महल रोड़ 10 दिन में धंसी 10 बार , यह सड़क सिंधिया के जयविलास पैलेस की ओर जाती है, एक महीने पहले बनी थी सड़क

ग्वालियर. मानसून की पहली वर्षा ने नगरनिगम और स्मार्ट सिटी द्वारा बनाई गयी सड़कों में सुरंग नजर आने लगी है। यही वजह है कि ग्वालियर स्मार्ट सिटी अब पूरे एमपी में चर्चा का विषय बन गयी है। सोमवार-मंगलवार की दरमियानी रात रिमझिम वर्षा के बाद मंगलवार की सुबह लोगों की नींद खुली, जीवाजी क्लब के पास स्थित महल रोड घंसी हुई मिली। सड़क धंसी थी बल्कि उसके नीचे सुरंग जैसी गहराई भी दिखाई देने लगी।
आपको दें कि केन्द्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया के महल तक जाने वाली यह वीआईपी और महंगी महल रोड़, पिछले 10 दिनों में 10 बार धंस चुकी है। यह सड़क महज एक माह पहले ही बनाई गयी थी। जबतिक इसके निर्माण के दौरान 6 माह तक स्थानीय लोगों का ेवन-वे ट्रैफिक की परेशानी झेलनी पड़ी थी। इसके बावजूद धंसी हुई सड़क देखने को मिली है। शहरवासियों में इसको लेकर गहरा आक्रोश है। वहीं स्मार्ट सिटी और नगरनिगम के अधिकारी इस पर कुछ भी बोलने से बच रहे हैं।
19 करोड़ के वाटर ड्रेनेज प्रोजेक्ट के तहत बनी थी रोड
बता दें कि एक महीने पहले 19 करोड़ के वाटर ड्रेनेज प्रोजेक्ट के तहत माधव नगर से चेतकपुरी के बीच लगभग 4.30 करोड़ रुपए की लागत में यह सड़क बनाई गई थी, जिसे महल रोड भी कहा जाता है। यह केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया के महल की बाउंड्री के साइड में अचलेश्वर तक जाती है।सड़क के निर्माण में लापरवाही और भ्रष्टाचार का आलम यह है कि यह सड़क मानसून की आमद से पहले ही 10 दिन में अलग-अलग जगह 10 बार धंसक चुकी है। मंगलवार सुबह जब महल रोड धंसी और उसमें एक ट्रक फंस गया, उसके बाद कई अन्य वाहन भी उसमें फंसते चले गए। जैसे ही सड़क धंसने की सूचना मिली, अमला तुरंत मौके पर पहुंच गया और हिटैची और रोलर के जरिए गड्ढों में गिट्टी भर दी गई।

