली मास-प्रोड्यूस्ड सोडियम-आयन इलेक्ट्रिक कार पेश की है। इसमें 45 kWh की बैटरी और 400 किमी से ज्यादा की रेंज का दावा किया गया है। ये कार 2026 मिड तक बाजार में लॉन्च हो सकती है.BAIC (बीजिंग ऑटोमोटिव ग्रुप कंपनी लिमिटेड) की बात करें, तो कंपनी ने अभी तक अपनी सोडियम-आयन बैटरी के कमर्शियल लॉन्च की जानकारी नहीं दी है। फिलहाल ये टेक्नोलॉजी प्री-कमर्शियल स्टेज में है।
लो टेम्परेचर में भी करेगी काम
इसे -40 डिग्री सेल्सियस से 60 डिग्री सेल्सियस तक काम करने के लिए डिजाइन किया गया है। कंपनी का दावा है कि -20 डिग्री सेल्सियस पर भी बैटरी रिटेंशन लगभग 92 परसेंट है। ये दिखाता है कि कम तापमान में भी इसे इस्तेमाल किया जा सकता है। कंपनी ने बताया है कि बैटरी ने इंटरनल वैलिडेशन टेस्टिंग को पास कर लिया है। थर्मल टेस्टिंग में 200 डिग्री सेल्सियस तक के टेम्परेचर पर भी बैटरी स्टेबल थी. ये सोडियम-आयन बैटरी कंपनी की अरोरा बैटरी प्रोग्राम का हिस्सा है। इसमें लिथियम आयन बैटरी, सॉलिड स्टेट और सोडियम आयन बैटरी शामिल है। कंपनी ने प्रिजमैटिक सोडियम-आयन सेल्स के लिए मास प्रोडक्शन प्रॉसेस वैलिडेशन भी पूरा कर लिया है।
पूरे चीन में सोडियम आयन बैटरियों को एडिशनल सॉल्यूशन के तौर पर देखा जा रहा है। खासकर कम लागत और ठंडे मौसम वाले यूजेज के लिए. लिथियम-आयन फॉस्फेट बैटरियों की तुलना में, सोडियम-आयन बैटरियों में रॉ मैटेरियल आसानी से मिल जाता है।साथ ही इनकी कोल्ड-वेदर परफॉर्मेंस बेहतर होती है।हालांकि एनर्जी डेंसिटी के मामले में ये अभी पीछे है।
ग्वालियर. भितरवार नगर में सोमवार की रात फालूदा खाने के बाद 4 लोग फूड प्वाइजनिंग का शिकार हो गये हे। उन्हें तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र भितरवार में भर्ती कराया गया है। जहां प्राथमिक इलाज के बाद ग्वालियर के लिये रेफर कर दिया गया है। घटना की सूचना मिलते ही एसडीओपी, थाना प्रभारी और तहसीलदार भी अस्पताल पहुंचाये गये हैं।
क्या है घटना
यह घटना सोमवार रात करीब 9 बजे की है। डढूमर निवासी रवि (26), राज (16), आशीष (14) और रेनू (45) भितरवार के मुख्य चौराहे पर स्थित भेरुनाथ फालूदा के ठेले पर फालूदा खाने पहुंचे थे। फालूदा खाने के कुछ देर बाद ही उनकी तबीयत बिगड़ने लगी और उन्हें उल्टी-दस्त की शिकायत हुई। चारों पीड़ितों को तुरंत सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भितरवार ले जाया गया। घटना की जानकारी मिलते ही बड़ी संख्या में लोग अस्पताल पहुंच गए। एसडीओपी जितेंद्र नगाइच, थाना प्रभारी सुधीर कुशवाहा और तहसीलदार धीरज परिहार ने भी अस्पताल पहुंचकर पीड़ितों का हालचाल जाना। उनकी गंभीर हालत को देखते हुए उन्हें ग्वालियर रेफर कर दिया गया।
फालूदा संचालक भी पहुंचा अस्पताल
भेरूनाथ फालूदा का ठेला भीलवाड़ा, राजस्थान निवासी रोशनसिंह गुर्जर का है। जो पिछले 8 वर्षो से भितरवार में 3 ठेके संचालित कर रहे है। घटना की सूचना मिलने पर ठेला संचालक रोशन सिंह भी अस्पताल पहुंचा है। उसने बताया कि वह सुबह से फालूदा बेच रहा था ।तब कोई शिकायत नहीं आई थीं। उसने कहा कि उसे समझ नहीं आ रहा है कि यह लोग कैसे बीमार हुए। फिलहाल सभी चारों पीडि़तों का ग्वालियर में उपचार चल रहा है। अधिकारियों ने फालूदा के सैम्पल लेने की बात कही है। ताकि घटना की वजहों का पता लगाया जा सके।
ग्वालियर. मध्यप्रदेश हाईकोर्ट की ग्वालियर खंडपीठ ने सोमवार को एक हैबियस कॉर्पस याचिका का निरर्थक घोषित करते हुए खारिज कर दिया। यह याचिका पति ने दायर की थी। जिसमें उसने अपनी पत्नी को संदीप जाटव की अवैध हिरासत में होने का आरोप लगाया था। सुनवाई के बीच पत्नी ने हाईकोर्ट के समक्ष स्पष्ट किया कि वह बालिग है और अपनी मर्जी से जीवन जीना चाहती है। उसने बताया कि उसका विवाह 4 मई 2023 को हुआ था। लेकिन यह उसकी इच्छा के विरूद्ध परिवार द्वारा तय किया गया था।
पत्नी ने कोर्ट के समक्ष स्पष्ट किया कि वह बालिग है और अपनी मर्जी से जीवन जीना चाहती है। उसने बताया कि उसका विवाह 4 मई 2023 को हुआ था, लेकिन यह उसकी इच्छा के विरुद्ध परिवार द्वारा तय किया गया था।
महिला ने हाईकोर्ट को बताया कि वह पति के साथ नहीं रहना चाहती। उसने यह भी कहा कि वह 27 फरवरी 2024 से संदीप जाटव के साथ रह रही है, जो अहमदाबाद में कार्यरत है। महिला 6 माह की गर्भवती है और अपने प्रेमी के साथ ही रहना चाहती है। वहीं, पति ने कोर्ट से कहा कि वह पत्नी और होने वाले बच्चे को अपने साथ रखने के लिए तैयार है। हालांकि, पत्नी ने उसके साथ जाने से साफ इनकार कर दिया।
मामले में हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया कि महिला बालिग है और किसी की अवैध हिरासत में नहीं है। वह अपनी इच्छा से जहां रहना चाहती है, वहां रहने के लिए स्वतंत्र है। इसी आधार पर कोर्ट ने याचिका को खारिज कर दी।
जबलपुर. मध्यप्रदेश हाईकोर्ट ने मंगलवार को सोम डिस्टलरीज से जुड़ी याचिका खारिज करते हुए एक्साइज कमिश्नर द्वारा 8 लायसेंस निलंबन की कार्यवाही को सही ठहराया है। जस्टिस विवेक अग्रवाल की बेंच ने 32 पन्नों के फैसले में कहा है कि शराब का व्यापार मौलिक अधिकार नहीं है। नियम का उल्लघंन पर सख्त कार्यवाही को वैध बताया है। एक्ससाइज विभाग ने 4 फरवरी 2026 के आदेश से सोम डिस्टलरीज प्रा. लि. और सोम डिस्टलरीज एंड बेवरीज प्रा. लि. के कुल 8 लायसेंस निलम्बित किये थे। यह कार्यवाही 26 फरवरी 2024 के शो-कॉज नोटिस के आधार पर हुई थी। जिसमें फर्जी परमिट से शराब परिवहन के आरोप थे।
नियमों का उल्लंघन करने पर लायसेंस निलंबित करना वैद्य है
हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया है कि शराब का व्यापार पूरी तरह से सरकारी नियंत्रण में है। नियमों का उल्लंघन पर लायसेंस निलंबन या रद्द करना कानूनन बैध है। हाईकोर्ट ने कहा है कि शो-कॉज नाटिस किसी अवधि तक सीसिमत नहीं होता है। गंभीर आरोप होने के बाद भी कार्यवाही संभव है। पुराने उल्लंघन नये लायसेंस को प्रभावित कर सकते हैं।
कंपनियों ने पुराने नोटिस को आधारहीन बताया
कंपनियों ने दलील दी कि नोटिस 2023-24 की अवधि से जुड़ा था और 31 मार्च 2024 को लाइसेंस समाप्त हो चुके थे। नए लाइसेंस जारी होने के बाद पुराने नोटिस के आधार पर कार्रवाई को अवैध बताया गया। राज्य सरकार की ओर से अतिरिक्त महाधिवक्ता हरप्रीत सिंह रूपराह और शासकीय अधिवक्ता मानस मणि वर्मा ने कहा कि एक्साइज एक्ट के तहत कार्रवाई का अधिकार स्पष्ट है और नियमों का पालन अनिवार्य है।
भोपाल. मध्य प्रदेश में हवाई कनेक्टिविटी बढाने के लिए हवाई पट्टियों की संख्या बढाई जा रही है। अभी 8 हवाई अड्डों के अलावा 23 हवाई पट्टियां है। यह उपयोग में रहें औ बेहतर मेंटेनेंस होता रहे इसके लिए 11 हवाई पट्टियां निजी संस्थाओं को उपयोग के लिए दी गई है। सिवनी, ढाना (साग), गुना, रतलाम, उज्जैन, बिरवा (बालाघाट), उमरिया, छिंदवाडा, मंदसौर, नीमच और शिवपुरी की हवाई पट्टी को उडान प्रशिक्षण, अन्य विमानन गतिविधियों के संचालन के लिए निजी संस्थाओं को सौंपा गया है। अधिकारियों के अनुसार शिवपुरी और उज्जैन की हवाई पट्टियों के विकास व विस्तार के लिए भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण को जिम्मेदारी सौंपी गई है। हवाई पट्टियों को क्षेत्रीय हवाई अड्डों के रूप में विकसित किया जा रहा है।
नियमित हवाई सेवा के लिए जमीन अधिग्रहण शुरू
इससे नियमित हवाई सेवाएं शुरू की जा सकेंगी। इनके लिए जमीन अधिग्रहण की कार्रवाई की जा रही है। केंद्र की रीजनल कलेक्टिविटी स्कीम के तहत 2024 से 2025 में दतिया हवाई पट्टी को भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण को दिया गया था। दतिया प्रदेश का 8वां एयरपोर्ट। यहां से छोटे विमानों का संचालन शुरू हो चुका है।
सेवाएं शुरू होने से पर्यटकों की संख्या बढने व निवेश आने की उम्मीद
सरकार की इस पहल का सबसे बडा असर प्रदेश के पर्यटन और औद्योगिक क्षेत्रों पर देखने को मिल सकता है। उज्जैन, छिंदवाडा, शिवपुरी और सिवानी जैसे शहर पहले से ही धार्मिक, प्राकृतिक और औ़द्योगिक द्रष्टि से महत्वपूर्ण है लेकिन सीमित कनेक्टिविटी के कारण इनकी पूरी क्षमता का उपयोग ही नहीं हो पा रहा है। अब सेवाएं शुरू होने से इन क्षेत्रों में पर्यटकों की संख्या बढने और निवेश आने की उम्मीद है।
ग्वालियर. एक दम्पत्ति के एचडीएफसी बैंक खातों से सायबर धोखाधड़ी के माध्यम से 1.70 लाख रूपये निकाल लिये गये। पति-पत्नी को इस ठगी का जब पता चला उन्होंने अपने बैंक खाते मोबाइल पर चेक किये। पीडि़त दंम्पत्ति की पहचान अरविंदसिंह परमार पुत्र विजेन्द्रसिंह परमार और उनकी पत्नी के रूप में हुई हैं। वह डीडी नगर स्थित एफएल-227 तोमर मेडीकल वाली गली, कुशवाह मार्के के निवासी है। उन्हें 25 फरवरी को बैंक खाते चेक करने क पर ठगी का पता चला।
दम्पत्ति के अनुसार उनके पास खातों से पैसे निकाले जाने का न तो कोई मैसेज आया और नहीं कोई कॉल। पैसे गायब होने का पता चलते ही अरविंद परमार तत्काल बैंक पहुंचे। अपने तथा अपनी पत्नी के खाते ब्लॉक करवा दिये। इसके बाद उन्होंने महाराजपुरा थाने में धोखाधड़ी की एफआईआर दर्ज कराई। महाराजपुर थाना पुलिस ने अज्ञात ठगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। इस संबंध में टीआई महाराजपुरा यशवंत गोयल ने बताया है कि सायबर ठगी की एक एफआईआर दज्र की गयी है। जिसमें खाते से 1.70 लाख रूपये गायब है। पुलिस मामले की गंभीरता से जांच कर ही है।