राष्ट्रपति बोली उज्जैन में संस्कृति और सभ्यता की परंपर अस्तित्व में, गर्भगृह में पूजन कर देखा महाकाल लोक

उज्जैन. राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने उज्जैन में कहा है कि महाकाल की नगरी उज्जैनमें सदियों से संस्कृति और सभ्यता की परंपरा लगातार अस्तित्व में बनी हुई है। उज्जैन अंर्तराष्ट्रीय व्यापार का केन्द्र भी रहा है। राष्ट्रपति ने कहा है कि मैंने अपनी जनसेवा की यात्रा स्वच्छता के कार्य से ही की थी। नोटिफाइड एरिया काउंसिल की अध्यक्ष रहने के दौरान मैं प्रतिदिन एक वार्ड से दूसरे वार्ड जाती थी। सफाई कार्य का निरीक्षण करती थी। इस बीच अच्छे कामों को देखकर खुशी होती है। पिछले 10 वर्षो में स्वच्छता अभियान देशव्यापाी अभियन बन गया है। इससे देष में अभूतपूर्व परिवर्तन आया है। मुझे यह जानकारी काफी प्रसन्नता हुई है कि मध्यप्रदेष के कई शहरों को सुाई मित्र सुरक्षित शहर घोषित किया गया है। राष्ट्रपति ने सफाई मित्रों के सम्मेलन में अपने संबोधन की शुरूआत और अंत जय महाकाल के जयघोष के साथ किया है।
राष्ट्रपति ने इन सफाई मित्रों को किया सम्मानित
अनीता चावरे, वार्ड 38, जोन 5
किरण खोड़े, वार्ड 14, जोन 2
शोभा घावरी, वार्ड 33, जोन 3
रश्मि टांकले, वार्ड 13, जोन 1
गोपाल खरे, वार्ड 47, जोन 6
सामाजिक-धार्मिक विकास करेगा 6 लेन हाईवे
कार्यक्रम में राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने कहा- उज्जैन-इंदौर सिक्स लेन हाईवे से आध्यात्मिक-सांस्कृतिक नगरी उज्जैन आने वाले श्रद्धालुओं को सुविधा मिलेगी। यह हाईवे मध्यप्रदेश का पर्यटन, सामाजिक और धार्मिक विकास भी करेगा। वहीं, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश ने स्वच्छ भारत अभियान में देशभर में दूसरा स्थान पाया है। इंदौर सात बार से देशभर में सबसे स्वच्छ शहर बना हुआ है। सबसे स्वच्छ राजधानी का अवार्ड भी भोपाल को मिला है। यह हमारा गौरव है।कार्यक्रम में उज्जैन के पांच सफाई मित्रों को सम्मानित किया गया। राष्ट्रपति ने उज्जैन-इंदौर सिक्स लेन हाईवे का वर्चुअल भूमि पूजन भी किया। कार्यक्रम के बाद राष्ट्रपति ने महाकाल मंदिर में पंचामृत अभिषेक पूजन किया। महाकाल लोक भी देखा। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू, राज्यपाल मंगुभाई पटेल और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने महाकाल मंदिर में झाड़ू लगाकर सफाई भी की। इसके बाद राष्ट्रपति इंदौर के लिए रवाना हो गईं। यहां देवी अहिल्या बाई विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह में शिरकत करेंगी।

