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गुना में स्कॉर्पियों 1 नहीं 4 करोड़ रूपये थे, 2 करोड़ पुलिस ने थे, पुलिस व्यापारी को लाये चौकी प्रभारी ने डील की, 4 पुलिसकर्मियों की भूमिका संदिग्ध मिली


गुना. हवाला काण्ड में गाड़ी से 1 करोड़ रूपये मिले और इनमें से 20 लाख रूपये लेकर पुलिस ने आरोपियों को छो़ दिया था। पुलिस ने पूरे खेल की यही कहानी बताई थी। लेकिन सच्चाई कुछ और है। इस पूरे मामले की जांच-पड़ताल की तो पता चला है कि गाड़ी में 4 करोड़ रूपये थे। और पुलिस ने इनमें से 2 करोड़ रूपये अपने पास रख लिये थे, इसकी प्रॉपर डील और सभी पुलिसकर्मियों की भूमिका अलग-अलग थी।

पुलिसकर्मियों ने गुजरात की इसी कार को 19 मार्च 2026 को रोका था।
एएसआई हवाला व्यापारी को गाड़ी से लेकर आया। रूपये की डल थाना प्रभारी ने की थी। इस पूरे काण्ड में एसपी कार्यालय और निवास पर इसमें शामिल पुलिसकर्मियों की लोकेशन मिली है और इतना ही नहीं, व्यापारी भी वहां मौजूद था। पुलिस की इंटरनल जांच रिपोर्ट से यह खुलासा हुआ है। मार्च में हुए हवालाकाण्ड की जांच रिपोर्ट ग्वालियर आईजी की टेबिल तक पहुंच चुूकी है। आईजी अरविंद सक्सैना के निर्देश पर गुना एसपी ने चारों पुलिसकर्मियों को चार्जशीट जारी कर दी है। अब इस मामले में विभागीय जांच के बाद ही आगे कार्यवाही की जायेगी।
क्या है घटनाक्रम
19 मार्च 2026 की रात रूठियाई चौकी, नेशनल हाइवे-46 पर पुलिस ने गुजरात पासिंग गाड़ी को रोका था और ऐसा दावा किया गया कि सर्चिंग के दौरान कार में 1 करोड़ रूपये मिले थे। इनमें से पुलिस को 20 लाख रूपये लेकर गाड़ी को छोड़ दिया था। अगले दिन गुजरात से एक आईपीएस का कॉल आया तो पुलिस ने वह रूपये भी लौटा दिये। 20 मार्च को गाड़ी वापिस लेने गुना आये और 5 घंटे तक यही रहें। 22 मार्च को ग्वालियर डीआईजी अमित सांघी गुना पहुंचे और उन्होंने शुरूआत में 4 पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया। इसके बाद गुना एसपी अंकित सोनी को भी हटा दिया गया। मामले की जांच आईपीएस आयुष जाखड़ को सौंपी गयी। 25 दिनों तक चली जांच के बाद आईजी अरविंद सक्सैना को यह रिपोर्ट सौंप दी गयी है। रिपोर्ट में पुलिसकर्मियों, व्यापारियों और इससे जुड़े लोगों के बयान भी दर्ज किये हैं। रिपोर्ट में निलंबित 4 पुलिसकर्मियों की भूमिका भी संदिग्ध मिली है।
व्यापारियों ने मानी एसपी से मुलाकात की बात
गुजरात के व्यापारी ने अपने बयानों में एसपी से मुलाकात की बात स्वीकार की थी। सूरत के मसाला व्यापारी दक्षित पटेल ने बताया था कि उनके पास केवल 9.50 लाख रुपए थे, जो गुजरात से दिल्ली भेजे थे, लेकिन जब दिल्ली में दूसरा व्यापारी नहीं मिला तो उनका ड्राइवर स्कॉर्पियो गाड़ी नंबर GJ05 RK 9351 से पैसे वापस लेकर इंदौर लौट रहा था। इसी बीच गुना की रुठियाई पुलिस चौकी के पास स्थित टोल नाके पर पुलिस ने चैकिंग में गाड़ी रोक ली। जब हमने बताया कि हमारा पैसा एक नंबर का है तो हमें जाने दिया। हमने इंदौर पहुंचकर देखा तो बैग में 8.50 लाख रुपए थे। पैसे गिनने में गलती हो गई थी, इसलिए वापस गुना पहुंचकर एसपी अंकित सोनी से मुलाकात की और एक लाख रुपए गायब होने के बारे में बताया।
एसपी साहब ने कहा कि लिखित शिकायत कर दो, जांच करवाते हैं। हमने कहा कि एक बार दोबारा रुठियाई थाने में जाकर देखते हैं, कहीं पैसा किसी ने निकाला तो नहीं। रुठियाई थाने पहुंचकर पता किया तो पुलिस की कोई गलती नहीं थी, बल्कि बैग में शुरू से ही एक लाख रुपए कम थे। हमने किसी भी तरह की शिकायत नहीं की और वहां से वापस आ गए।

 

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राज्यसभा की तीसरी सीट पर कमलनाथ को लड़ा सकती है कांग्रेस

भोपाल. मध्य प्रदेश से राज्यसभा की तीसरी सीट को लेकर कांग्रेस में गहन मंथन चल रहा है। आंकडे के हिसाब से पार्टी भले ही मजबूत हो लेकिन परिस्थितियां कुछ ओर ही बता ही है। ऐसे में दिल्ली दरबार कोई भी रिस्क लेने के मूड में नहीं है। उन्हें समझ आ रहा है कि कमलनाथ ही है जो कि सीट जीत कर दे सकते है। हालांकि राहुल गांधी की पहली पसंद मीनाक्षी नटराजन को ही बताया जा रहा है तो दिग्विजय सिंह चाहते है कि पीसी शर्मा को मौका दिया जाए।
तीसरी सीट के लिए 58 वोट चाहिए
प्रदेश से राज्यसभा की तीन सीटें खाली हो रही है जिसके चुनाव होना है। विधायकों की संख्या के हिसाब से दो पर भाजपा की एक तरफा जीत होनी है तो तीसरी सीट के लिए 58 वोट चाहिए और कांग्रेस के पास कुल 66 वोट थे लेकिन विधायक मुकेश मल्होत्रा को वोटिंग का अधिकार नहीं है तो दतिया विधायक राजेंद्र भारती भी संकट में है।
गहन मंथन जारी
इसके अलावा निर्मला सप्रे का वोट भी नहीं मिलेगा। इस गणित से 63 वोट ही बच रहे है जिससे रिस्क फेक्टर बडा हो गया। वहीं हरियाणा में क्रॉस वोटिंग कराके भाजपा खेल कर चुकी है। इन सभी परिस्थितियों को देखते हुए कांग्रेस में प्रत्याशी को लेकर गहन मंथन चल रहा है। कांग्रेस सुप्रीमो व लोकसभा नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी की पहली पसंद मीनाक्षी नटराजन है जो मध्य प्रदेश के मंदसौर से सांसद भी रह चुकी है और वर्तमान में मैनेजमेंट संभाल रही है।

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ग्वालियर से 4 मई से बढ़ेंगी फ्लाइट्स, अब सप्ताह में 6 दिन फ्लाइट दिल्ली के लिए

ग्वालियर. यात्रियों के लिए राहतभरी खबर है। शहर की एयर कनेक्टिविटी अब और मजबूत होने जा रही है। 4 मई से अकासा एयर नई फ्लाइट सेवा शुरू होगी जिसके बाद ग्वालियर से दिल्ली के लिए उडानों की संख्या बढकर सप्ताह में 6 दिन हो जाएगी। अब तक इंडिगो की फ्लाइट्स मंगलवार, गुरूवार और शनिवार को संचालित हो रही थी। नई व्यवस्था के तहत अकासा एयर सोमवार, बुधवार और शुक्रवार को उडान भरेगी। इससे यात्रियों को लगभग पूरे सप्ताह फ्लाइट सुविधा मिल सकेगी।
व्यापारियों, छात्रों और नौकरीपेशा लोगों को बडा फायदा होगा
दिल्ली पहुंचने के बाद यात्रियों को बेंगलुरू, कोलकाता, हैदराबाद और मुंबई जैसे बडे शहरों के लिए बेहतर कनेक्टिविटी मिलेगी। इससे व्यापारियों, छात्रों और नौकरीपेशा लोगों को बडा फायदा होगा। टर्मिनल डायरेक्टर लोकेंद्र कुमार यादव के अनुसार दिल्ली के लिए 6 दिन फ्लाइट सेवा शुरू होने से यात्रियों को सुविधा मिलेगी और अनय शहरों के लिए कलेक्टिविटी भी आसान होगी।
बिजनेस व डे-ट्रैवल यात्रियों के लिए सुविधाजनक मानी जा रही
नई फ्लाइट राजमाता विजयाराजे सिंधिया टर्मिनल पर सुबह 10.40 बजे पहुंचेगी और 11.50 बजे दिल्ली के लिए रवाना होगी। यह टाइमिंग खासतौर पर बिजनेस और डे-ट्रैवल करने वाले यात्रियों के लिए काफी सुविधाजनक मानी जा रही है।

 

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प्रॉपर्टी व्यापारी से हैवानियत करने वालों पर 10-10 रूपये का इनाम का ऐलान, गैंगस्टर के भाई सहित 4 आरोपी फरार

ग्वालियर. प्रॉपर्टी व्यापारी के साथ बर्बरता करने वाले 4 आरोपियों पर पुलिस ने 10-10 हजार रूपये का इनाम घोषित किया है। घटना के बाद से सभी आरोपी फरार चल रहे है। पुलिस लगातार उनकी तलाश में संभावित ठिकानों पर दविश दे रही है। आरोपियों ने व्यापारी को बंधक बनाकर न सिर्फ मारपीट की बल्कि मुंह में रिवाल्वर अड़ाकर दहशत फैलाई और जबरन अश्लील कृत्य भी किया है।

आरोपी गौरव और इंद्रपाल तोमर का फाइल फोटो
इस घटना में शामिल ओमकार उर्फ भूरे सिकरबार, इंद्रपालसिंह तोमर, जितेन्द्र सिकरबार और गौरी यादव के खिलाफ सोमवार को अलग-अलग धाराओं में मामला दर्ज किया गया है। इनमें से एक आरोपी गैंगवार में मारे गये कुख्यात गैंगस्टर पंकज सिकरबार का भाई है। एसएसपी ने साफ कहा है कि आरोपियों का जल्द गिरफ्तार किया जायेगा। शहर में इस घटना ने कानून -व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिये है। वहीं पुलिस के लिये अब आरोपियों की गिरफ्तारी प्रतिष्ठा का सवाल बन गयी है। घटना 15 अप्रैल की शाम 5.30 -9.30 बजे के बीच हुई थी।
ठेकेदार को लेनदेन की चर्चा करने के लिये बुलाया था
गोला का मंदिर इलाके के निवासी 48 वर्षीय युवक कंस्ट्रक्शन कम्पनी का संचालन करता है। प्रॉपर्टी की खरीद-फरोख्त करता है। ऐसा उसने बताया है कि वह 10 साल से ओमकार सिंह उर्फ भूरे सिकरबार को जानता है। ओमकार उसके एक दोस्त पंकज सिकरबार का छोटा भाई है। पंकज गेंगस्टर था और वह 10 जुलाई 2019 को शूटर्स ने उसकी गोली मारकर हत्या कर दी थी। ओमकार सिंह उर्फ भूरे सिकरबार ने 15 अप्रैल को ठेकेदार सोनू राठौर से चल रहे लेन-देन पर चर्चा के लिये बुलाया था। वह ओमकार के पीताम्बरा धर्मकांटा पहुंचा और कुछ ही देर बाद ओमकार सिंह और गौरी यादव आये उसे ऑफिस ले गये।
क्या है मामला
ऑफिस में ओमकार के आधा दर्जन साथी पहले से बैठे थे। अंदर आते ही गुंडों ने गाली-गलौज कर धमकाया कि अब जिंदा नहीं जाएगा। उन्होंने शराब के लिए पैसे मांगे। पैसे नहीं होने पर QR कोड देकर बेटे से 1500 रुपए का पेमेंट कराया।
पीड़ित ठेकेदार का आरोप है कि ओमकार सिकरवार पिस्टल अड़ाकर उसके के साथ गंदा काम कर रहा था और उसका साथी गौरी यादव मोबाइल से वीडियो बना रहा था। इतना ही नहीं आरोपी ने उससे सोनू राठौर के लिए अपशब्द बुलवाए और उसका वीडियो बनाया। इसके बाद दारु पीने ठेकेदार को फोन कर सोनू को बुलवाने का दवाब बनाया था, लेकिन ठेकेदार ने फोन नहीं लगाया था।
ओमकार सिकरवार, इंद्रपाल सिंह तोमर और जितेंद्र सिकरवार ने पिस्टल अड़ाकर चेक बुक मंगाने को कहा था। नहीं मंगाने पर गोली मारने की धमकी दी थी। जिससे डरकर ठेकेदार ने बेटे को कॉल करके चेक बुक मंगवाई थी, चेक बुक आने पर बदमाशों ने उसे 10-10 लाख रुपए के तीन चेक भरवा कर साइन करा लिए थे। इन तीनों चेकों में दो चेक ठेकेदार के अकाउंट के थे और एक चेक उसकी पत्नी के अकाउंट का था।
पीड़ित ठेकेदार ने पुलिस को बताया कि आरोपियों ने बेटे के सामने उसे पीटा, वीडियो बनवाया और बुलवाया कि चेक उसने अपने लेनदेन के पैसे के दिए हैं। करीब तीन घंटे बंधक रखने के बाद रात नौ बजे उसे छोड़ा था। इसके बाद वह थाने पहुंचा था और शिकायत की थी।

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29 वर्षो पुराना जेसी मिल को जल्द आने वाला है फैसला, हजारों श्रमिकों की देनदारी पर टिकी नजरें, हाईकोर्ट में होगी निर्णायक सुनवाई

ग्वालियर जेसी मिल का विवाद 1997 से लंबित है। - Dainik Bhaskar

ग्वालियर. जेसी मिल से जुड़े हजारों श्रमिकों के लिये राहत भरी खबर है। लगभग 29 साल से लंबित देनदारी और संपत्ति विवाद अब अंतिम चरण में पहुंच गया है। हाईकोर्ट में जल्द ही इस प्रकरण पर निर्णायक सुनवाई होने की संभावना है। बुधवार का जस्टिस जीएस अहलूवालिया के अवकाश पर होने की वजह से ससुनवाई नहीं हो पाई है। तारीख आगे बढ़ा दी गयी है। अब जस्टिस अहलूवालिया की बेंच ही अंतिम बहस सुनकर फैसला सुनायेगी। मध्यप्रदेश हाईकोर्ट ने इस मामले की सुनवाई नियमित बेंच से करने का निर्णय लिया है।
जेसी मिल का 1997 से लंबित है मामला
यह विवाद साल 1987 से लंबित है। इसके चलते न तो मिल की संपत्तियों का पूरी तरह से निपटारा हो पाया है। और न ही श्रमिकों को उनका पूरा भुगतान मिल सका है। बुधवार को मामला जस्टिस मिलिंद रमेश फडके की बैंच में सूचीबद्ध था। लेकिन बैंच ने इसे रेगुलर बेंच के लिये ही निर्धारित रखा है। इस दौरान कई बैंक भी पक्षकर बन चुके है। अपनी देनदारी का दावा कर रहे है।
जमीन और देनदारी का विवाद
जेसी मिल बंद होने के बाद हाईकोर्ट के आदेश पर परिसमापक नियुक्त किया गया था। शासन द्वारा लीज पर दी गई जमीन सरकार को वापस मिल चुकी है, लेकिन मिल की निजी स्वामित्व वाली जमीन अभी भी विवाद में है। सरकार चाहती है कि इस जमीन को नीलाम कर मजदूरों की देनदारी चुकाई जाए। वहीं, मजदूर परिवार वर्षों से अपने हक का इंतजार कर रहे हैं। हाईकोर्ट पहले ही स्पष्ट कर चुका है कि अब इस मामले में अनावश्यक तारीखें नहीं दी जाएंगी। रेगुलर बेंच में सुनवाई शुरू होते ही अंतिम बहस होगी और जल्द फैसला आने की उम्मीद है। मजदूरों को उम्मीद है कि इस लंबे समय से चले आ रहे विवाद का अंत होगा और उनके भुगतान का रास्ता साफ हो सकेगा।

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11 करोड़ रूपये खर्च के बाद स्मार्ट सिटी बस सेवा फेल, सुनसान इलाके में खड़ी बसें बनी कबाड़

सुनसान इलाके में रेलवे ओवर ब्रिज के नीचे खड़ी कबाड़ा हो रही स्मार्ट सिटी की बसें।

ग्वालियर. स्मार्ट सिटी का सपना अब सवालों में घिरता दिखाई दे रहा है। शहरवासियों को सस्ती और बेहतर सार्वजनिक परिवहन सुविधा देने के लिये शुरू की गयी स्मार्ट सिटी बस सेवा आज तरह से ठप्प हा गयी है।
ळालात यह है कि जिन बसों को शहर की लाइफलाइन बनना था वह अब सुनसान इलाकों में कबाड़ बनकर खड़ी-खड़ी जंग खा रही है। वर्ष 2023में ग्वालियर स्मार्ट सिटी डवलपमेंट कॉर्पोशन ने इंट्रा सिटी बस सेवा की शुरूआत की थी। आधुनिक सुविधाओं से लैस इन बसों में जीपीएस ट्रैकिंग सिस्टम भी लगाया गया था। ताकि यात्रियों को सुरक्षित और सुगम सफर का लाभ मिल सके। लेकिन शुरूआत के महिनों के बाद ही यह योजना पटरी से उतर गयी। इस योजना के लिए करीब 11 करोड़ रुपए का बजट तय किया गया था। एक निजी कंपनी को 16 इंट्रा सिटी और कुल 32 बसें (इंटरसिटी सहित) चलाने की जिम्मेदारी सौंपी गई थी। लेकिन जमीनी स्तर पर संचालन लगभग न के बराबर रहा।
सूत्रों के मुताबिक, शहर में पहले से चल रहे ऑटो और विक्रम का दबदबा इतना अधिक है कि निजी कंपनी ने बस संचालन में खास दिलचस्पी नहीं दिखाई। धीरे-धीरे बसें सड़कों से गायब हो गईं और अब रेस कोर्स रोड, गार्डर वाली पुलिया व रेलवे ओवर ब्रिज के नीचे खड़ी नजर आ रही हैं। बसों में लगाए गए जीपीएस ट्रैकिंग सिस्टम का मकसद हर मूवमेंट पर नजर रखना था, लेकिन जब बसें ही नहीं चलीं, तो यह हाईटेक सिस्टम भी बेकार साबित हुआ। हजीरा निवासी मूलचंद का कहना है कि शहर में सरकारी बस सेवा पूरी तरह गायब है, जबकि करोड़ों की बसें कबाड़ में खड़ी हैं। उनका आरोप है कि यह जनता का पैसा है, जिसे सही तरीके से उपयोग नहीं किया गया। उन्होंने यह भी कहा कि स्मार्ट सिटी के नाम पर हो रहे विकास कार्य सिर्फ दिखावा हैं।
सवालों के घेरे में स्मार्ट सिटी प्लान
करोड़ों रुपए खर्च होने के बाद भी योजना टिकाऊ क्यों नहीं रही?
क्या बिना ग्राउंड सर्वे के प्रोजेक्ट शुरू किया गया?
जिम्मेदारों की जवाबदेही तय क्यों नहीं हुई?
जनता का आरोप: “विकास के नाम पर पैसा बर्बा

Newsमप्र छत्तीसगढ़

कार में भड़की आग से डॉक्टर सहित 3 लोगों ने कूंदकर बचाई जान, एक वर्ष पूर्व खरीदी की थाी कार

ग्वालियर. पुरानी छावनी में बुधवार की दोपहर बड़ा हादसा टल गया और निरावली पर चलते-चलते (EV) बैटरी कार में अचानक विस्फोट हो गया है। कार में आग लग गयी ।कार में सवार डॉक्टर, उनकी रिश्तेदार युवती और ड्राइवर ने कूंदकर अपनी जान बचाई है।
मोतीझील निवासी आकांक्षा राठौर मुरैना के संजीवनी क्लीनिक में मेडीकल ऑफिसर है। वह प्रतिदिन ग्वालियर -मुरैना अपडाउन करती है। बुधवर को भी वह प्रतिदिन की तरह ग्वालियर लौट रही थी। इस बीच शॉर्टसर्किट होने से आग लग गयी। सूचना मिलते ही पुलिस और फायरब्रिगेड घटनास्थल पर पहुंची। आग पर तो काबू पा लिया गया। लेकिन तब तक कार पूरी तरह से जलकर खाक हो चुकी थी।

Newsमप्र छत्तीसगढ़राष्ट्रीय

मिर्जापुर में ट्रक और बोलेरो के बीच हुई टक्क्र में 11 लोग जिन्दा जले, बोलेरों में निकलने का मौका ही नहीं मिला

ट्रॉले से टकराकर बोलेरो में तुरंत आग लग गई। - Dainik Bhaskar

मिर्जापुर. उत्तरप्रदेश के मिर्जापुर में बुधवार की देर रात एक बेकाबू ट्रकक ने पीछे से बोलेरो, कार और एक कंटेनर को जोरदार टक्कर मार दी। इस जबरदस्त घटना में 11 लोगों की मौत होने की खबर सामने आई है। ऐसा बताया जा रहा है कि टक्कर लगते ही बोलेरो में भीषण आग लग गयी। जिससे उसमें सवार यात्रियों को बाहर निकलने का मौत तक नहीं मिल पाया और सभी जिन्दा जल गये। एसपी अपर्णा राजत कौशिक ने घटनास्थल पर पहुंचकर जानकारी ली। सभी 11 लोगों की मौत की आधिकारिक पुष्टि की है, पुलिस और प्रशासन की टीमें राहत कार्य के लिये घटनास्थल पर मौजूद है।
क्या है घटनाक्रम
मध्यप्रदेश से चना लादकर आ रहे एक ट्रक का अचानक ब्रेक फेल हो गया, जिससे वह बेकाबू हो गया। ट्रक ने बोलेरो को जोरदार टक्कर मार दी। इससे बोलेरो आगे चल रहे गिट्टी लदे ट्रेलर में जा घुसी। बोलेरो धू-धू कर जलने लगी। हादसा ड्रमडगंज थाना क्षेत्र में हुआ।
बोलेरो सवार सभी लोग प्रयागराज के मांडा क्षेत्र के हाटा के बताए जा रहे हैं। ये लोग मैहर धाम से दर्शन करके वापस लौट रहे थे। हालांकि, बोलेरो में सवार लोगों की संख्या अभी तक साफ नहीं हो सकी है। बोलेरो जिगना थाना क्षेत्र के हाटा की बताई जा रही है। वहीं, हादसे में ट्रक चालक गंभीर रूप से घायल हो गया। उसे इलाज के लिए अस्पताल भेजा गया है। सूचना मिलते ही पुलिस और फायर ब्रिगेड की टीम मौके पर पहुंची। आग तेज होने से रेस्क्यू प्रभावित हुआ है।

Newsमप्र छत्तीसगढ़

जीवाजी विश्वविद्यालय व फिल्म निर्माण कार्यशाला, मुरार नदी के प्रदूषण पर बनाई डॉक्यूमेंट्री

ग्वालियर। अंतर्राष्ट्रीय पृथ्वी दिवस के अवसर पर जीवाजी विश्वविद्यालय की भूविज्ञान अध्ययनशाला, पत्रकारिता विभाग एवं शासकीय आदर्श विज्ञान महाविद्यालय के संयुक्त तत्वावधान में बुधवार को पर्यावरण जागरूकता कार्यक्रम और फिल्म निर्माण कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य छात्रों में पर्यावरण के प्रति चेतना विकसित करना तथा उन्हें डॉक्यूमेंट्री निर्माण की तकनीकी बारीकियों से अवगत कराना था।
कार्यक्रम की शुरुआत में प्रो. एसएन मोहपात्रा ने पृथ्वी दिवस की पृष्ठभूमि बताते हुए कहा कि पृथ्वी को बचाने के लिए पर्यावरण संरक्षण को केवल विचार तक सीमित न रखकर जीवन में अपनाना आवश्यक है। वहीं विज्ञान महाविद्यालय के भूविज्ञान विभागाध्यक्ष प्रो. सुयश कुमार ने भी पर्यावरण संरक्षण की आवश्यकता पर अपने विचार व्यक्त किए।कार्यशाला में क्यूब फिल्म इंस्टिट्यूट के विशेषज्ञों ने छात्रों को स्टोरी आइडिया तैयार करने, शूटिंग तकनीक और फिल्म एडिटिंग की जानकारी दी। छात्रों को कैमरे के सही उपयोग, लाइटिंग, इनडोर व आउटडोर शूटिंग के व्यावहारिक पहलुओं से भी अवगत कराया गया।
कार्यक्रम के तहत छात्रों को पर्यावरण की वास्तविक स्थिति से रूबरू कराने के लिए मुरार नदी क्षेत्र का शैक्षणिक भ्रमण कराया गया। सात समूहों में विभाजित छात्रों ने रमउआ बांध से जड़ेरुआ बांध तक नदी के विभिन्न हिस्सों में जाकर प्रदूषण की स्थिति का अवलोकन किया और उसी आधार पर वृत्तचित्र तैयार किए। इस पहल के माध्यम से छात्रों को पर्यावरण पत्रकारिता और डॉक्यूमेंट्री निर्माण का व्यावहारिक अनुभव प्राप्त हुआ। कार्यक्रम के सफल आयोजन पर जीवाजी विश्वविद्यालय के कुलगुरू प्रो.राजकुमार आचार्य ने स्टाफ और छात्रों को बधाई दी।

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टच एंड गो- पूर्वांचल एक्सप्रेस वे पर वायुसेना ने दिखाया दम, राफेल, मिराज करेंगे टच डाउन

राफेल, मिराज ने किया टच डाउन, 4 साल पहले मोदी का प्लेन किया गया था लैंड
सुल्तानपुर. अरवल-कीरी स्थित एयरस्ट्रिप पर बुधवार की दोपहर 2 बजे वायुसेना का 2 दिवसीय विशेष रिहर्सल शुरू हो रहा है। भारतीय वायुसेना के फायटर प्लेन एक्सप्रेस वे को वैकल्पिक रनवे के रूप में उपयोग करने के लिये ‘‘टच एंड गो’’ का अभ्यास करेंगे। मिराज, राफेज, जगुआर और तंेजस जैसे फायटर प्लेनों इसमें शामिल किया गया है।
स्थानीय प्रशासन और वायुसेना के अधिकारियों ने तैयारियों का जायजा लेने के बाद इसे अंतिम रूप दे दिया है। सेना के हेलीकॉप्टर से अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर व्यवस्था और तकनीकी पहलुओं का समझा। यह अभ्यास आपातकालीन लैडिंग की क्षमता को और ज्यादा मजबूत बनाने के उद्देश्य से आयोजित किया गया है। प्राप्त जानकारी के मुताबिक, इस विशेष अभ्यास में वायुसेना के सुखोई-30एमकेआई, मिराज-2000, और जगुआर जैसे घातक लड़ाकू विमानों अपनी रफ्तार का दम भरते हुए ‘‘टच एंड गो’’ का ड्रिल करेंके। लड़ाकू विमानों के साथ सी-295, एएन-32 जैसे भारी मालवाहक जहाज भी एक्सप्रेस वे की एयरस्ट्रिप पर लैंडिंग की अभ्यास करेंगे। यह युद्धाभ्यास कठिन परिस्थितियों में सड़क को रनवे बनाने की सेना की तैयारी का हिस्सा है।
रूट डायवर्जन यातायात पर लागू
इस अहम निर्णय सैन्य अभ्यास की वजह से पूर्वाचल एक्सप्रेस वे पर आवाजाही करने वाले लोगों के लिये पहले ही रूट डायवर्जन कर दिया गया है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि रिहर्सल के बीच सुरक्षा से कोई समझौता नहीं किया जायेगा। एयर स्ट्रिप के आसपास के इलाकों में सुरक्षा एजेंसियों की पैनी नजर रख रही है। स्थानीय लोगों से में भी इस अभ्यास को लेकर काफी उत्साह है। क्योंकि उन्हें भारतीय वायुसेना की ताकत और लड़ाकू विमानों के हैरतअंगेज करतबों को नजदीक से देखने का अवसर मिलेगा।