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नगरनिगम परिषद की बैठक में महापौर की गैर मौजूदगी में हंगामा, MIC मेम्बर्स बोले पढ़ने के लिये फाइलें हीं नहीं आती हे

नगरनिगम परिषद की बैठक में महापौर की गैर मौजूदगी में हंगामा, एमआईसी मेम्बर्स बोले पढ़ने के लिये फाइलें हीं नहीं आती हे
ग्वालियर. नगरनिगम परिषद की बैठक में मंगलवार को जोरदार हंगामा हो गया। बैठक में महापौर डॉ. शोभा सिंह सिकरबार की गैर मौजूदगी में विपक्ष ने हंगामा शुय कर दिया। महापौर की गैर मौजूदगी में किसी मुद्द को लेकर जब एमआईसी मेम्बर जवाब मांगा तो वह बोले मेरे पास फाइल ही नहीं आती है।
भाजपा ने इसे गंभीर मुद्दा बताते हुए कहा एमआईसी मेम्बर्स केवल नाम के रह गये है। उन्हें शहर विकास की फाइलें ही नहीं मिल रही है। वही पूर्व एमआईसी मेम्बर्स आशा चौहान ने तो ढाई साल तक फाइन नहीं मिलने का खुलासा कर दिया। आखिर शहर की फाइलें चला कौन रहा है। फिर आया आउटसोर्स कर्मचारियों की भर्ती का प्रस्ताव, सभा पति एमआइ्रसी मेम्बर शकील मंसूरी से जवाब मांगा तो सवाल था-आपके पास फाइल पढ़ने के लिये आती है तो जवाब से पूरा सदन चौक गया। शकील मंसूरी बोले मेरे पास फाइल नहीं आती है।

ग्वालियर नगर निगम परिषद की बैठक के दौरान सदस्य।
कार्यकाल में एक भी फाइल नहीं मिली
एमआईसी मेम्बर्स आशा चौहान ने भी खुलासा किया कि उनके ढाई साल के कार्यकाल में एक भी फाइल नहीं मिली। आवाज उठाने पर उन्हें एमआईसी से बाहर कर दिया गया। सभापति मनोज तोमर ने इसे गंभीर मामला माना है। जब एमआईसी मेम्बर्स से सदन में जवाब मांगा जाता है तो वह जवाब नहीं दे पाते। इससे सदन को ठीक से जानकारी नहीं मिल पाती है।
पूरी फाइलें भेजी जाती है-निगमायुक्त
नगरनिगम की परिषद में जब विवाद बढ़ा तो निगमायुक्त संघ प्रिय को सफाई देनी पड़ी है। उन्होंने कहा कि एमआईसी में जो मामले भेजे जाते हैं उसकी फाइल पूरी भेजी जाती है। अब फाइले एमआईसी की अध्यक्ष क्यों नहीं पढ़ने के लिये देती हैं उनका विषय है आपको बता दें कि एमआईसी की अध्यक्ष ग्वालियर की महापौर शोभा सिंह सिकरबार है।
इन मुद्दों पर हुई चर्चा
नगर निगम ग्वालियर के अंतर्गत विभिन्न कार्य कराए जाने के लिए आउटसोर्स पर मैन पावर की सेवाएं लेने के लिए निविदा आमंत्रण करने पर सभापति तोमर ने निविदा बुलाई जाने की स्वीकृति प्रदान की।
महाराज बाड़ा (विक्टोरिया मार्केट) जियो साइंस म्यूजियम की नवीन प्रस्तावित टिकट दरें पुनरीक्षित करने के लिए निगमायुक्त का प्रतिवेदन पर चर्चा प्रस्ताव को स्वीकृति प्रदान की, जिसमें व्यस्क सैलानी 40 रुपए, स्कूली विद्यार्थी 20 रुपए, विदेशी सैलानी 450 रुपए और 10 वर्ष तक के बच्चे नि:शुल्क रहेंगे।
सागरताल स्थित निगम स्वामित्व की भूमि पर व्यवसायिक/आवासीय भूखंड परिसर के निर्माण के लिए निविदा आमंत्रण की स्वीकृति प्रस्ताव को स्वीकृत किया और निर्देशित किया कि निविदा आने के बाद सक्षम स्वीकृति के लिए प्रकरण निगम परिषद की ओर पुनः भेजा जाए।
बजट वर्ष 2025-26 के कार्यशाला बजट लेखा शीर्ष में राशि पुर्नविनियोजन किए जाने के संबंध में मूल नस्ति सदन को उपलब्ध कराई जाए तब तक उक्त बिंदु स्थगित रखा जाए।
नगर निगम के विभिन्न क्षेत्रीय कार्यालय एवं विभागों में आउटसोर्स पर अकुशल सफाई श्रमिक पूर्व से स्वीकृत संख्या 1379 और नवीन 321 अकुशल सफाई श्रमिकों को शामिल कर कुल 1700 सफाई श्रमिक उपलब्ध कराए जाने के लिए नवीन निविदा आमंत्रित किए जाने की स्वीकृति पर 1700 श्रमिकों उपलब्ध कराए जाने की निविदा स्वीकृति प्रदान की गई।
सिटी सेंटर सालासर मॉल के पीछे स्थित मल्टीलेवल पार्किंग के ब्लॉक- मल्टीलेवल पार्किंग का संचालन और रखरखाव, शीर्ष वाणिज्यिक गतिविधि अन्तर्गत इच्छा की अभिव्यक्ति (EOI) के माध्यम से ई-निविदा आमंत्रण किए जाने की स्वीकृति एवं सिटी सेंटर सालासर मॉल के पीछे स्थित मल्टीलेवल पार्किंग के ब्लॉक-बी मल्टीलेवल पार्किंग का संचालन और रखरखाव, शीर्ष वाणिज्यिक गतिविधि अंतर्गत इच्छा की अभिव्यक्ति (EOI) के माध्यम से ई-निविदा आमंत्रण किए जाने की स्वीकृति पर निर्देशित किया कि नेता प्रतिपक्ष के नेतृत्व में 3 दिन में स्थल निरीक्षण किया जाएगा, उसके बाद निर्णय लिया जाएगा, तब तक बिंदु को स्थगित किया गया।
ग्वाला नगर स्थित आरक्षित 5.088 हैक्टेयर भूमि के भाग में 1 हेक्टेयर भूमि श्वान आश्रय स्थल के लिए उपयोग परिवर्तन किए जाने के संबंध में प्रस्ताव को स्वीकृत किया।

 

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MP-राजस्थान में आंधी-बारिश का अलर्ट

भोपाल. मानसून 6 दिन में 16 राज्यों तक पहुंच गया है। मंगलवार को मानसून ने पश्चिम बंगाल में एंट्री की। फिलहाल यह मुंबई से करीब 150 किमी दूर है और अगले 48 घंटे में शहर में दस्तक दे सकता है। वहीं अगले सप्ताह तक यह गुजरात, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ, पश्चिम बंगाल और ओडिशा तक पहुंच सकता है। मानसूनी हवाओं के असर से कई मैदानी राज्यों में गर्मी कम हुई है साथ ही प्री-मानसून के कारण कई जगह 50 से 60 किमी की रफ्तार से आंधी और तेज बारिश हो रही है। उत्तर प्रदेश के उन्नाव में मंगलवार को आंधी से कई जगह पेड उखड गए। जानकारी के अनुसार केरल और कर्नाटक में पिछले 4 दिनों से लगातार बारिश जारी है। मंगलवार को बंेगलुरू और बेलगावी में भारी बारिश के बाद कई सडकों पर पानी भर गया। कुछ जगहों पर गाडियां पानी में बहती नजर आई। इधर सोमवार को श्रीगंगानगर का अधिकतम तापमान 45.6 डिग्री दर्ज किया गया।


अगले दो दिन के मौसम का हाल
10 जनू-
बिहार, झारखंड, ओडिशा, पश्चिम बंगाल और पूर्वोत्तर के राज्यों में बारिश के साथ आंधी-तूफान का अनुमान है।
असम, मेघायल, अरूणाचल प्रदेश, नगालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में कहीं-कहीं भारी बारिश हो सकती है।
केरलम, कर्नाटक, तमिलनाडु, तेलंगाना और आंध्र प्रदेश में बारिश होगी। मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ में 40 से 60 किमी की रफ्तार से हवाएं चल सकती है।
11 जून-
दिल्ली, हरियाणा, पंजाब, राजस्थान और उत्तर प्रदेश में आंधी-तूफान के साथ बारिश की संभावना है। इस दौरान 50-70 किमी की रफ्तार से हवा चलेगी।
हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और जम्मू-कश्मीर में बारिश के साथ ओले गिर सकते है।
बिहार, झारखंड, ओडिशा, पश्चिम बंगाल और सिक्किम के कुछ इलाकों में भारी बारिश का अनुमान है।
केरलम, कर्नाटक और पूर्वोत्तर के राज्यों में भारी बारिश का दौर जारी रह सकता है।

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ग्वालियर में ब्लैक में आसानी से नहीं मिल रहा सिलेंडर, न एजेंसियां दे रही नया कनेक्शन

ग्वालियर. अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते युद्ध के बाद उपजे वैश्विक हालातों का असर अब शहर की रसोई तक पहुंच गया है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में आए उछाल के कारण एलपीजी गैस के दाम आसमान छू रहे हैं। संकट इतना बढ़ गया है कि अब वैध कनेक्शन धारकों को भी सिलेंडर के लिए लंबा इंतजार करना पड़ रहा है और बुकिंग नंबर के आधार पर ही आपूर्ति की जा रही है। इस व्यवस्था ने उन उपभोक्ताओं की कमर तोड़ दी है, जो अब तक बिना वैध कनेक्शन के ‘जुगाड़’ या बिना नंबर के सिलेंडर ले रहे थे। वर्तमान परिस्थितियों में बिना कनेक्शन वाले उपभोक्ताओं के लिए रसोई गैस पाना नामुमकिन सा हो गया है। नया कनेक्शन लेने के लिए जब लोग गैस एजेंसियों के चक्कर काट रहे हैं, तो वहां उन्हें सिर्फ निराशा हाथ लग रही है। एजेंसियों पर नए कनेक्शन देने का काम लगभग ठप है। उपभोक्ताओं का आरोप है कि कतारों में खड़े होने के बावजूद एजेंसी संचालक उनके दस्तावेज (डॉक्यूमेंट्स) तक जमा नहीं कर रहे हैं। कनेक्शन के खाद्य विभाग के पास शिकायत करने लगे हैं।
30 तक ई-केवाईसी नहीं कराई तो बंद हो जाएगी गैस
एक तरफ जहां नए कनेक्शन के लिए मारामारी चल रही है, वहीं दूसरी तरफ सरकार ने घरेलू गैस सिलेंडर के दुरुपयोग और कालाबाजारी को रोकने के लिए ई-केवाईसी अनिवार्य कर दी है। सभी उपभोक्ताओं को आगामी 30 जून तक हर हाल में अपनी ई-केवाईसी प्रक्रिया पूरी करानी होगी। अगर एक ही परिवार या एक नाम पर दो गैस कनेक्शन संचालित पाए जाते हैं, तो जांच के बाद एक कनेक्शन को तुरंत ब्लॉक (बंद) कर दिया जाएगा।

 

 

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LoC पार भारतीय सीमा में घुसा पाकिस्तानी ड्रोन, फायरिंग के बाद वापस लौटा

जम्मू कश्मीर. जम्मू-कश्मीर के पुंछ जिले में नियंत्रण रेखा पर देर रात एक पाकिस्तानी ड्रोन भारतीय सीमा में घुस आया। भारतीय सेना ने तुरंत कार्रवाई करते हुए ड्रोन पर फायरिंग की, जिसके बाद वह वापस पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर की ओर लौट गया। अधिकारियों ने इस घटना की जानकारी दी। यह घटना पुंछ जिले के मेंढर सेक्टर के बालाकोट इलाके में हुई थी। यहां भारतीय सेना की सीमा चौकियों के ऊपर एक पाकिस्तानी ड्रोन देखा गया। ड्रोन कुछ देर तक भारतीय क्षेत्र में उड़ता रहा, जिसके बाद सुरक्षा बल सतर्क हो गए और तुरंत कार्रवाई शुरू कर दी।
देर रात चौकियों के ऊपर संदिग्ध ड्रोन को उड़ते हुए देखा
अधिकारियों के अनुसार, रात में सेना के जवानों ने बालाकोट क्षेत्र में कुछ चौकियों के ऊपर एक संदिग्ध ड्रोन को उड़ते हुए देखा। ड्रोन की पहचान पाकिस्तानी ड्रोन के रूप में की गई, जिसके बाद तत्काल सुरक्षा प्रोटोकॉल लागू किए गए। सेना ने स्थिति का आकलन करने के बाद ड्रोन को निशाना बनाते हुए फायरिंग शुरू कर दी।
सेना ने चलाईं 9 गोलियां
रिपोर्ट्स के मुताबिक, भारतीय सेना के जवानों ने ड्रोन को मार गिराने के लिए करीब नौ राउंड फायर किए। हालांकि ड्रोन काफी ऊंचाई पर उड़ रहा था जिसके कारण उसे निशाना बनाना संभव नहीं हो सका। फायरिंग के बाद ड्रोन कुछ समय तक इलाके में मंडराता रहा और फिर वापस पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर की तरफ लौट गया।

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ग्वालियर में शराब पीकर रोज पीटता था पिता, 5 मासूम भाई-बहन घर छोड़ भागे

ग्वालियर. शराबी पिता की रोजाना मारपीट और प्रताड़ना से तंग आकर पांच मासूम भाई-बहन मंगलवार सुबह घर से भाग निकले। बच्चे पैदल चलते हुए आरोन से घाटीगांव क्षेत्र के पास आगरा-मुंबई राष्ट्रीय राजमार्ग तक पहुंच गए। तेज धूप में नंगे पैर और घबराई हुई हालत में भटक रहे बच्चों को घाटीगांव पुलिस ने सुरक्षित रेस्क्यू कर लिया। पुलिस थाने में बच्चों ने बताया कि उनकी मां का करीब पांच वर्ष पहले निधन हो चुका है। इसके बाद से उनका पिता शराब के नशे में अक्सर उनके साथ मारपीट करता है। बच्चों का कहना था कि लगातार हो रही प्रताड़ना से परेशान होकर उन्होंने घर छोड़ने का फैसला किया। पांचों बच्चों में सबसे बड़ा बेटा 12 वर्ष का है, जबकि सबसे छोटी बच्ची की उम्र मात्र 6 वर्ष है।

बच्चों को अपने हाथों से चप्पल पहनाते हुए घाटीगांव थाना प्रभारी  पूरन शर्मा। - Dainik Bhaskar
पुलिस ने बच्चों के परिजनों से संपर्क किया
हाईवे पर नंगे पैर घूमते बच्चों को देखकर घाटीगांव थाना प्रभारी पूरन शर्मा और पुलिस मोबाइल टीम को संदेह हुआ। उन्होंने तुरंत वाहन रोककर बच्चों से बातचीत की और उन्हें सुरक्षा के साथ थाने लेकर पहुंचे। थाने में सबसे पहले बच्चों को भोजन कराया गया। उनके पैरों की स्थिति देखकर पुलिस ने उन्हें नए जूते-चप्पल भी उपलब्ध कराए। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने बच्चों के परिजनों की जानकारी जुटाई और दादा-दादी से संपर्क किया।
चाचा को देखरेख सौंपी
फिलहाल पांचों बच्चों को उनके चाचा की देखरेख में रखा गया है। थाना प्रभारी पूरन शर्मा ने बताया कि बच्चों के परिजनों के आने और आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही उन्हें परिवार के सुपुर्द किया जाएगा। उन्होंने कहा कि समय रहते पुलिस की नजर बच्चों पर पड़ गई, अन्यथा उनके साथ कोई अप्रिय घटना भी हो सकती थी।

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जीवाजी विश्वविद्यालय में सहायक कुलसचिव कुलदीप चौहान पर वित्तीय अनियमितता के आरोप, कार्यालय के बाहर लिखे गए सवाल

ग्वालियर। जीवाजी विश्वविद्यालय एक बार फिर विवादों के केंद्र में आ गया है। इस बार मामला विश्वविद्यालय के सहायक कुलसचिव कुलदीप चौहान से जुड़ा हुआ है, जिन पर वित्तीय अनियमितता के गंभीर आरोप लगाए जा रहे हैं। आरोपों के बीच विश्वविद्यालय परिसर में विरोध का अनोखा तरीका भी देखने को मिला, जब एनएसयूआई से जुड़े छात्र नेता राजवंश द्वारा विश्वविद्यालय की दीवारों पर “कुलदीप भ्रष्ट है” जैसे नारे लिखे गए। इसके अलावा सहायक कुलसचिव के कार्यालय के बाहर काली स्याही से कथित रूप से एक चिकित्सा बिल की राशि भी लिख दी गई, जिससे पूरे मामले ने नया मोड़ ले लिया है।
जानकारी के अनुसार विवाद का केंद्र एक चिकित्सा प्रतिपूर्ति (मेडिकल रीइम्बर्समेंट) बिल है। आरोप लगाया जा रहा है कि सहायक कुलसचिव कुलदीप चौहान ने अपनी पत्नी के इलाज के नाम पर लगभग **61,750 रुपये** की राशि नियमों के विपरीत तरीके से प्राप्त की। हालांकि इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि अभी तक नहीं हुई है और विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से भी इस संबंध में कोई विस्तृत सार्वजनिक स्पष्टीकरण सामने नहीं आया है।
विश्वविद्यालय परिसर में पिछले कुछ दिनों से इस मामले को लेकर चर्चाओं का दौर जारी है। छात्र संगठनों का आरोप है कि यदि चिकित्सा प्रतिपूर्ति की प्रक्रिया में किसी प्रकार की अनियमितता हुई है तो इसकी निष्पक्ष जांच कराई जानी चाहिए। वहीं विरोध कर रहे छात्रों का कहना है कि विश्वविद्यालय में वित्तीय पारदर्शिता सुनिश्चित करना प्रशासन की जिम्मेदारी है और किसी भी अधिकारी पर लगे आरोपों की जांच आवश्यक है।
विवाद उस समय और गहरा गया जब सहायक कुलसचिव के कार्यालय के बाहर काली स्याही से कथित बिल राशि “61,750 रुपये” लिख दी गई। परिसर में यह घटना चर्चा का विषय बनी हुई है। विश्वविद्यालय प्रशासन ने इस कृत्य को अनुशासनहीनता बताते हुए संबंधित लोगों के खिलाफ कार्रवाई की संभावना से भी इनकार नहीं किया है।
छात्र नेता राजवंश का कहना है कि विश्वविद्यालय में वित्तीय मामलों को लेकर कई सवाल लंबे समय से उठते रहे हैं और यदि किसी अधिकारी पर आरोप लगते हैं तो उनकी निष्पक्ष जांच होना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि विश्वविद्यालय प्रशासन कई मामलों में पारदर्शिता बरतने में विफल रहा है।
दूसरी ओर विश्वविद्यालय के कुछ अधिकारियों का कहना है कि किसी भी व्यक्ति को जांच पूरी होने से पहले दोषी ठहराना उचित नहीं है। उनका कहना है कि यदि किसी को किसी भुगतान या बिल के संबंध में आपत्ति है तो उसे सक्षम प्राधिकारी के समक्ष दस्तावेजों के साथ शिकायत प्रस्तुत करनी चाहिए।
फिलहाल पूरे मामले में सबसे महत्वपूर्ण प्रश्न यह है कि क्या चिकित्सा प्रतिपूर्ति का भुगतान विश्वविद्यालय के निर्धारित नियमों के अनुरूप किया गया था या नहीं। यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो यह मामला प्रशासनिक और वित्तीय जवाबदेही से जुड़ा बड़ा मुद्दा बन सकता है। वहीं यदि आरोप निराधार साबित होते हैं तो इससे विश्वविद्यालय के अधिकारियों की छवि को नुकसान पहुंचाने की कोशिश के रूप में भी देखा जा सकता है।
अब सभी की निगाहें विश्वविद्यालय प्रशासन और जांच एजेंसियों की संभावित कार्रवाई पर टिकी हुई हैं। छात्र संगठनों ने मामले की स्वतंत्र जांच कराने और जांच रिपोर्ट सार्वजनिक करने की मांग की है, ताकि विवाद पर पूरी तरह से विराम लग सके और विश्वविद्यालय की साख बनी रहे।

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होर्मुज के सहारे कब तक 30 वर्षो से अटका था पाइपलाइन बिछाने का कार्य, गुजरात-ओमान के बीच भारत बिछायेगा पाइपलाईन

नई दिल्ली. वेस्ट एशिया में चल रहे तनाव के बीच एनर्जी संकट ने दुनिया को सतर्क कर दिया है। खासकर भारत जैसे देश, जो मिडिल ईस्ट से सप्लाई रूकने के बाद सबसे अधिक प्रभावित हुई है। ऐसे में भारत तेजी से अपने एनर्जी सप्लाई को निर्बाध करने में जुटा है। भारत ने ओमान से गुजरात केबीच एक लम्बी पाइपलाइन बिछाने के प्रोजेक्ट का ऐलान कर दिया है। यह अरब सागर के पास करीब 2 हजार किमी लम्बी एक गहरे समुद्र में बिछाई जाने वाली गैस पाइपलाइन होगी।
यह ओमान और गुजरात को जोड़ने की लम्बे समय से चर्चित योजना है। क्योंकि भारत तेजी अनिश्चिम भू राजनैतिक तनाव के बीच ज्यादा विश्वसनीय ऊर्जा आपूर्ति सुनिश्चित करने का प्रयास कर रहा है। पिछले 3 दशकों में इस परियोजना की कई बार समीक्षा की गयी है। लेकिन उच्च लागत, तकनीकी बाधाओं और व्यायसायिक परेशानियों की वजह से यह योजना आगे नहीं बढ़ पायी है। अब इस प्रस्ताव को सपोर्ट करने वाले प्रायवेट ग्रुप एसएजीई द्वारा मार्ग और इसकी इंजीनियरिंग चुनौतियों का वैल्यूवेशन करने के लिये समुद्र तल सर्वे के साथ-साथ तकनीकी और वित्तीय अध्ययन पूरा करने के बाद इस परियोजना का नयी गति मिली है।
कैसी दिखेगी ये पाइपलाइन?
प्रस्‍तावित प्रोजेक्‍ट, अरब सागर में फैले एक पानी के नीचे के नेटवर्क के माध्‍यम से ओमान को सीधे गुजरात से जोड़ेगी. इसकी सबसे खास बात, इसकी गहराई है। मार्ग का कुछ हिस्सा समुद्र तल से 3,000 मीटर से अधिक नीचे होने की संभावना है, जिससे यह अब तक प्रस्तावित सबसे गहरी समुद्री पाइपलाइन परियोजनाओं में से एक बन जाएगी । इतनी गहराई ज्‍यादातर अपतटीय ऊर्जा परियोजनाओं में पाई जाने वाली गहराइयों से कहीं अधिक है और इसके लिए अत्यधिक विशेष इंजीनियरिंग समाधानों की आवश्यकता होगी।
गैस आने में कितना होगा खर्च?
इस पाइपलाइन के माध्यम से दीर्घकालिक आपूर्ति समझौतों के तहत प्राकृतिक गैस का परिवहन होने की उम्मीद है, जिससे संभावित रूप से भारत को अपने ऊर्जा सोर्स में विविधता लाने में मदद मिलेगी।  साथ ही ओमान को एक स्थिर निर्यात बाजार भी मिलेगा. परियोजना प्रस्तावों के अनुसार, परिवहन लागत 2-2.25 डॉलर प्रति MMBTU के बीच हो सकती है. हालांकि अंतिम लागत फंडिंग व्यवस्था, निर्माण व्यय और भविष्य में गैस की कीमतों पर निर्भर करेगी।

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मीनाक्षी नटराजन का नामांकन रद्द, न्यायालय की जानकारी छिपाने पर हुई कार्यवाही

भोपाल. राज्यसभा चुनाव में MP कांग्रेस को बड़ा झटका लगा है। रिटर्निंग ऑफिसर ने मामले में दोनों पक्षों को सुनने के बाद कांग्रेस उम्मीदवार मीनाक्षी नटराजन का नामांकन पत्र निरस्त करने का फैसला सुनाया। राज्यसभा चुनाव के लिये कांग्रेस उम्मीदवार मीनाक्षी नटराजन के नामांकन पत्र पर BJP  ने आपत्ति दर्ज कराई है। बीजेपी ने रिटर्निंग अधिकारी के समक्ष शिकायत करते हुए आरोप लगाया है कि मीनाक्षी नटराजन ने अपने नामांकन फार्म में तेलंगाना की एक न्यायालय में चल रहे मामले की जानकारी छिपाई है। बीजेपी ने माग की है कि उनका नामांकन पत्र निरस्त किया जाये। इस मामले में को लेकर विधानसभा परिसर में राजनीतिक हलचल तेज हो गयी है। रिटर्निंग अधिकारी के कक्ष में कांग्रेस-बीजेपी दोनों दलों के वरिष्ठ नेता मौजूद रहे। यहां हंगामा हो रहा है।
विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने बीजेपी की आपत्ति निराधार बताया है। उन्होंने कहा है कि मीनाक्षी नटराजन के खिलाफ कोई आपराधिक मामला दर्ज नहीं है। बल्कि उन्हें केवल न्यायालय से नोटिस मिला है। हेमंत कटारे और विक्रांत भूरिया के पहुंचने के बाद रिटर्निंग अधिकारी के कक्ष में जाने को लेकर एक बार हंगामा हो गया। नारेबाजी और शोर शराबे के बीच विधायकों ने रिटर्निंग अधिकारी के कक्ष में जाने का प्रयास किया है। जिसे पुलिस और विधानसभा के सुरक्षाकर्मियों ने रोक दिया।
अनावश्यक आपत्ति-उमंग सिंघार
कांग्रेस नेता उमंग सिंघार ने कहा है कि चुनाव आयोग के नियमों के मुताबिक केवल दर्ज मामलों की जानकारी नामांकन पत्र में देना जरूरी होता है। नोटिस मिलने की स्थिति में जानकारी देना आवश्यक नहीं है। उन्होंने कहा है कि बीजेपी ने राजनीतिक उद्देश्य से अनावश्यक आपत्ति लगाई है। जिसका जवाब मीनाक्षी नटराजन के वकी लों ने रिटर्निंग अधिकारी के समक्ष प्रस्तुत कर दिया है। अब अंतिम फैसला रिटर्निंग अधिकारी का होगा।
कांग्रेस नेताओं और सुरक्षा कर्मियों के बीच धक्का-मुक्की
इस बीच दिग्विजय सिंह, जीतू पटवारी, उमंग सिंघार और कांग्रेस के लीगल प्रभारी जेपी धनोपिया सहित कई कांग्रेस नेता रिटर्निंग अफसर अरविंद शर्मा के कक्ष में मौजूद रहे। कुछ देर बाद मीनाक्षी नटराजन भी वहां पहुंच गईं। विधानसभा परिसर में रिटर्निंग अफसर कक्ष में प्रवेश को लेकर कांग्रेस नेताओं और सुरक्षा कर्मियों के बीच जमकर धक्का-मुक्की और बहस हुई। इस दौरान परिसर में शोर-शराबे का माहौल बन गया।

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दिल्ली और एनसीआर से अभी दूर है मानसून, मौसम विभाग ने जारी किया वर्षा का अलर्ट

IMD Rain Alert, weather forecast Today 9 June 2026 (File Photo- PTI)

नई दिल्ली. राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली और आसपास के इलाकों (एनसीआर) में इन दिनों भीषण गर्मी पड़ रही हैं लोग उमस और तेज धूप से परेशान है। इस दौरान भारतीय मौसम विभाग (आईएमडी) ने राहत की खबर दी है। मौसम विभाग ने हल्की वर्षा और गरज के साथ छींटे पड़ने की संभावना जताई जा रही है। आईएमडी ने वर्षा को लेकर येलो अलर्ट जारी किया है। हालांकि असली मानसून अभी दिल्ली-एनसीआर से काफी दूर है।
मानसून दिल्ली में कब आयेगा
आईएमडी के अनुसार दक्षिण-पश्चिम मानसून 4 जून 2026 को केरल में दस्तक दे चुका है। लेकिन उत्तर भारत पहुंचने में अभी समय लगेगा। दिल्ली, नोएडा, गुरूग्राम, फरीदाबाद और गाजियाबाद में मानसून की एंट्री 25-30 जून के बीच होने की संभावना है। ऐसे में दिल्ली-एनसीआर में मानसून के लिये अभी करीब 15-20 दिन का इंतजार करना होगा।
IMD issues yellow alert for Delhi
तापमान की बात करें को दिल्ली में दिन का तापमान 38-42 डिग्री के आसपास रह सकता है। वहीं, न्यूनतम तापमान भी 29-30 डिग्री सेल्सियस तक रहने की संभावना है। उमस भरी गर्मी के बीच बारिश से हल्की राहत मिल सकती है।  IMD ने दिल्ली-NCR के लिए येलो अलर्ट जारी किया है। मौसम एक्सपर्ट्स के मुताबिक, यह बारिश प्री-मॉनसून गतिविधि है, जो पश्चिमी विक्षोभ यानी वेस्टर्न डिस्टर्बेंस और स्थानीय हवाओं के कारण हो रही है।  इससे गर्मी और उमस से थोड़ी राहत मिलेगी, लेकिन यह मॉनसून नहीं है।
मॉनसून में क्यों हो रही है देरी?
वैज्ञानिकों के अनुसार, अल-नीनो जैसे मौसम पैटर्न के कारण इस साल मॉनसून कमजोर रह सकता है।  जून महीने में देश के कई हिस्सों में औसत से कम बारिश होने की संभावना है।  उत्तर भारत में गर्मी लंबे समय तक बनी रह सकती है।

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पुलिस ने वाहन चोर को पकड़कर उसके कब्जे से 04 मोटर साइकिलें की जप्त

ग्वालियर। – वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक धर्मवीर सिंह के निर्देश पर ग्वालियर जिले में वाहन चोरी की घटनाओं की रोकथाम हेतु कर वाहन चोरों की धरपकड़ हेतु प्रभावी कार्यवाही की जा रही है। अपने-अपने थाना क्षेत्रों में चोरी गये वाहनों की बरामदगी कर चोरों को पकड़ने हेतु मुखबिर तंत्र विकसित करने के निर्देश दिये गये।
रामनगर के पीछे पहाड़िया के पास आदित्यपुरम में एक व्यक्ति चोरी की मोटर साइकिल को बेचने की नीयत से खड़ा है। उक्त सूचना पर पुलिस टीम रामनगर के पीछे पहाड़िया के पास आदित्यपुरम पहुंचे, जहां मुखबिर के बताये हुलिया का एक व्यक्ति बिना नम्बर मोटर साइकिल लिये खड़ा दिखा, जिसने पुलिस को देखकर मोटर साइकिल को स्टार्ट कर भागने का प्रयास किया। पुलिस टीम द्वारा संदिग्ध को घेराबंदी कर धरदबोचा, पूछताछ में उससे नाम पता रामकुमार उर्फ राम शर्मा पुत्र राममौज शर्मा उम्र 28 साल निवासी कुंजविहार फेस 02 पटरी रोड थाना गोले का मंदिर ग्वालियर का होना बताया।
बरामद चोरी गये वाहन
चोरी की एचएफ डीलक्स मोटर साइकिल एमपी07-एनएन-8894, पैशन प्लस मोटर साइकिल एमपी07-केएच-1761, स्प्लेण्डर मोटर साइकिल एमपी30-एमके-4152 तथा स्प्लेण्डर मोटर साइकिल एमपी07-एमटी-0197 को जप्त किया गया। थाना प्रभारी महाराजपुरा TI यशवंत गोयल, SI राजीव सोलंकी, की सराहनीय भूमिका रही।

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