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ग्वालियर में ड्रग लाइसेंस में सेटिंग और रिश्वतखोरी के आरोप, प्रशासन खामोश

ग्वालियर. शहर में ड्रग लाइसेंस जारी करने की प्रक्रिया को लेकर गंभीर सवाल खडे हो गए है। ड्रग लाइसेंस बनवाने के नाम पर ड्रग इंस्पेक्टर से सांठगांठ और रिश्वतखोरी के दावों का मामला उजागर होने के बाद भी खाद्य एवं औषधि प्रशासन, स्वास्थ्य विभाग और जिला प्रशासन की ओर से अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। मामले में ड्रग इंस्पेक्टर उमेश रामचंदानी का नाम सामने आने के बाद बावजूद जांच और जवाबदेही को लेकर चुप्पी बनी हुई है।
27 हजार रुपये ड्रग इंस्पेक्टर के लिए
जानकारी के अनुसार पडताल में सामने आया कि मेडिकल स्टोर का ड्रग लाइसेंस बनवाने के लिए सक्रिय दलाल खुलेआम अधिकारियों से सेटिंग होने का दावा कर रहे है। जांच के दौरान मनोज मंगवानी नामक व्यक्ति ने ड्रग इंस्पेक्टर उमेश रामचंदानी से सीधी सांठगांठ होने की बात कही थी। उसने दावा किया कि लाइसेंस बनवाने का कुल खर्च 61 हजार रुपये आएगा जिसमें 27 हजार रुपये कथित तौर पर ड्रग इंस्पेक्टर के लिए और 28 हजार रुपये फार्मासिस्ट की व्यवस्था के लिए और 6 हजार रुपये आवेदन शुल्क के रूप में लिए जाएंगे।
पूरा मामला अधिकारियों तक पहुंचा
जानकारी के अनुसार यह पूरा मामला संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों तक पहुंच चुका है। लाइसेंस बनवाने के नाम पर अवैध वसूली और अधिकारियों के नाम का इस्तेमाल किए जाने के आरोपों के बावजूद अब तक न तो किसी दलाल पर कार्रवाई हुई है और न ही मामले की औपचारिक जांच शुरू की गई है। इससे विभागीय कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे है।
कार्यालय से भी दूर हैं ड्रग इंस्पेक्टर
सूत्रों के अनुसार, विवाद सामने आने के बाद ड्रग इंस्पेक्टर उमेश रामचंदानी इन दिनों ग्वालियर कार्यालय में नियमित रूप से नहीं बैठ रहे हैं। अब सवाल यह है कि इतने गंभीर खुलासे के बाद भी जिम्मेदार विभाग कार्रवाई करने से क्यों बच रहे हैं और लाइसेंस प्रक्रिया में कथित भ्रष्टाचार की निष्पक्ष जांच कब होगी।

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सबसे लंबे समय तक PM रहने का रिकॉर्ड नरेंद्र मोदी के नाम

नेहरू 4398 दिन रहे, मोदी को 4399 हो गए
नई दिल्ली। नरेंद्र मोदी के नाम आज बुधवार को एक और रिकॉर्ड दर्ज हो गया। यह रिकॉर्ड इसलिए काफी अहम है क्योंकि भारत जैसे देश में, जहां जनता चुनाव पर सरकार पलट देती है, ऐसे हालात में देश की जनता ने 3 बार BJP को सरकार चलाने का मौका दिया और नरेंद्र मोदी को प्रधानमंत्री बनाया। देश में अभी तक सबसे लंबे समय तक प्रधानमंत्री रहने का रिकॉर्ड जवाहरलाल नेहरू के नाम था। नेहरू 4398 दिनों तक प्रधानमंत्री रहे थे, पर मोदी ने प्रधानमंत्री रहते हुए आज 4399 दिन पूरे कर लिए और अभी उनके 3 साल का कार्यकाल शेष है।
अंतर यह है
नेहरू जब पहली बार प्रधानमंत्री बने थे तो उन्हें जनता ने नहीं चुना था। उन्हें अंग्रेजों से सत्ता हस्तांतरण के वक्त प्रधानमंत्री नियुक्त किया गया था। पर मोदी जब पहली बार प्रधानमंत्री बने तो जनता ने उन्हें गुजरात से सीधे दिल्ली भेजा। प्रधानमंत्री की कुर्सी पर बैठने से पहले मोदी 3 बार लगातार गुजरात के मुख्यमंत्री रहे थे।इतिहास रचने के बाद पीएम मोदी ने सोशल मीडिया पर लिखा कि जनसेवा ही सुशासन की सबसे बड़ी कसौटी है। उन्होंने कहा कि विनम्रता, समर्पण और कर्तव्यनिष्ठा के साथ निरंतर कार्य करने वाला व्यक्ति ही जनता का विश्वास अर्जित कर सकता है। उन्होंने संस्कृत का एक श्लोक भी साझा किया।
हर मोर्चे पर फतह
मोदी ने अपने बूते पर 3 बार सिर्फ दिल्ली में ही सरकार नहीं बनाई, उन राज्यों में भी भगवा फहराया जहां माना जा रहा था कि BJP जड़ें तक नहीं जमा पाएगी। ताजा उदाहरण पश्चिम बंगाल है, तो इससे पहले 30 साल बाद UP में 2017 में वापसी की थी। दिल्ली भी वापस ली तो ओडिशा में भी लंबे समय बाद BJP की सरकार बनी। पूर्वोत्तर में तो सिर्फ बीजेपी ही नजर आती है। आज देश के 22 राज्यों में बीजेपी/एनडीए की सरकार है।
आगे अग्निपरीक्षा
मोदी ने सबसे लंबे समय तक PM  रहने का रिकॉर्ड तो अपने नाम कर लिया। इससे यह भी तय है कि इस रिकॉर्ड तक पहुंचना अब किसी नेता के लिए ख्वाब से कम नहीं होगा। पर आने वाले समय में मोदी को कड़ी परीक्षा से गुजरना है। भारत को दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनाना है। भारत की जीडीपी को वहां पहुंचाना है जहां भारत, जर्मनी-अमेरिका को टक्कर दे सके। मोदी विकसित भारत के विजन को लेकर पहले ही आगे बढ़ चुके हैं। यह सब चुनौतियां तब हैं जब खाड़ी युद्ध के चलते दुनिया भर के देशों की आर्थिक हालत प्रभावित हो रही है।
दिल्ली में आज जश्न
मोदी सरकार के आज ही 12 साल पूरे हुए।
इस मौके पर भारत मंडपम में एक बैठक रखी गई है।
इसमें एनडीए शासित सभी राज्यों के मुख्यमंत्री के अलावा एनडीए के 35 सहयोगी दलों के 75 वरिष्ठ नेता शामिल होंगे।
इस बैठक में विकसित भारत के सपने पर मंथन होगा।
रोड मैप तैयार किया जाएगा।

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जबलपुर-ग्वालियर समेत 34 जिलों में बारिश का येलो अलर्ट जारी

ग्वालियर. मध्य प्रदेश में मानसून की दस्तक से पहले छतरपुर और छिंदवाडा में लू चली। बुधवार को छतरपुर जिले के खजुराहो का पारा 45.0 डिग्री सेल्सियस तापमान के साथ प्रदेश में सबसे गर्म रहा, वहीं नौगांव में भी पारा 44.6 डिग्री दर्ज किया गया। छिंदवाडा में दिन का तापमान सामान्य से 4.5 डिग्री अधिक यानी 40.8 डिग्री रिकॉर्ड हुआ जिससे लोग लू के थपेडों से बेहाल रहे। प्रदेश के पश्चिमी इलाकों में अधिकतम तापमान 34.0 से 43.6 डिग्री और पूर्व क्षेत्रों में 39.0 से 45.0 डिग्री के बीच दर्ज किया गया। मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार अगले दो दिनों तक प्रदेश के तापमान में कोई बडा बदलाव नहीं होगा। इसके बाद पारे में 2 से 3 डिग्री गिरावट की संभावना जताई गई है।
आज यहां चलेंगी तेज हवाएं, येलो अलर्ट जारी
गुरुवार को रायसेन, नर्मदापुरम, बैतूल, ग्वालियर, जबलपुर, छिंदवाड़ा, सागर और छतरपुर सहित करीब 34 जिलों में गरज-चमक के साथ वज्रपात और 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से झोंकेदार हवाएं चलने की आशंका जताई गई है। इसके लिए येलो अलर्ट जारी किया गया है।

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नई तबादला नीति जारी, रिश्तेदार सरपंच या उप सरपंच बने तो भी हटाए जाएंगे

भोपाल. तबादला सीजन के बीच पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग ने पंचायत सचिवों के स्थानांतरण को लेकर नई गाइडलाइन जारी कर दी है। नई नीति के तहत अब कोई भी पंचायत सचिव अपने गृहग्राम या ससुराल की पंचायत में पदस्थ नहीं रह सकेगा। इसके साथ ही जिस पंचायत में सचिव के रिश्तेदार सरपंच या उपसरपंच बन जाएंगे, वहां से भी सचिव का तबादला किया जाएगा। पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग ने सामान्य प्रशासन विभाग के आदेश के आधार पर यह नई गाइडलाइन जारी की है। विभाग ने सभी जिलों के कलेक्टरों और जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि तय समय सीमा के भीतर स्थानांतरण प्रक्रिया पूरी कराई जाए। बता दें कि मध्य प्रदेश में 23 हजार से ज्यादा पंचायत सचिव हैं।
यह प्रक्रिया 1 जून से ही मान्य
9 जून को जारी आदेश के अनुसार 15 जून तक जिले के भीतर पंचायत सचिवों के स्थानांतरण किए जा सकेंगे। स्थानांतरण प्रस्ताव जिला कलेक्टर की अनुशंसा और प्रभारी मंत्री की स्वीकृति के बाद जारी किए जाएंगे। यह प्रक्रिया एक जून से ही मान्य की जाएगी। विभागीय निर्देशों के मुताबिक स्थानांतरण आदेश मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत द्वारा जारी किए जाएंगे। नई गाइडलाइन में जिला एवं अंतरजिला स्तर पर पंचायत सचिवों के स्थानांतरण की प्रक्रिया भी तय की गई है।

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28 वर्ष की उम्र में राजनीति में रखा कदम, शिवलिंग विवाद और अब पाला बदल, सयानी की जुबानी

नई दिल्ली. पश्चिम बंगाल की सियासत की सबसे चर्चित चेहरों में से एक सयोनी घोष का ममता बनर्जी और अभिषेक बनर्जी की नजदीकी माना जाता रहा है। लेकिन सत्ता बदलते ही पाला बदल लिया है। सयानी भी टीएमसी के उन बागी सांसदों की फेहरिश्त में शामिल हो गयी है। जिन्होंने लोकसभा के स्पीकर ओम बिरला कमो पत्र लिखकर सदन में अलग बैठने और एनडीए को समर्थन करने का फैसला किया है।
हीरोइन से राजनेता बनी सयानी घोष ने अपने करियर की शुरूआत बहुत कम उम्र में की थी। 2010 में उन्होंने महज 17 वर्षीय बांग्ली फिलम में कदम रखा और समूचे बंगाल में उन्हें पहचान मिली। राजनीति में आने से पहले ही सयानी घोष सांस्कृतिक जगत का एक चर्चित चेहरा बन चुकी थी। जिसके बाद 28 साल की आयु में सियासत में कदम रखा औरे बहुत ही तेजी से ममता बनर्जी के भरोसेमंदर बन गयी है। सयानी घोष बंगाल की राजनीति में एक प्रमुख युवा चेहरा है। ममता बनर्जी के नजदीकी नेता बनने से लेकर सयानी घोष के सियासी पाला बदलने की कहानी काफी रोचक है।
अभिनेत्री से कैसी सयानी बनी नेता
सयानी घोष बंगाली सीरियल से अपनी अभिनय क्षमता साबित करने के बाद बांग्ला सिनेमा (टॉलीवुड) का रुख किया. 2011 में उन्होंने फिल्म ‘शत्रु’ में एक छोटी भूमिका निभाई, जिसने उन्हें काफी बड़ा बना दिया. ये उनके करियर के लिए एक बड़ा टर्निंग पॉइंट साबित हुई और उन्हें बंगाली सिनेमा में एक पहचान मिली है।   यही नहीं सयानी केवल स्क्रीन तक सीमित नहीं रहीं, बल्कि उन्होंने थियेटर (रंगमंच) में भी काम किया, जिसके चलते बंगाल के सामाजिक आंदोलन के जुड़े हुए लोगों की बीच अपनी जगह बनाई है।
अब बदल रही सियासी पाला
सयानी घोष अपने पांच साल के सियासी सफर में ख़ुद को ममता बनर्जी और अभिषेक बनर्जी की करीबी की तरह पेश करती हैं और अपने भाषणों में बार-बार ममता बनर्जी का ज़िक्र करती है।  सयानी ममता बनर्जी की तरह ही साड़ी पहनती हैं और कई बार उन्हीं की तरह चप्पल पहनकर सभाएं करती है।   इतना ही नहीं ममता कई बार कह चुकी हैं कि वो ममता बनर्जी को फ़ॉलो करती हूं। ममता बनर्जी को अपना राजनीतिक आदर्श और अभिषेक बनर्जी को नेता बताने वाली सयानी घोष बंगाल की सत्ता बदलते ही सियासी मिजाज भी बदल रहा. सयानी भी टीएमसी की उन बागी नेताओं की फेहरिश्त में शामिल हो गई है।  जो अभिषेक बनर्जी को लोकसभा संसदीय दल के TMC  के नेता पद से हटाना चाहती हैं और काकोली घोष को बनाना चाहते हैं. इतना ही नहीं संसद में अलग बैठने और एनडीए को समर्थन करना चाहता है.

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14 जून को 801 मेधावी छात्र-छात्राओं का होगा सम्मान-जनउत्थान न्यास

ग्वालियर। सामाजिक संस्था जन उत्थान न्यास द्वारा प्रत्येक वर्ष की भांति इस वर्ष भी हाई स्कूल एवं हायर सेकेंडरी में 75% एवं उसके ऊपर अंक लाने वाले सभी छात्र-छात्राओं को सम्मानित किया जाएगा। आयोजन की जानकारी देते हुए 16 ग्वालियर पूर्व के विधायक एवं जन उत्थान न्यास के अध्यक्ष डॉ. सतीश सिकरवार ने बताया कि छात्र-छात्राओं का मनोबल बढ़ाने के लिए जन उत्थान न्यास विगत कई वर्षों से छात्र-छात्राओं को सम्मानित करने का कार्य कर रही है। इस आयोजन में 801 छात्र-छात्राओं को सम्मानित किया जायेगा। विधायक डॉ. सतीश सिकरवार ने बताया कि सम्मान समारोह कार्यक्रम के लिए एक आयोजन समिति बनाई गई है, जो इस कार्यक्रम को भव्य रूप प्रदान कर सके।
आयोजन समिति ने बताया कि यह आयोजन 14 जून को प्रातः 10 बजे से स्थानीय संस्कृति गार्डन के बैंकेट हॉल मेला रोड सूर्य नमस्कार चौराहा पर आयोजित किया जाएगा। कार्यक्रम में मेधावी छात्र-छात्राओं को प्रमाण पत्र एवं प्रशस्ति पत्र भेंट कर सम्मानित करेंगे। पत्रकार वार्ता में डॉ राकेश अग्रवाल, संजय कट्ठल, उपाध्यक्ष विनोद जैन, कोषाध्यक्ष अवध धाकरे, सचिव अवधेश कौरव, सह सचिव केपी सिंह भदौरिया, नरेंद्र सिंह राजावत ,सुरेश प्रजापति, महेश कुशवाह, न्यासी आदित्य सिंह सिकरवार आदि मौजूद रहे। कार्यक्रम में छात्र-छात्राओं और उनके अभिभावकों समेत करीब दो हजार से अधिक गणमान्य जन के लिए सहभोज की व्यवस्था भी की गई है।

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20 हजार रूपये के लिये ली युवक की जान, बचाने आई मां पर चाकू से किया हमला

ग्वालियर. मुरार थाना इलाके में मात्र 20 हजानर रूपये के लेनदेन को लेकर 25 वर्षीय युवक मोनू राजे की चाकू मारकर हत्या कर दी गयी। बेटे को बचाने पहुंची मां को भी बदमाशों ने हमला कर गंभीर रूप से घायल कर दिया है।घटना बंशीपुरा हाथी खाना इलाके में बुधवार की दोपहर 2 बजे की है।
मृतक मोनू राजे मजदूरी का काम करता था। उसका कुछ लोगा से लगभग 20 हजार रूपये का लेन-देन चल रहा था। मोनू ने आरोपियों से कहा था कि उसके माता-पिता गांव गये हुए थे। उनके लौटने के बाद वह रकम लौटा देगा। बुधवार की सुबह ही उसके माता-पिता गांव से ग्वालियर वापिस आये है। परिजनों के अनुसार दोपहर लगीाग 2 बजे 5 युवक मोनू राजे को घर के नीचे बुलाकर गाली-गलौज करने लगे। उस वक्त उसके पिता अशोक राजे घर की छत पर मौजूद थे। जैसे ही मौनू नीचे पहुंचा, बदमाशों ने उसके साथ मारपीट शुरू कर दी। इसके बाद चाकू निकालकर उस पर ताबड़तोड़ हमला कर दिये।
गोलू कटारे का नाम आया सामने
दिनदहाड़े हुई इस वारदात के बाद इलाके में हड़कंप मच गया। सूचना मिलते ही भारी पुलिस बल घटनास्थल और अस्पताल पहुंचा। प्रारंभिक जांच में मुख्य आरोपी के रूप में गोलू कटारे का नाम सामने आया है।
पुलिस का कहना है
मुरार थाना सर्किल के सीएसपी अतुल सोनी ने बताया कि पैसों के लेनदेन को लेकर कुछ बदमाशों ने युवक पर चाकू से हमला किया, जिसमें उसकी मौत हो गई। बचाने आई मां भी घायल हुई हैं। पुलिस ने हत्या और हत्या के प्रयास सहित विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज कर फरार आरोपियों की तलाश शुरू कर दी है।

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Meta का पहला AI सेंटर भारत के जामनगर में खुलेगा

नई दिल्ली. फेसबुक की पैरेंट कम्पनी मेटा अब भारत में अपना पहला आर्टिफिशयल इंटेलीजेंस (एआई) डेटा सेंटर ओपन करने जा रही है। मेटा ने इसके लिये रिलायंस इंडस्ट्रीज के साथ पार्टनरशिप की है। यह डेटा सेंटर गुजरात राज्य के जामनगर में शुरू किया जायेगा। रिलायंस इंडस्ट्रीज जामनगर में सेंटर तैयार करेगी। जिसके बाद मेटा इसमें अपना ऑपरेशन शुरू करेगा। मेटा का यह एआई डेटा सेंटार के एआई मिशन को पॉवर देने का काम करेगा।
मेटा और रिलायंस पार्टनरशिप के तहत तैयार होने वाले एआई डेटा सेंटर 168 मेगावॉट कैपिसिटी के साथ शुरू किया जायेगा और बाद में इसका एक्सटेंशन किया जायेगा। यह सेंटर आने वाले 2 वर्षो में शुरू होगा।
रिलायंस निर्माण कर रही मेटा एआई डेटा सेंटर
रिलायंस इस फैक्ट्री का निर्माण करेगी। जबकि मेटा अपने एआई सिस्टम को सपोर्ट देने के लिये इसका उपयोग करेगी। यह सपोर्ट फेसबुक, इंस्टाग्राम और व्हाट्सएप जैसे प्रॉडक्ट में काम करता है। यह प्रोजेक्ट मार्क जकरबर्ग की उस बड़ी प्लानिंग को आगे बढायेगा। जिसको वह पर्सनल सुपर इंटेलीजेंस भी कहते हैं।
डेटा सेंटर को सर्विस देगी रिलायंस इंडस्ट्रीज
पार्टनरशिप के तहत रिलायंस इंडस्ट्रीज डेटा सेंटर के पूरे लाइफसाइकल के दौरान एंड-टू-एंड सर्विस देगी। इसमें डेटा सेंटर का डिजायन, डवलपमेंट, यूटिलिटी मैनेजमेंट, नवनीकरणीय ऊर्जा आपूर्ति, नेटवर्क कनेक्टिविटी और पूरी तरह से फुलीमैनेज्ड ऑपरेशन सर्विसेज को शामिल किया गया है।
रिलायंस अपनी स्थिति को मजूबत करेगी
पार्टनरशिप के तहत रिलायंस भारत में हाइपरस्केल AI इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए सिंगल-विंडो सॉल्यूशंस प्रोवाइडर के रूप में अपनी स्थिति को मजूबत करेगी. ग्राहकों को एक ही कंपनी के जरिए डेटा सेंटर से जुड़ी सभी प्रमुख सेवाएं उपलब्ध कराई जाएंगी.

 

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ग्वालियर में बैटरी कारोबारी का शव ऑफिस में मिला, शव के पास मिली अवैध पिस्टल

ग्वालियर. बहोड़ापुर थाना क्षेत्र स्थित ट्रांसपोर्ट नगर में बुधवार तड़के बैटरी कारोबारी का शव उनके किराए के गोदाम के ऑफिस में मिला। कारोबारी के सिर में गोली लगी थी और उसके पास 32 बोर की अवैध पिस्टल पड़ी हुई थी। घटना के बाद इलाके में सनसनी फैल गई। जानकारी के अनुसार शिवम गुप्ता (32) मंगलवार को रोज की तरह काम के लिए घर से निकले थे। देर रात तक घर नहीं लौटने पर परिजनों ने उनके मोबाइल पर संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन फोन बंद मिला। इसके बाद परिजन उनकी तलाश में निकल पड़े।
मौके से अवैध पिस्टल और मृतक का मोबाइल जब्त किया
रात करीब 3 बजे परिजन बहोड़ापुर स्थित ट्रांसपोर्ट नगर की पार्किंग नंबर-6 में बने गोदाम पहुंचे। गोदाम के अंदर बने ऑफिस का दरवाजा खोलते ही शिवम खून से लथपथ हालत में पड़े मिले। उनके सिर में गोली लगी हुई थी। सूचना मिलते ही बहोड़ापुर थाना पुलिस और एफएसएल टीम मौके पर पहुंची। पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण कर साक्ष्य जुटाए। मौके से अवैध पिस्टल और मृतक का मोबाइल जब्त किया गया है। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया।
शिवम बैटरी का कारोबार करता था
बताया जा रहा है कि शिवम अपने माता-पिता के इकलौते बेटे थे और बैटरी का कारोबार करते थे। परिवार के अनुसार वह सामान्य रूप से काम पर गए थे और उन्होंने किसी परेशानी का जिक्र नहीं किया था। ऐसे में उनकी मौत से परिवार गहरे सदमे में है।
जांच पूरी होने के बाद ही मौत की असली वजह स्पष्ट होगी- पुलिस
पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि शिवम ने यह कदम क्यों उठाया। उनके मोबाइल की कॉल डिटेल और आखिरी बार किससे बातचीत हुई थी, इसकी जांच की जा रही है। शुरुआती जांच में मामला आत्महत्या का लग रहा है, लेकिन घटनास्थल से अवैध पिस्टल मिलने के कारण पुलिस हर पहलू से जांच कर रही है। पुलिस का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही मौत की असली वजह स्पष्ट हो सकेगी।

 

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पाकिस्तान ने अफगानिस्तान पर एयरस्ट्राइक की, 11 बच्चों समेत 13 की मौत

नई दिल्ली. पाकिस्तान ने मंगलवार रात अफगानिस्तान पर एयरस्ट्राइक की। तालिबान के मुताबिक, इन हमलों में 13 लोगों की मौत हुई है। मरने वालों में 11 बच्चे, एक महिला और एक बुजुर्ग शामिल हैं। 14 महिलाएं घायल हुई हैं। तालिबान के मुख्य प्रवक्ता जबीहुल्लाह मुजाहिद ने कहा कि पाकिस्तान ने अफगानिस्तान के एयरस्पेस का उल्लंघन किया। उन्होंने आरोप लगाया कि पाकिस्तानी सेना ने कुनार, खोस्त और पक्तिका प्रांतों में आम घरों को निशाना बनाकर बमबारी की। मुजाहिद ने घायलों की फोटोज भी शेयर कीं। हालांकि पाकिस्तान ने अभी तक इस कार्रवाई के बारे में आधिकारिक तौर पर कोई जानकारी नहीं दी है। यह घटना ऐसे समय हुई है जब पाकिस्तान और अफगानिस्तान की तालिबान सरकार के बीच रिश्ते लगातार खराब होते जा रहे हैं। पिछले कई महीनों से दोनों देशों के बीच सीमा पर गोलीबारी हो रही है।

अफगानिस्तान में पाकिस्तान के हमले के बाद राहत और बचाव का काम जारी है। - Dainik Bhaskar
पाकिस्तान के 6 सुरक्षाकर्मी मारे गए
पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा प्रांत में 9 जून को एक बॉर्डर चौकी पर हुए हमले में पाकिस्तान के छह सुरक्षाकर्मियों की मौत हो गई थी। पाकिस्तानी अधिकारियों के मुताबिक हमले के दौरान आठ आतंकवादी भी मारे गए। अधिकारियों ने दावा किया कि हमलावरों ने सीमा चौकी पर कब्जा करने की कोशिश की थी।

पाकिस्तान की एयरस्ट्राइक के बाद काबुल में 2000 बेड के हॉस्पिटल में आग लग गई थी।

काबुल में तालिबान सरकार इन आरोपों को खारिज किया
पाकिस्तान लंबे समय से कहता रहा है कि उसकी सैन्य कार्रवाई आतंकवादी संगठनों के खिलाफ है, खासकर तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान के खिलाफ। पाकिस्तान का आरोप है कि तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान के लड़ाके अफगानिस्तान की जमीन से काम करते हैं और पाकिस्तान में हमले करते हैं। वहीं काबुल में तालिबान सरकार इन आरोपों को खारिज करती है। उसका कहना है कि वह किसी भी ऐसे समूह को पनाह नहीं दे रही है। इसके उलट तालिबान पाकिस्तान पर अफगानिस्तान की संप्रभुता का उल्लंघन करने का आरोप लगाता है।

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