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8th Pay Commission-8वें वेतन आयोग से पहले मिलने अनुमान DA Hike

नई दिल्ली. केन्द्र सरकार के कर्मचारी-पेंशनर्स 8वें वेतन आयोग का इंतजार कर रहे हैं। लेकिन इसके तहत कितनी सैलरी बढ़ेगी और कब तक खातों में आयेगी। इसे लेकर अभी तक तस्वीर साफ नहीं हो पायी है। इस दौरान महंगाई के आंकड़ों में ऐसी संभावनायें बढ़ती दिखाई दे रही है। 8वें वेतन पे से पहले केन्द्रीय कर्मचारियों को जुलाई से महंगाई भत्ते में वृद्धि का तोहफा मिल सकता है।
मिलेगी राहत
एक ओर जहां लाखों केन्द्रीय कर्मचारी 8th Pay Commission के तहत वेतन में बड़े संशोधन की सिफारिशों लागू होने का इंतजार कर रहे हैं। वहीं इस इंतजार के बीच उन्हें महंगाई भत्ते में वृद्धि के रूप् में एक छोटी, लेकिन तत्काल राहत मिल सकती है। श्रम ब्यूरो द्वारा जारी नये महंगाई के आंकड़ों ने इस उम्मीद को और मजबूत किया है। 8th Pay Commission के सामने कर्मचारी संघ यह तर्क मजबूती के साथ रख रहे है कि महंगाई के चलते बढ़ती कीमतों ने जीवन यापन की लागत को लगातार बढ़ाने का काम किया है और खर्च करने की शक्ति कमजोर हुई है।
DA Hike 3%  मिल सकता है
केन्द्रीय कर्मचारियों को फिलहाल 60% की दर से महंगाई भत्ता दिया जा रहा है। ताजा कैलकुलेशन के आधार पर देखें तो यह 63% हो सकता है। यानी कि 3प्रतिशत DA Hike  की उम्मीद है हालांकि अंतिम दर मई-जून 2026 के लिये AICPI-IW के आंकड़ों और उसके बाद कैबिनेट की मंजूरी पर निर्भर करेगी।
8th Pay Commission से कर्मचारियों की डिमांड
कई कर्मचारी संगठनों ने तर्क दिया है कि बढ़ती महंगाई औरे जीवन यापन के बढ़ते खर्चो केलिये वेतन में अहम संशोधन की आवश्यकता है। 8th Pay Commission के सामने रखी गयी है। प्रमुख मांगों में हाई फिटमेंट फैक्टर, न्यूनतम वेतन में संशोधन, महंगाई भत्ता का मूल वेतन में विलय और मजबूत पेंशन सुरक्षा शामिल है। कुछ कर्मचारी यूनियनों ने 3.83 फिटमेंट फैक्टर का प्रस्ताव दिया है। गौरतलब है कि वेतन और पेंशन को लेकर चर्चा जारी रहने के बीच, 8वें वेतन आयोग ने ज्ञापन प्रस्तुत करने की अंतिम समय सीमा को बढ़ाकर 15 जून 2026 कर दिया है। आयोग ने यह भी कहा है कि ज्ञापन सिर्फ उसकी आधिकारिक वेबसाइट के माध्यम से ही जमा किये जाने चाहिये औरा हार्डकॉपी, भौतिक दस्तावेज, ईमेल या पीडीएफ पर विचार नहीं किया जायेगा।

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भाजपा के इशारे पर मीनाक्षी का नामांकन निरस्त करने, लोकतंत्र की हत्या करने के विरोध में कांग्रेस का शांतिपूर्ण उपवास एवं सत्याग्रह में

ग्वालियर -मध्यप्रदेश कांग्रेस कमेटी के आह्वान पर कांग्रेस अध्यक्ष सुरेन्द्र यादव के निर्देश पर शहर जिला कांग्रेस कमेटी ग्वालियर द्वारा फूलबाग स्थित गांधी उद्यान में राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की प्रतिमा के समक्ष हाथ पर काली पट्टी बांधकर शांतिपूर्ण उपवास, सत्याग्रह एवं धरना प्रदर्शन आयोजित कर भाजपा सरकार द्वारा लोकतांत्रिक मूल्यों की हत्या के विरुद्ध जोरदार विरोध दर्ज कराया गया।
धरना-उपवास को संबोधित करते हुए कांग्रेसजनों ने कहा कि मध्यप्रदेश से राज्यसभा के लिए कांग्रेस की वरिष्ठ नेत्री मीनाक्षी नटराजन का नामांकन जिस प्रकार निरस्त किया गया है, वह केवल एक प्रशासनिक निर्णय नहीं बल्कि भाजपा द्वारा लोकतांत्रिक प्रक्रिया को प्रभावित करने का सुनियोजित राजनीतिक षड्यंत्र है। भाजपा के दबाव और प्रभाव में लोकतांत्रिक संस्थाओं का दुरुपयोग कर विपक्ष की आवाज को दबाने का प्रयास किया गया है। भाजपा के इशारे पर यह कार्यवाही लोकतंत्र पर सीधा हमला और सीट चोरी है।
जब भाजपा राजनीतिक रूप से कांग्रेस का मुकाबला नहीं कर पा रही है, तब वह संवैधानिक संस्थाओं को अपने राजनीतिक हितों की पूर्ति का माध्यम बनाने में लगी हुई है। यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है कि आज देश में विपक्षी नेताओं को चुनावी मैदान से बाहर करने के लिए तकनीकी बहानों और प्रशासनिक दबाव का सहारा लिया जा रहा है। भाजपा का यह कृत्य न केवल लोकतंत्र के लिए घातक है बल्कि संविधान की आत्मा पर भी कुठाराघात है।
भाजपा का जन्म ही सत्ता प्राप्ति की राजनीति से हुआ है, वह लोकतंत्र की गरिमा को कभी नहीं समझ सकती। भाजपा विपक्ष को समाप्त करने, लोकतांत्रिक संस्थाओं को कमजोर करने और संविधान की मूल भावना को कुचलने की दिशा में लगातार आगे बढ़ रही है। लेकिन कांग्रेस पार्टी देश की जनता के साथ मिलकर इस तानाशाही मानसिकता का लोकतांत्रिक तरीके से मुकाबला करेगी।

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ग्वालियर में ड्रग लाइसेंस में सेटिंग और रिश्वतखोरी के आरोप, प्रशासन खामोश

ग्वालियर. शहर में ड्रग लाइसेंस जारी करने की प्रक्रिया को लेकर गंभीर सवाल खडे हो गए है। ड्रग लाइसेंस बनवाने के नाम पर ड्रग इंस्पेक्टर से सांठगांठ और रिश्वतखोरी के दावों का मामला उजागर होने के बाद भी खाद्य एवं औषधि प्रशासन, स्वास्थ्य विभाग और जिला प्रशासन की ओर से अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। मामले में ड्रग इंस्पेक्टर उमेश रामचंदानी का नाम सामने आने के बाद बावजूद जांच और जवाबदेही को लेकर चुप्पी बनी हुई है।
27 हजार रुपये ड्रग इंस्पेक्टर के लिए
जानकारी के अनुसार पडताल में सामने आया कि मेडिकल स्टोर का ड्रग लाइसेंस बनवाने के लिए सक्रिय दलाल खुलेआम अधिकारियों से सेटिंग होने का दावा कर रहे है। जांच के दौरान मनोज मंगवानी नामक व्यक्ति ने ड्रग इंस्पेक्टर उमेश रामचंदानी से सीधी सांठगांठ होने की बात कही थी। उसने दावा किया कि लाइसेंस बनवाने का कुल खर्च 61 हजार रुपये आएगा जिसमें 27 हजार रुपये कथित तौर पर ड्रग इंस्पेक्टर के लिए और 28 हजार रुपये फार्मासिस्ट की व्यवस्था के लिए और 6 हजार रुपये आवेदन शुल्क के रूप में लिए जाएंगे।
पूरा मामला अधिकारियों तक पहुंचा
जानकारी के अनुसार यह पूरा मामला संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों तक पहुंच चुका है। लाइसेंस बनवाने के नाम पर अवैध वसूली और अधिकारियों के नाम का इस्तेमाल किए जाने के आरोपों के बावजूद अब तक न तो किसी दलाल पर कार्रवाई हुई है और न ही मामले की औपचारिक जांच शुरू की गई है। इससे विभागीय कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे है।
कार्यालय से भी दूर हैं ड्रग इंस्पेक्टर
सूत्रों के अनुसार, विवाद सामने आने के बाद ड्रग इंस्पेक्टर उमेश रामचंदानी इन दिनों ग्वालियर कार्यालय में नियमित रूप से नहीं बैठ रहे हैं। अब सवाल यह है कि इतने गंभीर खुलासे के बाद भी जिम्मेदार विभाग कार्रवाई करने से क्यों बच रहे हैं और लाइसेंस प्रक्रिया में कथित भ्रष्टाचार की निष्पक्ष जांच कब होगी।

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सबसे लंबे समय तक PM रहने का रिकॉर्ड नरेंद्र मोदी के नाम

नेहरू 4398 दिन रहे, मोदी को 4399 हो गए
नई दिल्ली। नरेंद्र मोदी के नाम आज बुधवार को एक और रिकॉर्ड दर्ज हो गया। यह रिकॉर्ड इसलिए काफी अहम है क्योंकि भारत जैसे देश में, जहां जनता चुनाव पर सरकार पलट देती है, ऐसे हालात में देश की जनता ने 3 बार BJP को सरकार चलाने का मौका दिया और नरेंद्र मोदी को प्रधानमंत्री बनाया। देश में अभी तक सबसे लंबे समय तक प्रधानमंत्री रहने का रिकॉर्ड जवाहरलाल नेहरू के नाम था। नेहरू 4398 दिनों तक प्रधानमंत्री रहे थे, पर मोदी ने प्रधानमंत्री रहते हुए आज 4399 दिन पूरे कर लिए और अभी उनके 3 साल का कार्यकाल शेष है।
अंतर यह है
नेहरू जब पहली बार प्रधानमंत्री बने थे तो उन्हें जनता ने नहीं चुना था। उन्हें अंग्रेजों से सत्ता हस्तांतरण के वक्त प्रधानमंत्री नियुक्त किया गया था। पर मोदी जब पहली बार प्रधानमंत्री बने तो जनता ने उन्हें गुजरात से सीधे दिल्ली भेजा। प्रधानमंत्री की कुर्सी पर बैठने से पहले मोदी 3 बार लगातार गुजरात के मुख्यमंत्री रहे थे।इतिहास रचने के बाद पीएम मोदी ने सोशल मीडिया पर लिखा कि जनसेवा ही सुशासन की सबसे बड़ी कसौटी है। उन्होंने कहा कि विनम्रता, समर्पण और कर्तव्यनिष्ठा के साथ निरंतर कार्य करने वाला व्यक्ति ही जनता का विश्वास अर्जित कर सकता है। उन्होंने संस्कृत का एक श्लोक भी साझा किया।
हर मोर्चे पर फतह
मोदी ने अपने बूते पर 3 बार सिर्फ दिल्ली में ही सरकार नहीं बनाई, उन राज्यों में भी भगवा फहराया जहां माना जा रहा था कि BJP जड़ें तक नहीं जमा पाएगी। ताजा उदाहरण पश्चिम बंगाल है, तो इससे पहले 30 साल बाद UP में 2017 में वापसी की थी। दिल्ली भी वापस ली तो ओडिशा में भी लंबे समय बाद BJP की सरकार बनी। पूर्वोत्तर में तो सिर्फ बीजेपी ही नजर आती है। आज देश के 22 राज्यों में बीजेपी/एनडीए की सरकार है।
आगे अग्निपरीक्षा
मोदी ने सबसे लंबे समय तक PM  रहने का रिकॉर्ड तो अपने नाम कर लिया। इससे यह भी तय है कि इस रिकॉर्ड तक पहुंचना अब किसी नेता के लिए ख्वाब से कम नहीं होगा। पर आने वाले समय में मोदी को कड़ी परीक्षा से गुजरना है। भारत को दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनाना है। भारत की जीडीपी को वहां पहुंचाना है जहां भारत, जर्मनी-अमेरिका को टक्कर दे सके। मोदी विकसित भारत के विजन को लेकर पहले ही आगे बढ़ चुके हैं। यह सब चुनौतियां तब हैं जब खाड़ी युद्ध के चलते दुनिया भर के देशों की आर्थिक हालत प्रभावित हो रही है।
दिल्ली में आज जश्न
मोदी सरकार के आज ही 12 साल पूरे हुए।
इस मौके पर भारत मंडपम में एक बैठक रखी गई है।
इसमें एनडीए शासित सभी राज्यों के मुख्यमंत्री के अलावा एनडीए के 35 सहयोगी दलों के 75 वरिष्ठ नेता शामिल होंगे।
इस बैठक में विकसित भारत के सपने पर मंथन होगा।
रोड मैप तैयार किया जाएगा।

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जबलपुर-ग्वालियर समेत 34 जिलों में बारिश का येलो अलर्ट जारी

ग्वालियर. मध्य प्रदेश में मानसून की दस्तक से पहले छतरपुर और छिंदवाडा में लू चली। बुधवार को छतरपुर जिले के खजुराहो का पारा 45.0 डिग्री सेल्सियस तापमान के साथ प्रदेश में सबसे गर्म रहा, वहीं नौगांव में भी पारा 44.6 डिग्री दर्ज किया गया। छिंदवाडा में दिन का तापमान सामान्य से 4.5 डिग्री अधिक यानी 40.8 डिग्री रिकॉर्ड हुआ जिससे लोग लू के थपेडों से बेहाल रहे। प्रदेश के पश्चिमी इलाकों में अधिकतम तापमान 34.0 से 43.6 डिग्री और पूर्व क्षेत्रों में 39.0 से 45.0 डिग्री के बीच दर्ज किया गया। मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार अगले दो दिनों तक प्रदेश के तापमान में कोई बडा बदलाव नहीं होगा। इसके बाद पारे में 2 से 3 डिग्री गिरावट की संभावना जताई गई है।
आज यहां चलेंगी तेज हवाएं, येलो अलर्ट जारी
गुरुवार को रायसेन, नर्मदापुरम, बैतूल, ग्वालियर, जबलपुर, छिंदवाड़ा, सागर और छतरपुर सहित करीब 34 जिलों में गरज-चमक के साथ वज्रपात और 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से झोंकेदार हवाएं चलने की आशंका जताई गई है। इसके लिए येलो अलर्ट जारी किया गया है।

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नई तबादला नीति जारी, रिश्तेदार सरपंच या उप सरपंच बने तो भी हटाए जाएंगे

भोपाल. तबादला सीजन के बीच पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग ने पंचायत सचिवों के स्थानांतरण को लेकर नई गाइडलाइन जारी कर दी है। नई नीति के तहत अब कोई भी पंचायत सचिव अपने गृहग्राम या ससुराल की पंचायत में पदस्थ नहीं रह सकेगा। इसके साथ ही जिस पंचायत में सचिव के रिश्तेदार सरपंच या उपसरपंच बन जाएंगे, वहां से भी सचिव का तबादला किया जाएगा। पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग ने सामान्य प्रशासन विभाग के आदेश के आधार पर यह नई गाइडलाइन जारी की है। विभाग ने सभी जिलों के कलेक्टरों और जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि तय समय सीमा के भीतर स्थानांतरण प्रक्रिया पूरी कराई जाए। बता दें कि मध्य प्रदेश में 23 हजार से ज्यादा पंचायत सचिव हैं।
यह प्रक्रिया 1 जून से ही मान्य
9 जून को जारी आदेश के अनुसार 15 जून तक जिले के भीतर पंचायत सचिवों के स्थानांतरण किए जा सकेंगे। स्थानांतरण प्रस्ताव जिला कलेक्टर की अनुशंसा और प्रभारी मंत्री की स्वीकृति के बाद जारी किए जाएंगे। यह प्रक्रिया एक जून से ही मान्य की जाएगी। विभागीय निर्देशों के मुताबिक स्थानांतरण आदेश मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत द्वारा जारी किए जाएंगे। नई गाइडलाइन में जिला एवं अंतरजिला स्तर पर पंचायत सचिवों के स्थानांतरण की प्रक्रिया भी तय की गई है।

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28 वर्ष की उम्र में राजनीति में रखा कदम, शिवलिंग विवाद और अब पाला बदल, सयानी की जुबानी

नई दिल्ली. पश्चिम बंगाल की सियासत की सबसे चर्चित चेहरों में से एक सयोनी घोष का ममता बनर्जी और अभिषेक बनर्जी की नजदीकी माना जाता रहा है। लेकिन सत्ता बदलते ही पाला बदल लिया है। सयानी भी टीएमसी के उन बागी सांसदों की फेहरिश्त में शामिल हो गयी है। जिन्होंने लोकसभा के स्पीकर ओम बिरला कमो पत्र लिखकर सदन में अलग बैठने और एनडीए को समर्थन करने का फैसला किया है।
हीरोइन से राजनेता बनी सयानी घोष ने अपने करियर की शुरूआत बहुत कम उम्र में की थी। 2010 में उन्होंने महज 17 वर्षीय बांग्ली फिलम में कदम रखा और समूचे बंगाल में उन्हें पहचान मिली। राजनीति में आने से पहले ही सयानी घोष सांस्कृतिक जगत का एक चर्चित चेहरा बन चुकी थी। जिसके बाद 28 साल की आयु में सियासत में कदम रखा औरे बहुत ही तेजी से ममता बनर्जी के भरोसेमंदर बन गयी है। सयानी घोष बंगाल की राजनीति में एक प्रमुख युवा चेहरा है। ममता बनर्जी के नजदीकी नेता बनने से लेकर सयानी घोष के सियासी पाला बदलने की कहानी काफी रोचक है।
अभिनेत्री से कैसी सयानी बनी नेता
सयानी घोष बंगाली सीरियल से अपनी अभिनय क्षमता साबित करने के बाद बांग्ला सिनेमा (टॉलीवुड) का रुख किया. 2011 में उन्होंने फिल्म ‘शत्रु’ में एक छोटी भूमिका निभाई, जिसने उन्हें काफी बड़ा बना दिया. ये उनके करियर के लिए एक बड़ा टर्निंग पॉइंट साबित हुई और उन्हें बंगाली सिनेमा में एक पहचान मिली है।   यही नहीं सयानी केवल स्क्रीन तक सीमित नहीं रहीं, बल्कि उन्होंने थियेटर (रंगमंच) में भी काम किया, जिसके चलते बंगाल के सामाजिक आंदोलन के जुड़े हुए लोगों की बीच अपनी जगह बनाई है।
अब बदल रही सियासी पाला
सयानी घोष अपने पांच साल के सियासी सफर में ख़ुद को ममता बनर्जी और अभिषेक बनर्जी की करीबी की तरह पेश करती हैं और अपने भाषणों में बार-बार ममता बनर्जी का ज़िक्र करती है।  सयानी ममता बनर्जी की तरह ही साड़ी पहनती हैं और कई बार उन्हीं की तरह चप्पल पहनकर सभाएं करती है।   इतना ही नहीं ममता कई बार कह चुकी हैं कि वो ममता बनर्जी को फ़ॉलो करती हूं। ममता बनर्जी को अपना राजनीतिक आदर्श और अभिषेक बनर्जी को नेता बताने वाली सयानी घोष बंगाल की सत्ता बदलते ही सियासी मिजाज भी बदल रहा. सयानी भी टीएमसी की उन बागी नेताओं की फेहरिश्त में शामिल हो गई है।  जो अभिषेक बनर्जी को लोकसभा संसदीय दल के TMC  के नेता पद से हटाना चाहती हैं और काकोली घोष को बनाना चाहते हैं. इतना ही नहीं संसद में अलग बैठने और एनडीए को समर्थन करना चाहता है.

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14 जून को 801 मेधावी छात्र-छात्राओं का होगा सम्मान-जनउत्थान न्यास

ग्वालियर। सामाजिक संस्था जन उत्थान न्यास द्वारा प्रत्येक वर्ष की भांति इस वर्ष भी हाई स्कूल एवं हायर सेकेंडरी में 75% एवं उसके ऊपर अंक लाने वाले सभी छात्र-छात्राओं को सम्मानित किया जाएगा। आयोजन की जानकारी देते हुए 16 ग्वालियर पूर्व के विधायक एवं जन उत्थान न्यास के अध्यक्ष डॉ. सतीश सिकरवार ने बताया कि छात्र-छात्राओं का मनोबल बढ़ाने के लिए जन उत्थान न्यास विगत कई वर्षों से छात्र-छात्राओं को सम्मानित करने का कार्य कर रही है। इस आयोजन में 801 छात्र-छात्राओं को सम्मानित किया जायेगा। विधायक डॉ. सतीश सिकरवार ने बताया कि सम्मान समारोह कार्यक्रम के लिए एक आयोजन समिति बनाई गई है, जो इस कार्यक्रम को भव्य रूप प्रदान कर सके।
आयोजन समिति ने बताया कि यह आयोजन 14 जून को प्रातः 10 बजे से स्थानीय संस्कृति गार्डन के बैंकेट हॉल मेला रोड सूर्य नमस्कार चौराहा पर आयोजित किया जाएगा। कार्यक्रम में मेधावी छात्र-छात्राओं को प्रमाण पत्र एवं प्रशस्ति पत्र भेंट कर सम्मानित करेंगे। पत्रकार वार्ता में डॉ राकेश अग्रवाल, संजय कट्ठल, उपाध्यक्ष विनोद जैन, कोषाध्यक्ष अवध धाकरे, सचिव अवधेश कौरव, सह सचिव केपी सिंह भदौरिया, नरेंद्र सिंह राजावत ,सुरेश प्रजापति, महेश कुशवाह, न्यासी आदित्य सिंह सिकरवार आदि मौजूद रहे। कार्यक्रम में छात्र-छात्राओं और उनके अभिभावकों समेत करीब दो हजार से अधिक गणमान्य जन के लिए सहभोज की व्यवस्था भी की गई है।

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20 हजार रूपये के लिये ली युवक की जान, बचाने आई मां पर चाकू से किया हमला

ग्वालियर. मुरार थाना इलाके में मात्र 20 हजानर रूपये के लेनदेन को लेकर 25 वर्षीय युवक मोनू राजे की चाकू मारकर हत्या कर दी गयी। बेटे को बचाने पहुंची मां को भी बदमाशों ने हमला कर गंभीर रूप से घायल कर दिया है।घटना बंशीपुरा हाथी खाना इलाके में बुधवार की दोपहर 2 बजे की है।
मृतक मोनू राजे मजदूरी का काम करता था। उसका कुछ लोगा से लगभग 20 हजार रूपये का लेन-देन चल रहा था। मोनू ने आरोपियों से कहा था कि उसके माता-पिता गांव गये हुए थे। उनके लौटने के बाद वह रकम लौटा देगा। बुधवार की सुबह ही उसके माता-पिता गांव से ग्वालियर वापिस आये है। परिजनों के अनुसार दोपहर लगीाग 2 बजे 5 युवक मोनू राजे को घर के नीचे बुलाकर गाली-गलौज करने लगे। उस वक्त उसके पिता अशोक राजे घर की छत पर मौजूद थे। जैसे ही मौनू नीचे पहुंचा, बदमाशों ने उसके साथ मारपीट शुरू कर दी। इसके बाद चाकू निकालकर उस पर ताबड़तोड़ हमला कर दिये।
गोलू कटारे का नाम आया सामने
दिनदहाड़े हुई इस वारदात के बाद इलाके में हड़कंप मच गया। सूचना मिलते ही भारी पुलिस बल घटनास्थल और अस्पताल पहुंचा। प्रारंभिक जांच में मुख्य आरोपी के रूप में गोलू कटारे का नाम सामने आया है।
पुलिस का कहना है
मुरार थाना सर्किल के सीएसपी अतुल सोनी ने बताया कि पैसों के लेनदेन को लेकर कुछ बदमाशों ने युवक पर चाकू से हमला किया, जिसमें उसकी मौत हो गई। बचाने आई मां भी घायल हुई हैं। पुलिस ने हत्या और हत्या के प्रयास सहित विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज कर फरार आरोपियों की तलाश शुरू कर दी है।

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Meta का पहला AI सेंटर भारत के जामनगर में खुलेगा

नई दिल्ली. फेसबुक की पैरेंट कम्पनी मेटा अब भारत में अपना पहला आर्टिफिशयल इंटेलीजेंस (एआई) डेटा सेंटर ओपन करने जा रही है। मेटा ने इसके लिये रिलायंस इंडस्ट्रीज के साथ पार्टनरशिप की है। यह डेटा सेंटर गुजरात राज्य के जामनगर में शुरू किया जायेगा। रिलायंस इंडस्ट्रीज जामनगर में सेंटर तैयार करेगी। जिसके बाद मेटा इसमें अपना ऑपरेशन शुरू करेगा। मेटा का यह एआई डेटा सेंटार के एआई मिशन को पॉवर देने का काम करेगा।
मेटा और रिलायंस पार्टनरशिप के तहत तैयार होने वाले एआई डेटा सेंटर 168 मेगावॉट कैपिसिटी के साथ शुरू किया जायेगा और बाद में इसका एक्सटेंशन किया जायेगा। यह सेंटर आने वाले 2 वर्षो में शुरू होगा।
रिलायंस निर्माण कर रही मेटा एआई डेटा सेंटर
रिलायंस इस फैक्ट्री का निर्माण करेगी। जबकि मेटा अपने एआई सिस्टम को सपोर्ट देने के लिये इसका उपयोग करेगी। यह सपोर्ट फेसबुक, इंस्टाग्राम और व्हाट्सएप जैसे प्रॉडक्ट में काम करता है। यह प्रोजेक्ट मार्क जकरबर्ग की उस बड़ी प्लानिंग को आगे बढायेगा। जिसको वह पर्सनल सुपर इंटेलीजेंस भी कहते हैं।
डेटा सेंटर को सर्विस देगी रिलायंस इंडस्ट्रीज
पार्टनरशिप के तहत रिलायंस इंडस्ट्रीज डेटा सेंटर के पूरे लाइफसाइकल के दौरान एंड-टू-एंड सर्विस देगी। इसमें डेटा सेंटर का डिजायन, डवलपमेंट, यूटिलिटी मैनेजमेंट, नवनीकरणीय ऊर्जा आपूर्ति, नेटवर्क कनेक्टिविटी और पूरी तरह से फुलीमैनेज्ड ऑपरेशन सर्विसेज को शामिल किया गया है।
रिलायंस अपनी स्थिति को मजूबत करेगी
पार्टनरशिप के तहत रिलायंस भारत में हाइपरस्केल AI इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए सिंगल-विंडो सॉल्यूशंस प्रोवाइडर के रूप में अपनी स्थिति को मजूबत करेगी. ग्राहकों को एक ही कंपनी के जरिए डेटा सेंटर से जुड़ी सभी प्रमुख सेवाएं उपलब्ध कराई जाएंगी.

 

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