B.Tech में AI, मशीन लर्निंग जानने वालों को सामान्य छात्रों से 150% ज्यादा पैकेज
नई दिल्ली. हायरिंग ट्रेंड बदल रहा है। कैम्पस में उन बीटेक फ्रेशर्स की डिमांड बढ़ रही है, जो एआई, मशीन लर्निंग, आईओटी, जैसे इमर्जिंग टेक्नोलॉजी में एक्सपर्ट है। स्टाफिंग सर्विसेज फर्म टीमलीज के अनुसार, बीटेक की डिग्री वाले छात्रों की सैलरी कुछ साल से स्थिर है। लेकिन अतिरिक्त योग्यता वाले लोगों की सैलरी 10प्रतिशत बढ़ी है।
एआई, मशीन लर्निंग या आईओटी स्क्लि वाले बीटेक ग्रेजुएट्स की सैलरी सामान्य बीटेक ग्रेजुएट्स की तुलना में 150प्रतिशत अधिक है। सामान्य फ्रेशन इंजीनियर्स की औसत वार्षिक सैलरी 3.8-4.5 लाख रूपये है। वहीं, नई इमर्जिंग टैक्नोलॉजी रिकल्स वाले बीटेक ग्रेजुएट्स को 7-10 लाख रूपये ऑफर दिये जा रहे है। टीमलीज डिजिटल के बिजनेस हेड-आईटी स्टाफिंग कृष्णा के अनुसार जो लोग इमर्जिंग टेक्नोलॉजीज में एक्सपर्ट है या अप्रेंटिसशिप करते है। उन्हें न सिर्फ बेहतर पदों पर नियुक्त किया जा रहा है। बल्कि वह अधिक वेतन पा रहे हैं।
एक्सपर्टो के अनुसार मौजूदा परिदृश्य में आईटी, मैन्युफैक्चरिंग और कंसल्टेंसी सेक्टर अनुभवी, प्रशिक्षित बीटेक और एमटेक टेक्नोक्रेट की तलाश कर रहे है। यह वह उम्मीदवार है। जिन्होंने या तो 6-12 माह तक पूर्णकालिक इंटर्नशिप की है या विशेष प्रशिक्षण प्राप्त किया है।
इन स्किल वालों को 7 से 10 लाख रुपये सालाना पैकेज
इंजीनियरिंग ग्रेजुएट के लिए सालाना पैकेज औसतन 3.8-4.5 लाख रुपये के बीच रहता है. हालांकि, एआई जैसी स्किल से लैस युवाओं को 7 से 10 लाख रुपये सालाना पैकेज दिए जा रहे हैं. आईटी, मैन्युफैक्चरिंग और कंसल्टेंसी सेक्टर में बीटेक और एमटेक कर चुके लोगों को लेकर कंपनियों के रुख में बदलाव आया है. अब वह देख रही हैं कि युवाओं ने स्किल बढ़ाने के लिए इंटर्नशिप समेत क्या किया है. अगर युवाओं ने 6 से 12 महीने तक डेटा साइंस, एआई, एमएल, एडिटिव मैन्युफैक्चरिंग (Additive Manufacturing), कैड (CAD), कैम (CAM), बिजनेस एनालिटिक्स (Business Analytics) और वेरी लार्ज स्केल इंटीग्रेशन (VLSI) जैसे प्रोजेक्ट किए हैं तो उन्हें प्राथमिकता दी जा रही है.
साइबर सिक्योरिटी के जानकारों को भी मिल रही अच्छी सैलरी
इसके अलावा एडब्ल्यूएस (AWS), सर्विस नाउ (ServiceNow), साइबर सिक्योरिटी (Cybersecurity) और सेल्स फोर्स (Sales Force) जैसी स्किल की भी डिमांड बढ़ रही है. बीटेक साइबर सिक्योरिटी पर 15 लाख रुपये तक के पैकेज मिल जा रहे हैं. जनरल बीटेक पर यही पैकेज 6 से 6.5 लाख रुपये तक है. इससे समझ आ रहा है कि स्किल पैसा बढ़ाने का सबसे महत्वपूर्ण साधन बन गया है. पिछले 10 साल में बीटेक ग्रेजुएट की औसत सैलरी 3 से 3.4 लाख रुपये से बढ़कर 3.8-4.5 लाख रुपये तक ही पहुंच पाई है. अब यह नया ट्रेंड युवाओं को मौका दे रहा है कि वो ऐसे स्किल हासिल कर अपने पैकेज को बढ़ा सकते हैं.

