हाईकोर्ट कैम्पस में अंबेडकर की प्रतिमा को लेकर हंगामा, भीम आर्मी के कार्यकर्त्ता से मारपीट

ग्वालियर. उच्च न्यायालय की बेंच ग्वालियर में डॉ. भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा स्थापित किये जाने को लेकर चल रहे विवाद की स्थिति को शनिवार की दोपहर उच्च न्यायलय के गेट के सामने नेता रूपेश केन और बकीलों के बीच झूमाझटकी हो गयी। इसके बाद भारी संख्या में पुलिस बल तैनात कर दिया गया है। इस बीच भीम आर्मी महिला विंग ने नारे लगाये तो पुलिस बल ने उन्हें मौके से खदेड दिया गया है।
19 मई को होगी बैठक
बार एसोसियेशन के अध्यक्ष पावन पाठक ने बताया है कि अभी फिलहाल मूर्ति लगने न लगने का कोई विवाद नहीं है। हमारे दोनों पक्षों की बैठक मध्यप्रदेश के मुख्य न्यायाधीश के साथ होगी। उसके बाद समाधान का रास्ता निकल जायेगा। इससे ज्यादा इस मामले में कुछी नहीं कहना चाहता हूं। शाम तक एएसपी श्रीकृष्ण लालचंदानी, सीएसपी और टीआई मौके पर मौजूद है।
वकीलों की चेतावनी पर पहुंची भीम आर्मी, मारपीट
दो दिन पहले हुए तनाव और हंगामे के बाद वकीलों के एक गुट ने अंबेडकर की मूर्ति लगाने का प्रयास कर रहे लोगों को चेतावनी दी थी कि वह भीम आर्मी को बुलाकर लाए हैं, लेकिन भीम आर्मी आ जाए या कोई यहां मूर्ति नहीं लगने देंगे।इसके बाद भीम आर्मी के नेता रूपेश केन अपने साथियों के साथ पहुंच गए। शनिवार शाम वह हाई कोर्ट के बाहर खड़े हो गए। तनाव को देखते हुए पहले ही काफी तादाद में पुलिस बल तैनात था।5 बजे जैसे ही कोर्ट से वकील बाहर निकले तो वहां भीम आर्मी को देखते ही वहां हंगामा खड़ा हो गया। वकीलों ने पुलिस के रोकने के बाद भी भीम आर्मी के नेता को घेरकर मारपीट कर दी।
भीम आर्मी ने कहा-रूपेश केन पहले से हैं निष्कासित
इधर, इस मामले में शनिवार को भीम आर्मी ने बयान जारी किया है। भीम आर्मी के जिला संयोजक स्वतंत्र पाराशर ने कहा कि जिस रूपेश केन से मारपीट की गई है, उन्हें विधानसभा चुनाव 2023 में भीम आर्मी से 6 साल के लिए निष्कासित किया है। भीम आर्मी एकता मिशन से उनका कोई लेना-देना नहीं है, न ही वे सदस्य हैं और न कार्यकर्ता।

