फफक रोते हुए पिता बोले बेटा हमसे दूर चला गया, 28 वर्षीय वायुसेना में पायलट की गयी जान

नागपुर – फ्लाइट लेफ्टिनेंट पूर्वेश दुरागकर की मौत की खबर जैसे ही घर पहुंची, परिवार में मातम छा गया। दरअसल, असम के करबी आंगलोंग जिले में बुधवार की रात भारतीय वायुसेना का सुखोई एसयू-30 फाइटर जेट क्रैश हो गया। जिसमें पूर्वेश दुरागकर की मौत हो गयी। पूर्वेश के पिता रविन्द्र दुरागकर रेलवे से रिटायर्ड कर्मचारी है। उन्होंने कहा कि बुधवार को मेरे बेटे से अंतिम बार बात की थी। उन्हें क्या पता था कि यह बातचीत उनकी अंतिम बातचीत साबित होगी। गुरूवार की सुबह उन्हें पूर्वेश के ग्रुप कैप्टन का फोन आया। जिसमें उनके बेटे के निधन की खबर दी।
पिता ने कहा है कि पूर्वेश बचपन से ही भारतीय वायुसेना में जाने का सपना देखा करता था। इस सपने को पूरा करने के लिये उन्होंने पूरी मेहनत और समर्पण के साथ तैयारी की थी। आखिरकार वायुसेना में शामिल होकर अपने परिवार और शहर का नाम रोशन किया। उन्होंने कहा है कि उनका बेटा बेहद सामाजिक स्वभाव का था। देश सेवा के लिये सदैव तत्पर रहता था।
रविन्द्र दुरागकर ने बताया कि बेटा छत्रपति शिवाजी महाराज की विचारधारा से प्रेरित था। देश के लिये कुछ करना चाहता था। उन्होंने कहा कि एक पायलट को तैयार करने में देश को बहुत समय और संसाधन लगते हैं। इसलिये यह नुकसान सिर्फ उनके परिवार का ही नहीं बल्कि पूरे देश का है। उन्होनंे यह भी कहा कि घटना की जांच के बाद ही पता चलेगा कि आखिर दुर्घटना का कारण क्या था। लेकिन उनके लिये सबसे बड़ा दुःख यह है कि उनका बेटा अब उनके बीच नहीं रहा।
असम के तेजपुर एयरबेस पर पूर्वेश की थी तैनाती
पूर्वेश दुरागकर की तैनाती असम के तेजपुर एयरबेस पर थी। लेकिन इन दिनों तेजपुर के रनवे पर कुछ काम चल रहा था। लिये वह फिलहाल जोरहाट में तैनात थे। इसी बची यह हादसा होगया। शुक्रवार की शाम पूर्वेश दुरागकर का पार्थिव शरी नागपुर लाया जायेगा। इसके बाद पूरे राजकीय सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया जायेगा। प्रशासन और वायुसेना के ऑफिसर भी इस बीच मौजूद रहेंगे।












